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बीवी फोन पर चीखी- कई लड़कियों के साथ मैं भी बंद, पुलिस बोली गुमशुदगी लिखवा लो
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बरेली। पुलिस वारदातों को अपने मुताबिक ढालने की कोशिश करती है। एक किसान की पत्नी के अगवा होने के बाद उसकी तहरीर बदलवाकर गुमशुदगी लिखवा दी गई, जबकि वह अपहरण लिखने की गुहार लगाता रहा।
इज्जतनगर थानाक्षेत्र के रुपापुर गांव में रहने वाले प्रेम सिंह की छह साल पहले मिथलेश से शादी हुई थी। उनके दो छोटे बच्चे हैं। बीती 27 दिसंबर को सुबह करीब दस बजे वह तकिया नाम की मजार पर प्रसाद चढ़ाने के लिए घर से निकली थीं। जिसके बाद वह वापस नहीं लौटी। पड़ोसियों और रिश्तेदारों के घरों पर तलाशने के बाद कुछ पता नहीं चला। इसी दौरान प्रेम सिंह के मोबाइल पर एक कॉल आया। जिसमें उसकी पत्नी ने बताया कि दो आदमियों ने तकिया की मजार से नशा देकर कार में अगवा किया। उसने कहा - मुझे यह लोग मार देंगे। यहां मेरी जैसी और भी युवती बंद हैं। जिसके बाद फोन कट गया। प्रेम सिंह के मुताबिक वह थाने पहुंचे। मुंशी ने मामला समझने के बाद गुमशुदगी की तहरीर लाने को कहा। उसकी तहरीर ही बदलवा दी गई। जबकि प्रेम सिंह ने पहली तहरीर में पूरा मामला लिखा था। थाने में दो दिन तक दौड़ाने के बाद अपहरण के बजाये गुमशुदगी दर्ज की गई है।
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इज्जतनगर थानाक्षेत्र के रुपापुर गांव में रहने वाले प्रेम सिंह की छह साल पहले मिथलेश से शादी हुई थी। उनके दो छोटे बच्चे हैं। बीती 27 दिसंबर को सुबह करीब दस बजे वह तकिया नाम की मजार पर प्रसाद चढ़ाने के लिए घर से निकली थीं। जिसके बाद वह वापस नहीं लौटी। पड़ोसियों और रिश्तेदारों के घरों पर तलाशने के बाद कुछ पता नहीं चला। इसी दौरान प्रेम सिंह के मोबाइल पर एक कॉल आया। जिसमें उसकी पत्नी ने बताया कि दो आदमियों ने तकिया की मजार से नशा देकर कार में अगवा किया। उसने कहा - मुझे यह लोग मार देंगे। यहां मेरी जैसी और भी युवती बंद हैं। जिसके बाद फोन कट गया। प्रेम सिंह के मुताबिक वह थाने पहुंचे। मुंशी ने मामला समझने के बाद गुमशुदगी की तहरीर लाने को कहा। उसकी तहरीर ही बदलवा दी गई। जबकि प्रेम सिंह ने पहली तहरीर में पूरा मामला लिखा था। थाने में दो दिन तक दौड़ाने के बाद अपहरण के बजाये गुमशुदगी दर्ज की गई है।
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