{"_id":"5ad033464f1c1b1a3d8b4db4","slug":"201523594054-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्चे रहस्यमयी ढंग से गायब","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बच्चे रहस्यमयी ढंग से गायब
Updated Fri, 13 Apr 2018 10:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो ---
नवादा शेखान से तीन बच्चे लापता
पुलिस कंट्रोल रूम से वायरलेस के बाद खोजबीन शुरू
पुलिस बोली, नशे के आदी हैं, पहले भी हो चुके हैं गायब
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। शहर में बच्चों के अचानक लापता होने का सिलसिला जारी है। बुधवार शाम नवादा शेखान से तीन बच्चे रहस्यमय ढंग से लापता हो गए। उन्हें कोई साजिशन लेकर गया या वे खुद भटककर कहीं चले गए हैं, इसका अब तक कोई पता नहीं चला है। हालांकि बारादरी थाने के इंस्पेक्टर उपेंद्र सिंह के मुताबिक इनमें दो बच्चों की दो महीने पहले भी गुमशुदगी दर्ज हो चुकी है। आठ दिन बाद वे मिल गए थे। वे वाइटनर का नशा करते हैं।
नवादा शेखान में फेरी लगाने वाले उमेश रस्तोगी के बेटे प्रदीप रस्तोगी (12) और लकी रस्तोगी (9) बुधवार शाम चार बजे घर के बाहर खेल रहे थे। उनके साथ पड़ोसी का बेटा उदय कश्यप (12) भी मौजूद था। बच्चों की मां मंजू रस्तोगी के मुताबिक करीब 4:30 बजे तीनों बच्चे गायब हो गए। पहले परिवार को लगा कि बच्चे मोहल्ले में किसी घर में खेलते हुए पहुंच गए होंगे, लेकिन काफी ढूंढने के बावजूद बच्चों का सुराग नहीं मिला। प्रदीप रस्तोगी ने बच्चों की तलाश में अपने सभी दोस्तों और रिश्तेदारों को फोन किये। बृहस्पतिवार रात को बारादरी थाने के इंस्पेक्टर उपेंद्र सिंह के संज्ञान में तीन बच्चों के गायब होने की जानकारी आने के बाद वायरलेस करवाकर बच्चों की तलाश शुरू कराई गई।
अब तक हुईं घटनाओं पर एक नजर
यह कोई पहला वाकया नहीं है, जब घर के बाहर से बच्चे अचानक गायब हो गए हो। शहर में बच्चों के गायब होने के मामले लगातार हो रहे हैं। जिनमें कुछ बच्चे पुलिस की सक्रियता से बरामद हो जाते हैं, जबकि कई बच्चों का सुराग पुलिस नहीं ढूंढ पाती है।
विज्ञापन
23 मार्च को बानखाना के अफरोज की 11 महीने की बच्ची इकरा अपहरण होने के सात घंटे के बाद शाहदाना वली की मजार से बरामद हुई थी। पुलिस छानबीन में सामने आया कि पिता ने ही एक लाख में बेटी का सौदा एक दोस्त के हाथ किया था। पुलिस की तफ्तीश से घबराया दोस्त उसकी बेटी को वापस कर गया था, जिसको अफरोज ने शाहदाना वली की मजार पर छोड़ दिया था।
30 मार्च को शाहदाना वली की मजार से मुन्नी के चार वर्षीय बेटे तौसीफ अगवा हुआ। उसे पुलिस ने चौबीस घंटे के अंदर कैंट के बंगला नंबर 29 से बरामद किया था। बच्चे के अपहरण के आरोप में कैंट की सीमा को पुलिस ने जेल भेजा। सीमा यह बच्चा आगे किसको देने वाली थी यह नहीं पता चला था। सीमा चीज दिलाने के बहाने बच्चे को अपने साथ लेकर गई थी।
6 अप्रैल को शाहदाना वली की मजार के पश्चिमी गेट के पास एक मासूम की बरामदगी की गई। मजार के लोगों ने मासूम को पुलिस के सुपुर्द कर दिया, जहां से उसे चाइल्ड लाइन के पदाधिकारियों के हवाले किया गया।
