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वायरल हुई कोतवाली पुलिस की ‘लूट’ तो आधा घंटे में जेल भेज दिए दो लड़के
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Sat, 26 May 2018 01:33 AM IST
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यूपी पुलिस
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डीजीपी शहर में थे और कोतवाली पुलिस 12 घंटे से दो लड़कों को अवैध हिरासत में बैठाए थी। लड़कों ने पुलिस पर 18 हजार रुपये लूटने का आरोप लगाया। इसका वीडियो ट्वीटर पर वायरल हुआ तो अफसरों में हड़कंप मच गया। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने सीओ प्रथम कुलदीप कुमार को जांच के लिए कोतवाली भेजा। मामला बिगड़ते देख कोतवाल ने तीन पुलिसकर्मियों को लगाकर मामले की फर्द बनाई और दिनों लड़कों को जेल भेज दिया। आरोप लगाया कि वे दिल्ली से मालिक का मोबाइल और रुपये चोरी करके भागे थे। हालांकि इस मामले की अब तक दिल्ली में रिपोर्ट दर्ज नहीं है।
बृहस्पतिवार रात दो बजे कोतवाली पुलिस ने दामोदर स्वरूप पार्क से किला छावनी निवासी प्रदीप और रंजीत को पकड़कर कोतवाली में बैठा लिया। रात से लेकर शुक्रवार दोपहर दो बजे तक दोनों कोतवाली में बैठे रहे। इसी बीच किसी ने उनका वीडियो ट्वीटर पर वायरल कर दिया। इसमें दोनों बता रहे हैं कि वे दिल्ली से काम करके लौटे थे। पुलिस ने उनसे करीब 18 हजार रुपये छीन लिए। आरोप लगाया कि पुलिस ने खाना भी नहीं दिया और पिटाई करके कबूल कराया कि रुपये चोरी करके लाए हैं। छोड़ने के नाम पर भी रुपये मांगने के आरोप लगाए। वीडियो वायरल होते ही हड़कंप मच गया। एसएसपी ने सीओ को मामले की जांच के निर्देश दिए तो वह कोतवाली पहुंच गए। दोनों से पूछताछ में पता चला कि दोनों दिल्ली में कापसहेड़ा बॉर्डर पर मछली व्यापारी बाबूराम के यहां काम करते थे। चार महीने से तनख्वाह नहीं मिली तो मछली खरीदने को मिले 18 हजार रुपये और बाबूराम के बेटे का मोबाइल लेकर चले आए। इसके बाद अवैध हिरासत के मामले में कार्रवाई से बचने के लिए कोतवाली पुलिस ने खुद को बचाने की कार्रवाई शुरू कर दी। जंक्शन चौकी से एक सिपाही रुपये लेकर कोतवाली पहुंचा। चौकी इंचार्ज अजब सिंह ने फर्द बनाई और दो सिपाही मेडिकल कराने में लगाए गए। आनन-फानन में यह कार्रवाई पूरी करके रुपये एवं चोरी के मोबाइल की बरामदगी दिखाकर जेल भेज दिया। इंस्पेक्टर गीतेश कपिल के मुताबिक, बाबूराम ने शनिवार को दिल्ली में रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही है।
पकड़े गए दोनों युवक दिल्ली से मोबाइल और रुपये चोरी करके भागे थे। उनसे तीन मोबाइल और 18 हजार रुपये बरामद हुए हैं। दोनों के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है। - कलानिधि नैथानी, एसएसपी
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बृहस्पतिवार रात दो बजे कोतवाली पुलिस ने दामोदर स्वरूप पार्क से किला छावनी निवासी प्रदीप और रंजीत को पकड़कर कोतवाली में बैठा लिया। रात से लेकर शुक्रवार दोपहर दो बजे तक दोनों कोतवाली में बैठे रहे। इसी बीच किसी ने उनका वीडियो ट्वीटर पर वायरल कर दिया। इसमें दोनों बता रहे हैं कि वे दिल्ली से काम करके लौटे थे। पुलिस ने उनसे करीब 18 हजार रुपये छीन लिए। आरोप लगाया कि पुलिस ने खाना भी नहीं दिया और पिटाई करके कबूल कराया कि रुपये चोरी करके लाए हैं। छोड़ने के नाम पर भी रुपये मांगने के आरोप लगाए। वीडियो वायरल होते ही हड़कंप मच गया। एसएसपी ने सीओ को मामले की जांच के निर्देश दिए तो वह कोतवाली पहुंच गए। दोनों से पूछताछ में पता चला कि दोनों दिल्ली में कापसहेड़ा बॉर्डर पर मछली व्यापारी बाबूराम के यहां काम करते थे। चार महीने से तनख्वाह नहीं मिली तो मछली खरीदने को मिले 18 हजार रुपये और बाबूराम के बेटे का मोबाइल लेकर चले आए। इसके बाद अवैध हिरासत के मामले में कार्रवाई से बचने के लिए कोतवाली पुलिस ने खुद को बचाने की कार्रवाई शुरू कर दी। जंक्शन चौकी से एक सिपाही रुपये लेकर कोतवाली पहुंचा। चौकी इंचार्ज अजब सिंह ने फर्द बनाई और दो सिपाही मेडिकल कराने में लगाए गए। आनन-फानन में यह कार्रवाई पूरी करके रुपये एवं चोरी के मोबाइल की बरामदगी दिखाकर जेल भेज दिया। इंस्पेक्टर गीतेश कपिल के मुताबिक, बाबूराम ने शनिवार को दिल्ली में रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही है।
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पकड़े गए दोनों युवक दिल्ली से मोबाइल और रुपये चोरी करके भागे थे। उनसे तीन मोबाइल और 18 हजार रुपये बरामद हुए हैं। दोनों के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है। - कलानिधि नैथानी, एसएसपी
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