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तेजाब पिलाने से किशोर की मौत का मामला- डीएम बड़े या दरोगा जी...
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बरेली। किशोर सदन में तेजाब पिलाने से हुई किशोर की मौत के मामले में लापरवाही की इंतिहा हो गई। जीवित रहते मजिस्ट्रेट बयान नहीं कराए गए तो पोस्टमार्टम में कई घंटे लग गए जबकि डीएम ने रात में ही पोस्टमार्टम के आदेश दिए थे।
बजरिया इनायतगंज निवासी 14 वर्षीय फैसल दोस्त गुलजार की हत्या में एक साथी समेत किशोर सदन में बंद था। रविवार रात किशोर सदन के स्टाफ ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। मामा पप्पू ने बताया कि फैसल की हालत गंभीर थी, वह 24 घंटे जीवित भी रहा। कह रहा था कि गले में तेजाब जैसा है। स्टाफ से लेकर पुलिस तक ने मजिस्ट्रेट बयान नहीं कराया। सोमवार शाम एक इंजेक्शन लगने के बाद उसकी मौत हो गई। नाराजगी जताई तो स्टाफ और साथ आए होमगार्ड खिसक गए। शिकायत पर डीएम ने रात में ही पोस्टमार्टम का आदेश दिया। वे किला थाने गए तो पुलिस ने सुबह पंचनामा की बात कहकर टाल दिया। सराय चौकी प्रभारी विकास यादव ने दोपहर ढाई बजे पंचनामा भरवाया तो चार बजे पोस्टमार्टम हुआ। इस बारे में किला थाना प्रभारी डीसी शर्मा का कहना था कि रात में पंचनामा नहीं हो सकता था। दिन में किशोर सदन का स्टाफ व मजिस्ट्रेट के आने पर पंचनामा भरा गया। परिजनों ने साजिश का आरोप लगाते हुए तहरीर देने की बात कही है।
फटा मिला फैसल का पेट और आंतें
फैसल की मौत तेजाब जैसा पदार्थ पीने से ही हुई। दो डॉक्टरों के पोस्टमार्टम में इसकी पुष्टि हो गई। उसका पेट और आंतें फट गई थीं। अंदर पेट जला था। फिर भी तेजाब या अन्य पदार्थ की प्रकृति जानने को विसरा सुरक्षित किया है।
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पनीर में तो नहीं था तेजाब
फैसल ने मरने से पहले मां को बताया कि उस दिन किशोर सदन में मीट बना था। उसने खाने से मना किया। तब उसे पनीर लाकर दिया गया। इसे खाने के बाद से उसकी हालत बिगड़ गई। वैसे किशोर सदन में तेजाब कैसे आया, किसने पिलाया जैसे सवाल लोगों की जुबां पर हैं।
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बजरिया इनायतगंज निवासी 14 वर्षीय फैसल दोस्त गुलजार की हत्या में एक साथी समेत किशोर सदन में बंद था। रविवार रात किशोर सदन के स्टाफ ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। मामा पप्पू ने बताया कि फैसल की हालत गंभीर थी, वह 24 घंटे जीवित भी रहा। कह रहा था कि गले में तेजाब जैसा है। स्टाफ से लेकर पुलिस तक ने मजिस्ट्रेट बयान नहीं कराया। सोमवार शाम एक इंजेक्शन लगने के बाद उसकी मौत हो गई। नाराजगी जताई तो स्टाफ और साथ आए होमगार्ड खिसक गए। शिकायत पर डीएम ने रात में ही पोस्टमार्टम का आदेश दिया। वे किला थाने गए तो पुलिस ने सुबह पंचनामा की बात कहकर टाल दिया। सराय चौकी प्रभारी विकास यादव ने दोपहर ढाई बजे पंचनामा भरवाया तो चार बजे पोस्टमार्टम हुआ। इस बारे में किला थाना प्रभारी डीसी शर्मा का कहना था कि रात में पंचनामा नहीं हो सकता था। दिन में किशोर सदन का स्टाफ व मजिस्ट्रेट के आने पर पंचनामा भरा गया। परिजनों ने साजिश का आरोप लगाते हुए तहरीर देने की बात कही है।
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फटा मिला फैसल का पेट और आंतें
फैसल की मौत तेजाब जैसा पदार्थ पीने से ही हुई। दो डॉक्टरों के पोस्टमार्टम में इसकी पुष्टि हो गई। उसका पेट और आंतें फट गई थीं। अंदर पेट जला था। फिर भी तेजाब या अन्य पदार्थ की प्रकृति जानने को विसरा सुरक्षित किया है।
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पनीर में तो नहीं था तेजाब
फैसल ने मरने से पहले मां को बताया कि उस दिन किशोर सदन में मीट बना था। उसने खाने से मना किया। तब उसे पनीर लाकर दिया गया। इसे खाने के बाद से उसकी हालत बिगड़ गई। वैसे किशोर सदन में तेजाब कैसे आया, किसने पिलाया जैसे सवाल लोगों की जुबां पर हैं।