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आइसक्रीम खाकर 50 बच्चों की तबीयत बिगड़ी
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भीखमपुर (लखीमपुर खीरी)। रंग-बिरंगी आइसक्रीम खाकर मितौली के सरेली, अमानतपुर और भुड़कुड़ा गांव के करीब 50 बच्चे बीमार हो गए। मंगलवार शाम साइकिल से कोई व्यक्ति सॉफ्टी कोन में भरी आइसक्रीम बेचने आया था, जिसे खाने के बाद रात को बच्चों की तबीयत बिगड़ी तो अफरातफरी मच गई। बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां अब उनकी हालत खतरे से बाहर है। आशंका है कि आइसक्रीम में अखाद्य रंग मिलने से फूड प्वाइजनिंग हुई।
बच्चों की हालत बिगड़ी तो परिवार के लोगों ने पहले गांव के ही डॉक्टर को दिखाया। फिर करीब 40 बच्चों को मितौली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां से 11 बच्चों को जिला अस्पताल रेफर किया गया। सूचना मिलने पर रात में ही सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल, एसीएमओ डॉ अश्विनी कुमार और जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. बलवीर सिंह गांव पहुंचे और पीड़ित परिवारों के अन्य लोगों को भी दवाएं बांटीं। इन अधिकारियों ने अस्पताल जाकर भी बच्चों की हालत देखी।
गंभीर हालत वाले बच्चों में शामिल सरेली निवासी राजेश की दो बेटियां बेटी गौरी (5) और दीपिका (10), सर्वेश का पुत्र विशाल (5), देवेंद्र का रिषभ (11), अरविंद मिश्रा की साढ़े तीन वर्षीय पुत्री शगुन, अजय की डेढ़ वर्षीय पुत्री श्रेया, नवल कुमार का पुत्र अनीश कुमार (5), सर्वेश की पुत्री रुचि (7), अमानतपुर निवासी राहुल की एक वर्षीय पुत्री शुभी, भुड़कुड़ा निवासी सतीश की पुत्री मुस्कान (7) और पुत्र सूरज (4) का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। इसके अलावा कुछ बच्चों का इलाज मितौली सीएचसी सहित निजी अस्पतालों में कराया जा रहा है। जिला अस्पताल में भर्ती बच्चों की हालत में बुधवार शाम तक तेजी से सुधार हुआ है। अब वे खतरे से बाहर हैं।
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बच्चों की हालत बिगड़ी तो परिवार के लोगों ने पहले गांव के ही डॉक्टर को दिखाया। फिर करीब 40 बच्चों को मितौली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां से 11 बच्चों को जिला अस्पताल रेफर किया गया। सूचना मिलने पर रात में ही सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल, एसीएमओ डॉ अश्विनी कुमार और जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. बलवीर सिंह गांव पहुंचे और पीड़ित परिवारों के अन्य लोगों को भी दवाएं बांटीं। इन अधिकारियों ने अस्पताल जाकर भी बच्चों की हालत देखी।
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गंभीर हालत वाले बच्चों में शामिल सरेली निवासी राजेश की दो बेटियां बेटी गौरी (5) और दीपिका (10), सर्वेश का पुत्र विशाल (5), देवेंद्र का रिषभ (11), अरविंद मिश्रा की साढ़े तीन वर्षीय पुत्री शगुन, अजय की डेढ़ वर्षीय पुत्री श्रेया, नवल कुमार का पुत्र अनीश कुमार (5), सर्वेश की पुत्री रुचि (7), अमानतपुर निवासी राहुल की एक वर्षीय पुत्री शुभी, भुड़कुड़ा निवासी सतीश की पुत्री मुस्कान (7) और पुत्र सूरज (4) का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। इसके अलावा कुछ बच्चों का इलाज मितौली सीएचसी सहित निजी अस्पतालों में कराया जा रहा है। जिला अस्पताल में भर्ती बच्चों की हालत में बुधवार शाम तक तेजी से सुधार हुआ है। अब वे खतरे से बाहर हैं।
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