नवादा शेखान से तीन बच्चों के गायब होने के बाद उनकी खोजबीन कराई जा रही है। जल्द बच्चों का पता लगाकर उन्हें परिवार के सुपुर्द किया जाएगा।
- रोहित सिंह सजवाण, एसपी सिटी
विज्ञापन
नवादा शेखान से तीन बच्चे लापता
पुलिस कंट्रोल रूम से वायरलेस के बाद खोजबीन शुरू
पुलिस बोली, नशे के आदी हैं, पहले भी हो चुके हैं गायब
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। शहर में बच्चों के अचानक लापता होने का सिलसिला जारी है। बुधवार शाम नवादा शेखान से तीन बच्चे रहस्यमय ढंग से लापता हो गए। उन्हें कोई साजिशन लेकर गया या वे खुद भटककर कहीं चले गए हैं, इसका अब तक कोई पता नहीं चला है। हालांकि बारादरी थाने के इंस्पेक्टर उपेंद्र सिंह के मुताबिक इनमें दो बच्चों की दो महीने पहले भी गुमशुदगी दर्ज हो चुकी है। आठ दिन बाद वे मिल गए थे। वे वाइटनर का नशा करते हैं।
नवादा शेखान में फेरी लगाने वाले उमेश रस्तोगी के बेटे प्रदीप रस्तोगी (12) और लकी रस्तोगी (9) बुधवार शाम चार बजे घर के बाहर खेल रहे थे। उनके साथ पड़ोसी का बेटा उदय कश्यप (12) भी मौजूद था। बच्चों की मां मंजू रस्तोगी के मुताबिक करीब 4:30 बजे तीनों बच्चे गायब हो गए। पहले परिवार को लगा कि बच्चे मोहल्ले में किसी घर में खेलते हुए पहुंच गए होंगे, लेकिन काफी ढूंढने के बावजूद बच्चों का सुराग नहीं मिला। प्रदीप रस्तोगी ने बच्चों की तलाश में अपने सभी दोस्तों और रिश्तेदारों को फोन किये। बृहस्पतिवार रात को बारादरी थाने के इंस्पेक्टर उपेंद्र सिंह के संज्ञान में तीन बच्चों के गायब होने की जानकारी आने के बाद वायरलेस करवाकर बच्चों की तलाश शुरू कराई गई।
विज्ञापन
अब तक हुईं घटनाओं पर एक नजर
यह कोई पहला वाकया नहीं है, जब घर के बाहर से बच्चे अचानक गायब हो गए हो। शहर में बच्चों के गायब होने के मामले लगातार हो रहे हैं। जिनमें कुछ बच्चे पुलिस की सक्रियता से बरामद हो जाते हैं, जबकि कई बच्चों का सुराग पुलिस नहीं ढूंढ पाती है।
विज्ञापन
23 मार्च को बानखाना के अफरोज की 11 महीने की बच्ची इकरा अपहरण होने के सात घंटे के बाद शाहदाना वली की मजार से बरामद हुई थी। पुलिस छानबीन में सामने आया कि पिता ने ही एक लाख में बेटी का सौदा एक दोस्त के हाथ किया था। पुलिस की तफ्तीश से घबराया दोस्त उसकी बेटी को वापस कर गया था, जिसको अफरोज ने शाहदाना वली की मजार पर छोड़ दिया था।
30 मार्च को शाहदाना वली की मजार से मुन्नी के चार वर्षीय बेटे तौसीफ अगवा हुआ। उसे पुलिस ने चौबीस घंटे के अंदर कैंट के बंगला नंबर 29 से बरामद किया था। बच्चे के अपहरण के आरोप में कैंट की सीमा को पुलिस ने जेल भेजा। सीमा यह बच्चा आगे किसको देने वाली थी यह नहीं पता चला था। सीमा चीज दिलाने के बहाने बच्चे को अपने साथ लेकर गई थी।
6 अप्रैल को शाहदाना वली की मजार के पश्चिमी गेट के पास एक मासूम की बरामदगी की गई। मजार के लोगों ने मासूम को पुलिस के सुपुर्द कर दिया, जहां से उसे चाइल्ड लाइन के पदाधिकारियों के हवाले किया गया।
नवादा शेखान से तीन बच्चों के गायब होने के बाद उनकी खोजबीन कराई जा रही है। जल्द बच्चों का पता लगाकर उन्हें परिवार के सुपुर्द किया जाएगा।
- रोहित सिंह सजवाण, एसपी सिटी