फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   पुलिस सुरक्षा का भरोसा नहीं, देवरिया से बरेली तक पीछे लगे रहे गुर्गे

पुलिस सुरक्षा का भरोसा नहीं, देवरिया से बरेली तक पीछे लगे रहे गुर्गे

Wed, 02 Jan 2019 12:53 AM IST
pawan chandra पवन चंद्रा
Updated Wed, 02 Jan 2019 12:53 AM IST
विज्ञापन
पुलिस सुरक्षा का भरोसा नहीं, देवरिया से बरेली तक पीछे लगे रहे गुर्गे
बरेली। यूं तो माफिया अतीक अहमद का देवरिया जेल से शिफ्ट होकर बरेली आने का पूरा मूवमेंट गोपनीय रखा गया था और उसे पुलिस सुरक्षा में लाने वाले काफिले के रूट, गाड़ियों की संख्या और सिक्योरिटी में लगे स्टाफ की जानकारी सिर्फ चुनिंदा अफसरों को ही होने कादावा किया गया था, लेकिन इसके बावजूद माफिया बरेली की सीमा में अपने गुर्गों के सुरक्षा घेरे में ही दाखिल हुआ। पुलिस सूत्रों के मुताबिक चार एसयूवी गाड़ियां रास्ते में भी काफिले के पीछे लगातार लगी रहीं। माफिया को लेकर आए पुलिस के वज्र वाहन के जिला जेल परिसर में दाखिल होते ही ये चारों गाड़ियां गायब हो गईं।
विज्ञापन

माफिया अतीक अहमद का निजी सुरक्षा घेरा सिर्फ देवरिया से बरेली के रास्ते में ही नहीं था। माफिया के यहां पहुंचने से पहले जिला जेल के पास भी तीन संदिग्ध गाड़ियाें की मौजूदगी का संज्ञान लिया गया। जेल के टॉवर पर बैठे सुरक्षाकर्मियों ने उन पर फ्लैश लाइट मारी तो ये गाड़ियां एक-एक कर यहां से हट गईं। बताया जा रहा है कि इन गाड़ियों के अंदर अपरिचित चेहरे मौजूद थे जिनके बाहरी होने की आशंका जताई जा रही है। जेल प्रशासन के मुताबिक माफिया को जिस तन्हाई बैरक में रखा गया है, उसकी सीसी कैमरे के जरिये लगातार मानीटरिंग की जाएगी।
विज्ञापन


वायरलेस पर मुजफ्फरनगर बताई लोकेशन
माफिया अतीक अहमद के काफिले की वायरलेस पर लगातार लोकेशन अपडेट की जा रही थी। एक बार उसे मुजफ्फनगर भेजने का मेसेज भी चलाया गया लेकिन माफिया तय रूट से बरेली ही पहुंचा। शाहजहांपुर बार्डर के पास कुछ देर लोकेशन नहीं मिली तो देर रात कंट्रोल रूम में अफरातफरी का माहौल फैल गया। कुछ देर बाद माफिया की लोकेशन मिली तो अफसरों ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिला जेल पहुंचे माफिया के ‘मुरीद’
माफिया के इर्दगिर्द उसके गुर्गों का ही घेरा नहीं रहा, खुद को उसका मुरीद बता रहे कुछ लोग भी खाने-पीने के सामान और कंबल आदि सामान के साथ जिला जेल पहुंच गए। उनसे पूछताछ हुई तो बताया कि वे अतीक अहमद से मिलने आए हैं। जेल प्रशासन ने उन्हें कुछ भी अंदर नहीं ले जाने दिया और बाहर से ही लौटा दिया।


आते ही बंदीरक्षक को हड़काया- जल्दी खोलो गेट
जेल गेट से अंदर दाखिल होते ही बंदियों की तलाशी ली जाती है। अतीक अहमद के अंदर आने के बाद एक बंदी रक्षक ने उसकी तलाशी लेने की कोशिश की तो उसने उसे हाथ दिखाकर रोक दिया। मेन गेट के बाद माफिया को दूसरा गेट बंद मिला। कुछ देर खड़े रहना पड़ा तो उसने बंदीरक्षक को यह कहते हुए हड़का दिया- यहां तुम लोग ऐसे ही गड़बड़ करते हो क्या। खोलो इसको.. माफिया के इतना कहते ही गेट खोल दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed