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...तो कुख्यात अपराधी चंदन ने बनाई थी भागने की योजना
Updated Sun, 13 May 2018 06:15 PM IST
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बदायूं।
गोरखपुर जिले के कुख्यात अपराधी चंदन के खिलाफ करीब 27 मुकदमे दर्ज हैं। यह बदायूं जेल में सबसे शातिर अपराधियों में गिना जाता है। करीब दो साल पहले चंदन बीमारी का बहाना बनाकर आगरा मेडिकल कॉलेज में भर्ती हुआ था। वहीं से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। उसके बाद लखनऊ-गोरखपुर इलाके में पकड़ा गया और दोबारा यहां लाकर शिफ्ट कर दिया। तभी से चंदन कई बार भागने की योजना बना चुका था, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। परंतु इस बार बनाई गई योजना में मुरादाबाद निवासी सुमित भागने में सफल रहा। इससे माना जा रहा है कि भागने की योजना चंदन ने ही बनाई थी।
इलाज न कराने की जेल प्रशासन की कर चुका था शिकायत
बदायूं जेल में आने के बाद से कुख्यात अपराधी चंदन कई बार जेल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए शिकायत कर चुका है। करीब दो माह पूर्व चंदन का भाई अभय सिंह भी बदायूं आया था। उसने डीएम से लेकर एसएसपी को भी शिकायती पत्र सौंपे थे। उसने चंदन सिंह का इलाज कराने की मांग की थी। इस पर जिला प्रशासन ने एक टीम बनाकर चंदन का जिला कारागार में ही मेडिकल परीक्षण कराया था।
पहले से तैयार किए गए थे रस्सा फेंकने वाले
जेल के अंदर बंदियों को भगाने का पूरा प्लान पहले से तैयार किया गया था। माना जा रहा है कि इनसे कोई मिलने आया था। उसी समय तय हो गया था कौन से दिन और किस समय फरार होना है। सहयोग करने वाले पहले से तैयार थे। बंदियों द्वारा दिए गए समय के अनुसार बाहर से रस्सी फेंकी गई। साथ में एक पिस्टल भी फेंकी गई।
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प्लान के बाद की गई थी रेकी
जिला जेल के अंदर से किसी बंदी या कैदी के भागने की यह पहली घटना है। इससे पहले किसी भी बंदी ने जेल से भागने की हिम्मत नहीं जुटाई।
ट्रक हटवाने को जेल प्रशासन पहले लिख चुका था चिट्ठी
जिला जेल की दीवार के सहारे खड़े ट्रकों को हटवाने के लिए जेल प्रशासन पहले ही चिट्ठी लिख चुका था। जेल प्रशासन ने अनुमान जताया था कि कहीं न कहीं दीवार के सहारे खड़े ट्रक खतरा बन सकते हैं। अगर उस समय जेल प्रशासन की बात पर अमल हो जाता तो शायद बंदी सुमित को भागने का मौका नहीं मिलता।
जिले भर की पुलिस अलर्ट, सीमाएं सील
एसएसपी अशोक कुमार ने जिले भर की पुलिस को अलर्ट कर दिया है। एसएसपी के निर्देश पर जिले की सीमाएं सील करने के साथ चेकिंग शुरू कर दी गई, जो देर रात तक जारी रही।
एक बंदी भागा है, जबकि दूसरे को पकड़ लिया गया। दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। घटना की गहराई से छानबीन की जा रही है।
-जेके श्रीवास्तव, एसपी सिटी
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गोरखपुर जिले के कुख्यात अपराधी चंदन के खिलाफ करीब 27 मुकदमे दर्ज हैं। यह बदायूं जेल में सबसे शातिर अपराधियों में गिना जाता है। करीब दो साल पहले चंदन बीमारी का बहाना बनाकर आगरा मेडिकल कॉलेज में भर्ती हुआ था। वहीं से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। उसके बाद लखनऊ-गोरखपुर इलाके में पकड़ा गया और दोबारा यहां लाकर शिफ्ट कर दिया। तभी से चंदन कई बार भागने की योजना बना चुका था, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। परंतु इस बार बनाई गई योजना में मुरादाबाद निवासी सुमित भागने में सफल रहा। इससे माना जा रहा है कि भागने की योजना चंदन ने ही बनाई थी।
इलाज न कराने की जेल प्रशासन की कर चुका था शिकायत
बदायूं जेल में आने के बाद से कुख्यात अपराधी चंदन कई बार जेल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए शिकायत कर चुका है। करीब दो माह पूर्व चंदन का भाई अभय सिंह भी बदायूं आया था। उसने डीएम से लेकर एसएसपी को भी शिकायती पत्र सौंपे थे। उसने चंदन सिंह का इलाज कराने की मांग की थी। इस पर जिला प्रशासन ने एक टीम बनाकर चंदन का जिला कारागार में ही मेडिकल परीक्षण कराया था।
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पहले से तैयार किए गए थे रस्सा फेंकने वाले
जेल के अंदर बंदियों को भगाने का पूरा प्लान पहले से तैयार किया गया था। माना जा रहा है कि इनसे कोई मिलने आया था। उसी समय तय हो गया था कौन से दिन और किस समय फरार होना है। सहयोग करने वाले पहले से तैयार थे। बंदियों द्वारा दिए गए समय के अनुसार बाहर से रस्सी फेंकी गई। साथ में एक पिस्टल भी फेंकी गई।
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प्लान के बाद की गई थी रेकी
जिला जेल के अंदर से किसी बंदी या कैदी के भागने की यह पहली घटना है। इससे पहले किसी भी बंदी ने जेल से भागने की हिम्मत नहीं जुटाई।
ट्रक हटवाने को जेल प्रशासन पहले लिख चुका था चिट्ठी
जिला जेल की दीवार के सहारे खड़े ट्रकों को हटवाने के लिए जेल प्रशासन पहले ही चिट्ठी लिख चुका था। जेल प्रशासन ने अनुमान जताया था कि कहीं न कहीं दीवार के सहारे खड़े ट्रक खतरा बन सकते हैं। अगर उस समय जेल प्रशासन की बात पर अमल हो जाता तो शायद बंदी सुमित को भागने का मौका नहीं मिलता।
जिले भर की पुलिस अलर्ट, सीमाएं सील
एसएसपी अशोक कुमार ने जिले भर की पुलिस को अलर्ट कर दिया है। एसएसपी के निर्देश पर जिले की सीमाएं सील करने के साथ चेकिंग शुरू कर दी गई, जो देर रात तक जारी रही।
एक बंदी भागा है, जबकि दूसरे को पकड़ लिया गया। दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। घटना की गहराई से छानबीन की जा रही है।
-जेके श्रीवास्तव, एसपी सिटी