{"_id":"5ceac66cbdec220729256d53","slug":"155889014117-bareilly-news110","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेटियों ने ली शपथ, अब नहीं करेंगे पॉलिथीन का इस्तेमाल","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
बेटियों ने ली शपथ, अब नहीं करेंगे पॉलिथीन का इस्तेमाल
विज्ञापन
बेटियों ने ली शपथ, अब नहीं करेंगे पॉलिथीन का इस्तेमाल
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपराजिता के तहत हुई पर्यावरण संरक्षण जागरूकता गोष्ठी
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। अमर उजाला की मुहिम अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स के तहत बचपन संवारो फाउंडेशन के सहयोग से रविवार को पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता गोष्ठी की गई। इसमें बेटियों को पॉलिथीन से पर्यावरण को होने वाले नुकसान की जानकारी दी गई। कहा गया कि पॉलिथीन का प्रयोग न करने और इसके प्रति लोगों को जागरूक करें। इस दौरान बेटियों ने पॉलिथीन छोड़ने की भी शपथ ली।
युवराजदत्त महाविद्यालय परिसर में आयोजित गोष्ठी में बचपन संवारो फाउंडेशन के अध्यक्ष बृजेश मिश्रा ने कहा पॉलीथिन और प्लास्टिक गांव से लेकर शहर तक लोगों की सेहत बिगाड़ रहा है। इसके कारण जहां नालियां जाम हो जाती हैं तो प्लास्टिक के ग्लास में गर्म पेय पदार्थ पीने से पेट संबंधी बीमारियां हो जाती हैं। प्राथमिक विद्यालय सुआगाड़ा की प्रधानाध्यापक पूर्णिमा मिश्रा ने कहा कि पहले लोग कपड़े आदि का थैला लेकर बाजार जाते थे, लेकिन आज खाली हाथ जाकर दुकानदार से पॉलिथीन में सामन मांगते हैं। इसके अत्यधिक प्रयोग से जहां जमीन की जल सोखने की क्षमता खत्म हो रही है वहीं भूजल स्तर भी तेजी से गिर रहा है। सिद्धार्थ शुक्ला ने कहा कि पॉलिथीन में खाद्य पदार्थ रखकर फेकने पर पशु उसे निगल जाते हैं, जिससे उनकी मौत तक हो जाती है। यह भी कहा कि पॉलिथीन मानव के साथ जीव जंतुओं के लिये भी हानिकारक है। इसलिए इसका प्रयोग तुरंत रोक दें। ब्रजेश मिश्रा ने छात्राओं को पॉलीथिन का प्रयोग न करने और लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प दिलाया। इस दौरान अनुराग मिश्रा, पंकज महेश्वरी, विकास पांडे आदि मौजूद रहे।
युवराजदत्त महाविद्यालय परिसर में आयोजित गोष्ठी में बचपन संवारो फाउंडेशन के अध्यक्ष बृजेश मिश्रा ने कहा पॉलीथिन और प्लास्टिक गांव से लेकर शहर तक लोगों की सेहत बिगाड़ रहा है। इसके कारण जहां नालियां जाम हो जाती हैं तो प्लास्टिक के ग्लास में गर्म पेय पदार्थ पीने से पेट संबंधी बीमारियां हो जाती हैं। प्राथमिक विद्यालय सुआगाड़ा की प्रधानाध्यापक पूर्णिमा मिश्रा ने कहा कि पहले लोग कपड़े आदि का थैला लेकर बाजार जाते थे, लेकिन आज खाली हाथ जाकर दुकानदार से पॉलिथीन में सामन मांगते हैं। इसके अत्यधिक प्रयोग से जहां जमीन की जल सोखने की क्षमता खत्म हो रही है वहीं भूजल स्तर भी तेजी से गिर रहा है। सिद्धार्थ शुक्ला ने कहा कि पॉलिथीन में खाद्य पदार्थ रखकर फेकने पर पशु उसे निगल जाते हैं, जिससे उनकी मौत तक हो जाती है। यह भी कहा कि पॉलिथीन मानव के साथ जीव जंतुओं के लिये भी हानिकारक है। इसलिए इसका प्रयोग तुरंत रोक दें। ब्रजेश मिश्रा ने छात्राओं को पॉलीथिन का प्रयोग न करने और लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प दिलाया। इस दौरान अनुराग मिश्रा, पंकज महेश्वरी, विकास पांडे आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
इन छात्राओं ने लिया संकल्प
किरन, पूनम पटेल, कल्पना वर्मा, खुशबू ओझा, मंजू देवी, अंजू जायसवाल, वर्षा जायसवाल, सृष्टि मिश्रा, गीता देवी, सुधा मौर्या, रोशनी तिवारी, नेहा विश्वकर्मा, साक्षी वर्मा, नेहा सिंह, पारुल मिश्रा, प्राची वर्मा, अंजू वर्मा, वंदना सिंह, रुचि वर्मा, सुभाषिनी वर्मा, सरला देवी, सोन ल वर्मा, पूनम सिंह, तबस्सुम आदि ने पॉलीथीन के प्रयोग न करने और लोगों को रोकने का संकल्प लिया।
विज्ञापन