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नौकरी होगी खत्म, भुगतने पड़ेंगे 40-40 लाख
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बरेली। फर्जी दस्तावेजों से नौकरी करते पकड़े गए दोनों प्रधानाध्यापकों को बेसिक शिक्षा विभाग ने बर्खास्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बीएसए के मुताबिक दोनों ने 2010 से अब तक करीब 40-40 का वेतन अर्जित किया है, जिसकी रिकवरी की भी कार्रवाई की जाएगी। उनके नाम चल रहे स्कूलों के सभी खाते सीज करने के आदेश दे दिए गए हैं।
एसटीएफ लखनऊ के मुताबिक हरदोई में गांव लोनार निवासी उमेश कुमार बहेड़ी के प्राथमिक विद्यालय बरगवां और इसी गांव का विनय कुमार प्राथमिक विद्यालय भैंसिया में प्रधानाध्यापक था। सूचना मिली थी कि वे दोनों बीए, बीपीएड के फर्जी दस्तावेजों से 2010 में शिक्षक बने और 2015 में प्रोन्नत होकर प्रधानाध्यापक बन गए। शुक्रवार को एसटीएफ इंस्पेक्टर अंजनी कुमार तिवारी ने दोनों को गिरफ्तार किया था। शाम को थाना बारादरी में रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद उन्हें पुलिस के सुपुर्द किया गया जहां से शनिवार को उन्हें जेल भेज दिया गया। बीएसए तनुजा त्रिपाठी ने बताया कि स्कूलों में खरीद और विद्यालय निधि के सभी खाते प्रधानाध्यापक के ही नाम होते हैं। दोनों के नाम चल रहे सारे खाते सीज करने के साथ उन्हें बर्खास्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एसटीएफ के मुताबिक फर्जी दस्तावेज बनाने में दोनों ने एक अन्य व्यक्ति की मदद ली थी। अब उसकी भी तलाश की जा रही है।
फर्जी दस्तावेजों से नौकरी कर रहे दो प्रधानाध्यापकों को एसटीएफ ने पकड़ा है। उनकी बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब तक उन्होंने वेतन के रूप में जो भी राशि ली है, उसकी भी रिकवरी की जाएगी। - तनुजा त्रिपाठी, बीएसए
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एसटीएफ लखनऊ के मुताबिक हरदोई में गांव लोनार निवासी उमेश कुमार बहेड़ी के प्राथमिक विद्यालय बरगवां और इसी गांव का विनय कुमार प्राथमिक विद्यालय भैंसिया में प्रधानाध्यापक था। सूचना मिली थी कि वे दोनों बीए, बीपीएड के फर्जी दस्तावेजों से 2010 में शिक्षक बने और 2015 में प्रोन्नत होकर प्रधानाध्यापक बन गए। शुक्रवार को एसटीएफ इंस्पेक्टर अंजनी कुमार तिवारी ने दोनों को गिरफ्तार किया था। शाम को थाना बारादरी में रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद उन्हें पुलिस के सुपुर्द किया गया जहां से शनिवार को उन्हें जेल भेज दिया गया। बीएसए तनुजा त्रिपाठी ने बताया कि स्कूलों में खरीद और विद्यालय निधि के सभी खाते प्रधानाध्यापक के ही नाम होते हैं। दोनों के नाम चल रहे सारे खाते सीज करने के साथ उन्हें बर्खास्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एसटीएफ के मुताबिक फर्जी दस्तावेज बनाने में दोनों ने एक अन्य व्यक्ति की मदद ली थी। अब उसकी भी तलाश की जा रही है।
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फर्जी दस्तावेजों से नौकरी कर रहे दो प्रधानाध्यापकों को एसटीएफ ने पकड़ा है। उनकी बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब तक उन्होंने वेतन के रूप में जो भी राशि ली है, उसकी भी रिकवरी की जाएगी। - तनुजा त्रिपाठी, बीएसए
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