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हेल्थ इंश्योरेंस के नाम पर लाखों हड़पकर कंपनी फरार
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बरेली। हेल्थ इंश्योरेंस के नाम पर एक कंपनी ने पॉलिसी धारकों से लाखों रुपये हड़प लिए। पूरी किश्तें जमा करने के बाद कंपनी के कर्मचारियों ने धारकों से संपर्क करना बंद कर दिया और ऑफिस भी बंद कर दिया गया। कोर्ट के आदेश पर पीड़ितों की शिकायत के मुताबिक आरोपी कंपनी और उसके पदाधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
बिथरी चैनपुर के गांव धारुपुर ठकुरान निवासी आरफीन खान ने 2004 में प्रेमनगर में एसएसडी प्लाजा स्थित एक हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी फेनोमेनल हेल्थ केयर सर्विसेज से 20 हजार रुपये की पॉलिसी खरीदी थी। आरफीन ने बताया कि यह पॉलिसी उन्होंने अपने पिता आबिद अली के नाम पर ली थी। उनके मुताबिक कंपनी के एमडी गोरखपुर के अरुण सोनी, चेयरमैन मुंबई के नंदलाल केसर सिंह, डायरेक्टर एमके सिंह और मैनेजर जितेंद्र तिवारी ने उन्हें आकर्षक स्कीम बताकर जाल में फंसा लिया। उनके रिश्तेदार मोबीन, मुख्तियार, अशरफ खां और दोस्तों समेत 25 लोगों ने भी कंपनी से 20-20 हजार में करीब 80 लाख की इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदी थी। पॉलिसी मेच्योर होने की समय आया तो कंपनी रुपये देने में आनाकानी करने लगी और फिर कंपनी के कर्मचारियों ने संपर्क करना बंद कर दिया। कार्यालय पहुंचे तो पता चला कि कंपनी बंद हो गई है।
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बिथरी चैनपुर के गांव धारुपुर ठकुरान निवासी आरफीन खान ने 2004 में प्रेमनगर में एसएसडी प्लाजा स्थित एक हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी फेनोमेनल हेल्थ केयर सर्विसेज से 20 हजार रुपये की पॉलिसी खरीदी थी। आरफीन ने बताया कि यह पॉलिसी उन्होंने अपने पिता आबिद अली के नाम पर ली थी। उनके मुताबिक कंपनी के एमडी गोरखपुर के अरुण सोनी, चेयरमैन मुंबई के नंदलाल केसर सिंह, डायरेक्टर एमके सिंह और मैनेजर जितेंद्र तिवारी ने उन्हें आकर्षक स्कीम बताकर जाल में फंसा लिया। उनके रिश्तेदार मोबीन, मुख्तियार, अशरफ खां और दोस्तों समेत 25 लोगों ने भी कंपनी से 20-20 हजार में करीब 80 लाख की इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदी थी। पॉलिसी मेच्योर होने की समय आया तो कंपनी रुपये देने में आनाकानी करने लगी और फिर कंपनी के कर्मचारियों ने संपर्क करना बंद कर दिया। कार्यालय पहुंचे तो पता चला कि कंपनी बंद हो गई है।
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