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दो पक्षों के 19 लोगों को मारपीट में सजा
Updated Tue, 20 Jun 2017 11:34 AM IST
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बरेली।
थाना भमोरा के ग्राम यूसुफपुर में 16 वर्ष पहले बैल खेत में घुसने को लेकर र्हुई मारपीट के मामले में एक पक्ष के 15 लोगों को दो-दो वर्ष की कैद व दूसरे पक्ष के तीन लोगों को छह-छह माह की सजा सुनाई गई। सजा के बाद दोनों पक्षों को निर्णय के खिलाफ अपील करने का अवसर देते हुए व्यक्तिगत बंधनामे पर रिहा कर दिया गया। अभियोजन के अनुसार, ग्राम यूसुफपुर के वादी वीरेंद्र कुमार ने थाना भमोरा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह 28 अगस्त, 2001 को खेत में पानी लगाने को इंजन लेकर जा रहा था कि बुंदे के खेत मे बैल चला गया तो भूरे खां गाली-गलौच करने लगा। जातिसूचक शब्दों का भी प्रयोग किया। बचाने आए परिवारवालों से मारपीट भी की। मामले में गांव के भूरे खां, एशान मोहम्मद, अमीर दूल्हा, मिसिरयार खां, मोहम्मद इकलास, मुशाद अली, तौखीर अहमद, इम्त्याज पुत्र मकसूद अली, इम्त्याज पुत्र इल्यिास, छोटा उर्फ अतीकउल्ला, टेना खां, मझले खां, इश्त्यिाक खां, हब्बू खां तथा कर्रू खां के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया था। आरोप पत्र न्यायालय आया। इन सभी को दो-दो वर्ष की सजा सुनाई गई। दूसरी ओर इसी मामले को लेकर मिसिरयार खां ने रिपोर्ट लिखाई कि उनके धान के खेत में बैल घुसने पर टोकने पर रामभरोसे, घनश्याम, हरीराम व राम सिंह ने मारपीट की। राम सिंह की विचारण के दौरान मौत हो गई। रामभरोसे, घनश्याम व हरीराम को छह-छह माह की सजा सुनाई गई।
महिला की जमानत याचिका खारिज
बरेली। नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने में सहयोग करनी की आरोपी थाना फरीदपुर के ग्राम बिलौआ निवासी मुन्नी देवी की जमानत अर्जी विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अरुण कुमार पाठक ने खारिज कर दी। एडीजीसी फौजदारी जहां आरा के अनुसार वादी ने थाना फरीदपुर में इस आशय की रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 16 नवंबर, 2015 को शाम छह बजे उनकी 14 वर्षीय पुत्री खेत में शौच को गई तो वहां पहले से मौजूद राम सिंह, तोताराम व रामवीर उसकी पुत्री को बहला फुसला कर ले गए। बाद में पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान में कहा कि मुन्नी देवी जबरन उसे अपने घर ले गई और बाद में जबरन इलाहाबाद व दिल्ली भेजा, जहां उसके साथ उसके पुत्र व एक अन्य ने कमरे में बंद कर बलात्कार किया। न्यायाधीश ने मामले की गंभीरता के मद्देनजर जमानत प्रार्थनापत्र स्वीकार किए जाने योग्य नहीं माना।
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थाना भमोरा के ग्राम यूसुफपुर में 16 वर्ष पहले बैल खेत में घुसने को लेकर र्हुई मारपीट के मामले में एक पक्ष के 15 लोगों को दो-दो वर्ष की कैद व दूसरे पक्ष के तीन लोगों को छह-छह माह की सजा सुनाई गई। सजा के बाद दोनों पक्षों को निर्णय के खिलाफ अपील करने का अवसर देते हुए व्यक्तिगत बंधनामे पर रिहा कर दिया गया। अभियोजन के अनुसार, ग्राम यूसुफपुर के वादी वीरेंद्र कुमार ने थाना भमोरा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह 28 अगस्त, 2001 को खेत में पानी लगाने को इंजन लेकर जा रहा था कि बुंदे के खेत मे बैल चला गया तो भूरे खां गाली-गलौच करने लगा। जातिसूचक शब्दों का भी प्रयोग किया। बचाने आए परिवारवालों से मारपीट भी की। मामले में गांव के भूरे खां, एशान मोहम्मद, अमीर दूल्हा, मिसिरयार खां, मोहम्मद इकलास, मुशाद अली, तौखीर अहमद, इम्त्याज पुत्र मकसूद अली, इम्त्याज पुत्र इल्यिास, छोटा उर्फ अतीकउल्ला, टेना खां, मझले खां, इश्त्यिाक खां, हब्बू खां तथा कर्रू खां के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया था। आरोप पत्र न्यायालय आया। इन सभी को दो-दो वर्ष की सजा सुनाई गई। दूसरी ओर इसी मामले को लेकर मिसिरयार खां ने रिपोर्ट लिखाई कि उनके धान के खेत में बैल घुसने पर टोकने पर रामभरोसे, घनश्याम, हरीराम व राम सिंह ने मारपीट की। राम सिंह की विचारण के दौरान मौत हो गई। रामभरोसे, घनश्याम व हरीराम को छह-छह माह की सजा सुनाई गई।
महिला की जमानत याचिका खारिज
बरेली। नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने में सहयोग करनी की आरोपी थाना फरीदपुर के ग्राम बिलौआ निवासी मुन्नी देवी की जमानत अर्जी विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अरुण कुमार पाठक ने खारिज कर दी। एडीजीसी फौजदारी जहां आरा के अनुसार वादी ने थाना फरीदपुर में इस आशय की रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 16 नवंबर, 2015 को शाम छह बजे उनकी 14 वर्षीय पुत्री खेत में शौच को गई तो वहां पहले से मौजूद राम सिंह, तोताराम व रामवीर उसकी पुत्री को बहला फुसला कर ले गए। बाद में पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान में कहा कि मुन्नी देवी जबरन उसे अपने घर ले गई और बाद में जबरन इलाहाबाद व दिल्ली भेजा, जहां उसके साथ उसके पुत्र व एक अन्य ने कमरे में बंद कर बलात्कार किया। न्यायाधीश ने मामले की गंभीरता के मद्देनजर जमानत प्रार्थनापत्र स्वीकार किए जाने योग्य नहीं माना।
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