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पुस्तक भवन के मालिक ने बैंक कर्मचारियों पर जालसाजी की रिपोर्ट लिखवाई
Updated Sun, 10 Jun 2018 12:12 AM IST
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पुस्तक भवन के मालिक ने बैंक स्टाफ
पर लिखाई जालसाजी की एफआईआर
- दिल्ली की फर्म के बजाय चंडीगढ़ की फर्म को भेज दिए 1.48 लाख रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। कोतवाली के सामने स्थित पुस्तक भवन के मालिक ने कोतवाली में आईसीआईसीआई बैंक स्टाफ के खिलाफ जालसाजी करके 1.48 लाख रुपये गलत फर्म को ट्रांसफर करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। उनका कहना है कि बैंक स्टाफ ने दिल्ली की फर्म के बजाय यह रकम चंडीगढ़ के रमन कुमार के खाते में जमा कर दी।
प्रेमनगर के नेहरु पार्क कॉलोनी में रहने वाले सुधीर गोयल की पुस्तक भवन नाम से दुकान है। उनका आईसीआईसीआई बैंक में चालू खाता है। सुधीर ने छह जून को एक लाख 48 हजार 750 रुपये का चेक योर सेल्फ लिखकर दिल्ली की एसके कटारिया एंड संस फर्म के पक्ष में काटा था। यह चेक एनईएफटी के लिए कर्मचारी रमाकांत पाठक ने बैंक स्लिप भरकर मशीन द्वारा जनरेट टोकन नंबर के साथ काउंटर पर महिला कर्मचारी को दोपहर 1:40 बजे दिया था। आठ जून तक रकम एसके कटारिया एंड संस के खाते में नहीं पहुंची तो सुधीर सिविल लाइंस स्थिति आईसीआईसीआई बैंक शाखा पहुंचकर मैनेजर शिवांशु अग्रवाल से बात की तो बताया गया कि यह रुपया चंडीगढ़ के रमन कुमार के खाते में ट्रांसफर हुआ है। बैंक कर्मचारी ने उनकी भरी स्लिप गायब करके रमन कुमार के नाम नई स्लिप भर ली और फर्म की फर्जी मोहर और हस्ताक्षर कर लिए। इस लेनदेन का मेसेज भी उनके मोबाइल पर नहीं भेजा गया। कोतवाली इंस्पेक्टर गीतेश कपिल के मुताबिक रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।
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पर लिखाई जालसाजी की एफआईआर
- दिल्ली की फर्म के बजाय चंडीगढ़ की फर्म को भेज दिए 1.48 लाख रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। कोतवाली के सामने स्थित पुस्तक भवन के मालिक ने कोतवाली में आईसीआईसीआई बैंक स्टाफ के खिलाफ जालसाजी करके 1.48 लाख रुपये गलत फर्म को ट्रांसफर करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। उनका कहना है कि बैंक स्टाफ ने दिल्ली की फर्म के बजाय यह रकम चंडीगढ़ के रमन कुमार के खाते में जमा कर दी।
प्रेमनगर के नेहरु पार्क कॉलोनी में रहने वाले सुधीर गोयल की पुस्तक भवन नाम से दुकान है। उनका आईसीआईसीआई बैंक में चालू खाता है। सुधीर ने छह जून को एक लाख 48 हजार 750 रुपये का चेक योर सेल्फ लिखकर दिल्ली की एसके कटारिया एंड संस फर्म के पक्ष में काटा था। यह चेक एनईएफटी के लिए कर्मचारी रमाकांत पाठक ने बैंक स्लिप भरकर मशीन द्वारा जनरेट टोकन नंबर के साथ काउंटर पर महिला कर्मचारी को दोपहर 1:40 बजे दिया था। आठ जून तक रकम एसके कटारिया एंड संस के खाते में नहीं पहुंची तो सुधीर सिविल लाइंस स्थिति आईसीआईसीआई बैंक शाखा पहुंचकर मैनेजर शिवांशु अग्रवाल से बात की तो बताया गया कि यह रुपया चंडीगढ़ के रमन कुमार के खाते में ट्रांसफर हुआ है। बैंक कर्मचारी ने उनकी भरी स्लिप गायब करके रमन कुमार के नाम नई स्लिप भर ली और फर्म की फर्जी मोहर और हस्ताक्षर कर लिए। इस लेनदेन का मेसेज भी उनके मोबाइल पर नहीं भेजा गया। कोतवाली इंस्पेक्टर गीतेश कपिल के मुताबिक रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।
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