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खजुरिया वालों की धमकी के बाद पुलिस ने कलारी में डाला डेर
Updated Mon, 17 Sep 2018 02:01 AM IST
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बरेली। कांवड़यात्रा न निकलने देने से नाराज गांव खजुरिया ब्रह्मनान के लोग अब अपने गांव से ताजियों का जुलूस न निकलने देने पर अड़े हैं। मोहर्रम पर कलारी गांव से उठने वाला ताजियों जुलूस का खजुरिया से होकर ही उमरिया होते हुए कर्बला पहुंचता है। पुलिस अफसर खजुरिया के लोगों को मनाने के तमाम जतन कर चुके हैं लेकिन वे किसी कीमत पर मानने को तैयार नहीं है। ऐसे में पुलिस अब दूसरे विकल्प तलाश रही है। इज्जतनगर थाना पुलिस ने कलारी के लोगों को रूट बदलने के लिए राजी करने को गांव में डेरा डाल दिया है। शनिवार को गांव में हुई पंचायत में ताजियों को कलारी में ही घूमाकर वहीं दफनाने की रस्म अदा करने का सुझाव दिया गया लेकिन कलारी वालों ने इसे खारिज कर दिया। कहा- कई वर्षों से कलारी से उठने वाला ताजियों का जुलूस चंद्रपुर बिजपुरी, खजुरिया और उमरिया होते हुए ही कर्बला जाता रहा है, तो इस बार रूट क्यों बदला जाएगा। इस बार 21 सितंबर को जुलूस निकलना है।
शनिवार को इज्जतनगर थाने के इंस्पेक्टर उपेंद्र सिंह फोर्स के साथ दिनभर कलारी गांव में ही रहे। उन्होंने ताजिये निकालने वालों को बातचीत के जरिये रूट बदलने के लिए मनाने की कोशिश की लेकिन बात नहीं बनी। गांववालों ने साफ कह दिया कि ताजिये तो खजुरिया से होकर ही कर्बला जाएंगे। हालांकि पुलिस अब इस कोशिश में है कि ताजियों का जुलूस ही न निकलने दिया जाए ताकि माहौल बिगड़ने से बचाया जा सके। दरअसल, सावन में खजुरिया बह्मनान गांव के कांवड़ियों के उमरिया गांव से निकालने को लेकर विवाद हुआ था। उमरिया वालों ने अपने गांव से होकर कांवडयात्रा नहीं निकलने दी थी। अब खजुरिया के लोग अपने गांव से ताजियों का जुलूस न निकलने देने पर अड़े हैं। सीओ तृतीय अशोक मीना के मुताबिक, थानों के रिकार्ड के मुताबिक यह जुलूस खजुरिया होकर ही जाता रहा है। यह परंपरागत रास्ता है। किसी तरह का विवाद नहीं होने दिया जाएगा।
शांति व्यवस्था बनाए रखने को एडीजी बनाएंगे रणनीति
एडीजी प्रेमप्रकाश ने बताया कि मोहर्रम पर ताजियों के जुलूस के विवादों को सुलझा लिया जाएगा। जोन के सभी नौ जिलों में मोहर्रम पर कानून-व्यवस्था की स्थिति जानने के लिए वह रविवार को पुलिस कप्तानों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग करेंगे। इसमें बीते वर्षों में हुए विवादों को ध्यान में रखते हुए रणनीति तय बनाई जाएगी।
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शनिवार को इज्जतनगर थाने के इंस्पेक्टर उपेंद्र सिंह फोर्स के साथ दिनभर कलारी गांव में ही रहे। उन्होंने ताजिये निकालने वालों को बातचीत के जरिये रूट बदलने के लिए मनाने की कोशिश की लेकिन बात नहीं बनी। गांववालों ने साफ कह दिया कि ताजिये तो खजुरिया से होकर ही कर्बला जाएंगे। हालांकि पुलिस अब इस कोशिश में है कि ताजियों का जुलूस ही न निकलने दिया जाए ताकि माहौल बिगड़ने से बचाया जा सके। दरअसल, सावन में खजुरिया बह्मनान गांव के कांवड़ियों के उमरिया गांव से निकालने को लेकर विवाद हुआ था। उमरिया वालों ने अपने गांव से होकर कांवडयात्रा नहीं निकलने दी थी। अब खजुरिया के लोग अपने गांव से ताजियों का जुलूस न निकलने देने पर अड़े हैं। सीओ तृतीय अशोक मीना के मुताबिक, थानों के रिकार्ड के मुताबिक यह जुलूस खजुरिया होकर ही जाता रहा है। यह परंपरागत रास्ता है। किसी तरह का विवाद नहीं होने दिया जाएगा।
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शांति व्यवस्था बनाए रखने को एडीजी बनाएंगे रणनीति
एडीजी प्रेमप्रकाश ने बताया कि मोहर्रम पर ताजियों के जुलूस के विवादों को सुलझा लिया जाएगा। जोन के सभी नौ जिलों में मोहर्रम पर कानून-व्यवस्था की स्थिति जानने के लिए वह रविवार को पुलिस कप्तानों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग करेंगे। इसमें बीते वर्षों में हुए विवादों को ध्यान में रखते हुए रणनीति तय बनाई जाएगी।
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