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अस्पताल में बदमाशों के शव पहुंचे तो लग गई भीड़
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बरेली। मुठभेड़ के बाद जिला अस्पताल में बदमाशों के शव पहुंचे तो पीछे से अधिकारियों की गाड़ियां आने का सिलसिला चला। डॉक्टर ने बदमाशों को मृत घोषित कर दिया। कुछ देर बाद शव मोरचरी में रखवा दिए गए।
दोपहर करीब साढ़े तीन बजे पुलिस की कई गाड़ियां जिला अस्पताल परिसर में इमरजेंसी पर पहुंचीं। दोनों बदमाशों को लेकर सिपाही अंदर डॉक्टर के पास पहुंचे। यहां डॉ. केके निर्मल इमरजेंसी ड्यूटी पर थे। उन्होंने बदमाशों की मौत पहले ही होना बताया। अस्पताल स्टाफ और कई तीमारदार बदमाशों के चेहरे देखने की कोशिश में ओपीडी में घुस गए जिन्हें पुलिस को सख्ती से खदेड़ना पड़ा। थोड़ी ही देर में एसडीएम सदर और फिर एडीएम सिटी आ गए। अधिकारियों ने कोतवाल गीतेश कपिल से घटना के बारे में जानकारी ली और उनके स्वास्थ्य का हालचाल जाना। करीब साढ़े चार बजे तक अधिकारी अस्पताल में रहे।
कोतवाल और सिपाही को आईं मामूली चोट
जिला अस्पताल लाए गए बदमाशों के सीने और पीठ से खून निकल रहा था। चर्चा थी कि इनमें से जिसकी पीठ से खून निकल रहा था उसकी सांसें चल रही थीं। हालांकि डॉक्टर के मुताबिक दोनों मृत हालत में लाए गए थे। इनको दो या उससे ज्यादा गोलियां लगी होने की संभावना थी। गोलियां शरीर में फंसी हैं या निकल गईं, इस बारे में भी मेडिकल रिपोर्ट में तस्वीर साफ नहीं थी। इसके साथ ही डॉक्टर ने सदर कोतवाल गीतेश कपिल और उनके ड्राइवर प्रवीण अहलावत का मेडिकल परीक्षण किया। कोतवाल के बांये हाथ के ऊपरी हिस्से में और सिपाही के दायें पैर के एड़ी से ऊपर के हिस्से में मामूली चोट थी। डॉक्टर के मुताबिक घाव में ब्लैकनिंग थी जो फायर लगने की स्थिति में होती है। हालांकि इसकी पुष्टि या गोली का कोई छर्रा अंदर होने की संभावना में दोनों का एक्सरे लिखा गया है।
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दोपहर करीब साढ़े तीन बजे पुलिस की कई गाड़ियां जिला अस्पताल परिसर में इमरजेंसी पर पहुंचीं। दोनों बदमाशों को लेकर सिपाही अंदर डॉक्टर के पास पहुंचे। यहां डॉ. केके निर्मल इमरजेंसी ड्यूटी पर थे। उन्होंने बदमाशों की मौत पहले ही होना बताया। अस्पताल स्टाफ और कई तीमारदार बदमाशों के चेहरे देखने की कोशिश में ओपीडी में घुस गए जिन्हें पुलिस को सख्ती से खदेड़ना पड़ा। थोड़ी ही देर में एसडीएम सदर और फिर एडीएम सिटी आ गए। अधिकारियों ने कोतवाल गीतेश कपिल से घटना के बारे में जानकारी ली और उनके स्वास्थ्य का हालचाल जाना। करीब साढ़े चार बजे तक अधिकारी अस्पताल में रहे।
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कोतवाल और सिपाही को आईं मामूली चोट
जिला अस्पताल लाए गए बदमाशों के सीने और पीठ से खून निकल रहा था। चर्चा थी कि इनमें से जिसकी पीठ से खून निकल रहा था उसकी सांसें चल रही थीं। हालांकि डॉक्टर के मुताबिक दोनों मृत हालत में लाए गए थे। इनको दो या उससे ज्यादा गोलियां लगी होने की संभावना थी। गोलियां शरीर में फंसी हैं या निकल गईं, इस बारे में भी मेडिकल रिपोर्ट में तस्वीर साफ नहीं थी। इसके साथ ही डॉक्टर ने सदर कोतवाल गीतेश कपिल और उनके ड्राइवर प्रवीण अहलावत का मेडिकल परीक्षण किया। कोतवाल के बांये हाथ के ऊपरी हिस्से में और सिपाही के दायें पैर के एड़ी से ऊपर के हिस्से में मामूली चोट थी। डॉक्टर के मुताबिक घाव में ब्लैकनिंग थी जो फायर लगने की स्थिति में होती है। हालांकि इसकी पुष्टि या गोली का कोई छर्रा अंदर होने की संभावना में दोनों का एक्सरे लिखा गया है।
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