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प्रताप अस्पताल में हंगामा
Updated Fri, 01 Jun 2018 12:39 AM IST
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कर्मचारीनगर स्थित प्रताप अस्पताल में भाजपा नेत्री तेजस्वनी सिंह और अस्पताल स्टाफ के बीच इलाज में लापरवाही को लेकर जमकर बवाल हुआ। डॉक्टर वीरेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक, भाजपा नेत्री ने उनके स्टाफ को चप्पलों से पीटा। उन्होंने बीच-बचाव का प्रयास किया तो वह उनके ऊपर भी झपटी। पुलिस ने पहुंचकर मामला शांत कराने की कोशिश की लेकिन दोनों पक्ष एक दूसरे पर आरोप लगाते रहे। बाद में भाजपा नेत्री ने इज्जतनगर थाने में डॉ. वीरेंद्र और उनके स्टाफ के खिलाफ अभद्रता करने की तहरीर सौंपी।
भाजपा नेत्री तेजस्वनी सिंह के मुताबिक, वह शुगर पेशेंट हैं। बृहस्पतिवार को इन्फेक्शन होने के बाद लूज मोशन हो गए तो वह शाम करीब साढ़े पांच बजे कर्मचारीनगर स्थित प्रताप अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचीं। तब डॉ. वीरेंद्र प्रताप ने उनसे पांच हजार रुपये जमा करने को कहा। इस पर तेजस्वनी ने कहा कि रुपये चाहे तीन गुना जमा करा लो, लेकिन कमरा एसी और अटैच टायलेट वाला होना चाहिए। उनका आरोप है कि जिस कमरे में उन्हें शिफ्ट किया गया, उसमें एसी ठीक से काम नहीं कर रहा था। टायलेट के लिए भी उन्हें बाहर जाना पड़ रहा था। इस वजह से स्टाफ ने ड्रिप भी हटा दी थी। इसी बीच डॉक्टर का असिस्टेंट अरविंद वहां आए। आरोप है कि उनसे शिकायत करने पर उन्होंने अभद्रता की। विवाद बढ़ने पर अस्पताल में हंगामा शुरू हो गया। कुछ देर में वीरेंद्र प्रताप भी वहां पहुंचे।
सीएम कार्यालय में फैक्स के बाद एसएसपी को आया फोन
तेजस्वनी सिंह ने बताया कि उनके साथ कवयित्री सिया सजदेव भी गईं थीं। उन्होंने पूरा वाकया मुख्यमंत्री कार्यालय को फैक्स कर दिया। मुख्यमंत्री कार्यालय से एसएसपी को फोन आने के बाद इज्जतनगर थाने से इंस्पेक्टर संजय सिंह अस्पताल पहुंचे। भाजपा नेत्री का आरोप है कि डॉ. वीरेंद्र प्रताप ने इंस्पेक्टर के सामने कहा कि तुम अपनी औकात में रहो, वरना गोली मार दूंगा। इसके बाद पुलिस ने समझाकर मामला शांत कराया।
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भाजपा नेत्री स्टाफ पर चिल्लाने लगीं, फिर चप्पल उतारकर उनकी पिटाई करने लगीं। मैंने बीच-बचाव करना चाहा तो मुझे भी गालियां देने लगीं। उनके बेटे का फोन आया था। उसने माफी मांगी है। - डॉ. वीरेंद्र प्रताप
इलाज के नाम पर खेल करता है स्टाफ। रुपये जमा कराए लेकिन सुविधाएं नहीं दीं। मेरी तबीयत बिगड़ गई। मुझसे अभद्रता की गई। मैंने थाने में तहरीर सौंपी है। - तेजस्वनी सिंह, भाजपा नेत्री
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भाजपा नेत्री तेजस्वनी सिंह के मुताबिक, वह शुगर पेशेंट हैं। बृहस्पतिवार को इन्फेक्शन होने के बाद लूज मोशन हो गए तो वह शाम करीब साढ़े पांच बजे कर्मचारीनगर स्थित प्रताप अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचीं। तब डॉ. वीरेंद्र प्रताप ने उनसे पांच हजार रुपये जमा करने को कहा। इस पर तेजस्वनी ने कहा कि रुपये चाहे तीन गुना जमा करा लो, लेकिन कमरा एसी और अटैच टायलेट वाला होना चाहिए। उनका आरोप है कि जिस कमरे में उन्हें शिफ्ट किया गया, उसमें एसी ठीक से काम नहीं कर रहा था। टायलेट के लिए भी उन्हें बाहर जाना पड़ रहा था। इस वजह से स्टाफ ने ड्रिप भी हटा दी थी। इसी बीच डॉक्टर का असिस्टेंट अरविंद वहां आए। आरोप है कि उनसे शिकायत करने पर उन्होंने अभद्रता की। विवाद बढ़ने पर अस्पताल में हंगामा शुरू हो गया। कुछ देर में वीरेंद्र प्रताप भी वहां पहुंचे।
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सीएम कार्यालय में फैक्स के बाद एसएसपी को आया फोन
तेजस्वनी सिंह ने बताया कि उनके साथ कवयित्री सिया सजदेव भी गईं थीं। उन्होंने पूरा वाकया मुख्यमंत्री कार्यालय को फैक्स कर दिया। मुख्यमंत्री कार्यालय से एसएसपी को फोन आने के बाद इज्जतनगर थाने से इंस्पेक्टर संजय सिंह अस्पताल पहुंचे। भाजपा नेत्री का आरोप है कि डॉ. वीरेंद्र प्रताप ने इंस्पेक्टर के सामने कहा कि तुम अपनी औकात में रहो, वरना गोली मार दूंगा। इसके बाद पुलिस ने समझाकर मामला शांत कराया।
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भाजपा नेत्री स्टाफ पर चिल्लाने लगीं, फिर चप्पल उतारकर उनकी पिटाई करने लगीं। मैंने बीच-बचाव करना चाहा तो मुझे भी गालियां देने लगीं। उनके बेटे का फोन आया था। उसने माफी मांगी है। - डॉ. वीरेंद्र प्रताप
इलाज के नाम पर खेल करता है स्टाफ। रुपये जमा कराए लेकिन सुविधाएं नहीं दीं। मेरी तबीयत बिगड़ गई। मुझसे अभद्रता की गई। मैंने थाने में तहरीर सौंपी है। - तेजस्वनी सिंह, भाजपा नेत्री