फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   मुसलिम बूथों पर कम मतदान से कमल खिलखिलाया

मुसलिम बूथों पर कम मतदान से कमल खिलखिलाया

Tue, 07 May 2019 02:00 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 07 May 2019 02:00 AM IST
विज्ञापन
मुसलिम बूथों पर कम मतदान से कमल खिलखिलाया
लखीमपुर खीरी। धौरहरा लोकसभा क्षेत्र में मुस्लिम बहुल बूथों पर पिछली बार के मुकाबले इस बार कम मतदान होने और हिंदू बहुल बूथों पर मतदान अपेक्षाकृत अधिक होने से भाजपा के रणनीतिकार खुश हैं। शुरू से गठबंधन से अपनी लड़ाई बताने वाली भाजपा को सोमवार को सुबह मतदान के वक्त पंजे से लड़ाई दिखी। मगर कुछ ही समय बाद मुस्लिम वोट हाथी को जाते देखकर भाजपा ने अपनी पुरानी बात सही होते कहा।
विज्ञापन

सोमवार को सुबह से जब वोट पड़ने शुरू हुए तो मतदाताओं ने वोट डालने के बाद भी खुलासा नहीं किया कि उन्होंने किसको वोट डाला। वहीं मुस्लिम बहुल इलाकों में वोट डालकर निकले मतदाता कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हुए। काफी कुरेदने पर संकेत जरूर मिल गए। किसी ने कहा कि जीत तो गठबंधन की हो होगी तो कोई बोला मोदी ने किया ही क्या है। धौरहरा विधानसभा के मुस्लिम बहुल क्षेत्र अदलीशपुर, सरैंया, फत्तेपुर, रामनगर लहबड़ी, बेहननपुरवा के बूथों पर 50 से 55 प्रतिशत तक ही मतदान हुआ। पिछली बार की अपेक्षा मतदान प्रतिशत कम है। इनमें से अदलीशपुर में ही सर्वाधिक 55 प्रतिशत मतदान हुआ, बाकी तो सरैंया में 49, टेगनहा में 48.5 प्रतिशत मतदान हुआ। इन मुस्लिम बूथों पर वोट किसको गया, यह मतदाताओं की बात से थोड़ा पता चलता है। अदलीशपुर के मुशब्बिर कहते हैं कि गठबंधन प्रत्याशी उनकी बिरादरी से हैं। हर कोई अपनी बिरादरी को देखता है। वहीं मुश्तकीर, शब्बीर और जाबिर कहते हैं कि पिछली बार कमल खिलाया तो था, क्या फायदा मिला। इसलिए अबकी हाथी को देखा।
विज्ञापन

भाजपा नेता हिंदू बहुल बूथों पर मतदान ठीकठाक रहने से खुश हैं। केशवापुर में 62, खमरिया में 61, समैसा में 58 और अभयपुर में 56 प्रतिशत मतदान हुआ। हालांकि इन तीनों गांवों समेत हसनपुर कटौली, गुरुघुट्टाबुजुर्ग, समरदहा, हसनपुर कटौली के बूथों पर भी मतदाताओं ने अपने पत्ते नहीं खोले, लेकिन कुरेदने पर राजू पान वाले, सिलाई की दुकान करने वाले इतवारी और नरेश कहते हैं कि उन्होंने देश को देखकर मतदान किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मोहम्मदी विधानसभा के मुस्लिम बहुल इलाकों सरैंया, इस्लामाबाद, बाजार खुर्द, भीतर मोहम्मदी में भी भाजपा और गठबंधन के बीच चुनाव होता नजर आया। वहीं मुस्लिम बहुल कस्बा बरबर, जेबीगंज में पंजा मुकाबले को त्रिकोणीय बनाते दिखा। कांग्रेस के लिए राहत की बात यह रही कि उसे अपनी पार्टी के परंपरागत वोट मिलने की बात कही जा रही है, साथ ही मुस्लिमों के भी वोट मिलने से कांग्रेस के रणनीतिकार मुकाबले को त्रिकोणीय मान रहे हैं। वहीं भाजपा मान रही है कि उनके विरोधियों ने आपस में ही एक-दूसरे को कमजोर किया। तीनों दल के रणनीतिकार मानते हैं कि यह सारे आकलन वोटरों की बताई बात पर ही आधारित हैं, किसको कितने वोट मिले यह तो 23 मई को मतगणना के बाद ही साफ हो सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed