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मदरसा पासपोर्ट घोटाला: फाइल दबा गए थे अफसर

Mon, 31 Dec 2018 12:52 AM IST
pawan chandra पवन चंद्रा
Updated Mon, 31 Dec 2018 12:52 AM IST
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मदरसा पासपोर्ट घोटाला: फाइल दबा गए थे अफसर
बरेली। मदरसा बोर्ड की फर्जी मार्कशीट के जरिए पासपोर्ट बनवाने की घपलेबाजी का खुलासा इंटेलीजेंस रिपोर्ट में दो साल पहले ही हो चुका था। इस रिपोर्ट में फर्जी मार्कशीट के खेल में यूपी मदरसा बोर्ड और पासपोर्ट कार्यालय के कर्मचारियों की मिलीभगत का जिक्र किया गया। किला, कैंट के छह दलालों के नाम भी उजागर किए गए थे। तत्कालीन एसपी इंटेलीजेंस बसंत लाल ने शासन, डीएम और एसएसपी कार्यालय में यह खुफिया रिपोर्ट भेजी थी। लेकिन अफसर यह रिपोर्ट दबा गए। नतीजतन खुलेआम पासपोर्ट कार्यालय के बाहर सक्रिय दलाल कम पढ़े लिखे लोगों को खाड़ी देशों में भिजवाने के लिए फर्जी मार्कशीट की घपलेबाजी का खेल चलाते रहे।
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रिपोर्ट में साफ लिखा गया ठिरिया निजावत खां में रहने वाले एक दलाल ने बहुत कम समय में अच्छी संपत्ति अर्जित की। दलाल पहले टेंपो चलाने का काम करता था, लेकिन पासपोर्ट ऑफिस के पास सक्रिय रहने के बाद आलीशान कोठी खड़ी कर ली। पुराने पासपोर्ट कार्यालय से किला निवासी दलाल गिरोह के लिए काम करता है। वही पीलीभीत पासपोर्ट कार्यालय के बाहर बैठने वाले बारादरी के दलाल का काम भोले भाले लोगों को मार्कशीट बनवाने के लिए फंसाने का था। रिपोर्ट में जिक्र है कि मार्कशीट बनवाने के लिए लोगों से 25 से 50 हजार रुपये तक वसूले जाते हैं, जैसा ग्राहक वैसा रेट होता है। यह लाखों का खेल है।
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इन नामों का खुफिया रिपोर्ट में हुआ था खुलासा
कैंट का रमजानी
किला के जावेद
कैंट का सलीमा
नरकुलागंज का नफीस
सुर्खा बानखाना का वीरु
कटरा चांद खां का नूरी

संदिग्ध पकड़े जाते तो मिलता मास्टर माइंड
मदरसा बोर्ड की तहरीर पर फर्जी अंकपत्र मामले में लखनऊ के हजरतगंज थाने में अज्ञात के नाम से एफआईआर दर्ज कर ली है। एक माह पहले की मदरसा बोर्ड रजिस्ट्रार की शिकायत पर यह मामला दर्ज किया गया है। मदरसा शिक्षा परिषद का मानना है कि 52 लोगों के फर्जी अंकपत्रों में सभी दोषी नहीं हैं। इसमें कोई न कोई मास्टर माइंड है। जो धन उगाई के लिए ऐसे लोगों के नाम का इस्तेमाल कर रहा है।
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मदद चाहिए.. मुझसे संपर्क कर लें
2016 में जांच करने वाले दरोगा ने लखनऊ में एफआईआर होने के बाद एलआईयू के ग्रुप में यह भी लिखा कि अगर जांच में मदद चाहिए तो उनसे संपर्क कर लें। दरअसल, बरेली से बने कई पासपोर्ट संदिग्ध लोगों के हाथों में पहुंच गए हैं। ये लोग खाड़ी देशों में काम धंधे के लिए जाते रहे हैं, ऐसे में इनमें से कुछ के आतंकवादी संगठनों के संपर्क में आने की आशंका से भी इन्कार नहीं किया जा सकता है।


‘लखनऊ पुलिस तफ्तीश कर रही है। इस जांच में जहां भी बरेली पुलिस की मदद की जरूरत होगी, दी जाएगी। इस जांच में जो भी लोग सामने आएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।’
- ध्रुवकांत ठाकुर, आईजी बरेली रेंज
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