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गो तस्करों पर एसएसआई ने नरमी दिखाई तो विधायक भड़के

Wed, 22 May 2019 01:26 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 22 May 2019 01:26 AM IST
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गो तस्करों पर एसएसआई ने नरमी दिखाई तो विधायक भड़के
बिथरी चैनपुर (बरेली)। थाना क्षेत्र के गांव कमुआ में गोवंशीय पशुओं को चोरी करके काटने ले जा रहे दो पशु तस्करों को ग्रामीणों ने पकड़ कर पुलिस को सौंपा तो भी रिपोर्ट से लेकर कार्रवाई तक में खेल किया जा रहा था। चर्चा है कि इंस्पेक्टर को नजरअंदाज कर एसएसआई ने तीन बार तहरीर बदलवाई। देर शाम विधायक पप्पू भरतौल ने मौके पर पहुंचकर नाराजगी जताई तो सही कार्रवाई की गई। बवाल की आशंका से कई थानों की पुलिस बुला ली गई। पैर कटी एक गाय की मौत हो गई जबकि दूसरी को बचा लिया गया।
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मंगलवार दोपहर बाद गोवंशीय पशुओ को चोरी कर कटान को ले जा दो पशु तस्करों को ग्रामीणों ने दौड़कर पकड़ लिया। उनके तीन साथी भाग गए। ग्रामीणों ने सूचना विहिप के जिला मंत्री राजेंद्र कन्नौजिया को दी। वे पहुंचे और ग्रामीणों के साथ दोनों आरोपियों को थाने ले आए। पुलिस को तहरीर देकर इन पर कार्रवाई को कहा। बताते हैं कि तहरीर देते वक्त एसएसआई मनोज वर्मा मौके पर थे। उन्होंने तीन बार तहरीर बदलवाई पर ग्रामीणों के पशु और तस्कर पकड़कर पुलिस को सौंपने की बात नहीं लिखवाई। विहिप नेता की सूचना पर विधायक पप्पू भरतौल ने भी एसएसआई से फोन पर इसी तरह मामला दर्ज करने को कहा पर उन्होंने खास गौर नहीं दिया। रात नौ बजे करीब ग्रामीणों ने विधायक को बताया कि एक गाय के पैर कटे थे जिसकी अब मौत हो गई है। नाराज विधायक खुद गांव पहुंचे और अपने समर्थक ग्रामीणों से जानकारी ली। ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि एसएसआई मनमाफिक रिपोर्ट लिख रहे हैं। तब विधायक ने इंस्पेक्टर को कॉल करके नाराजगी जताई। उनके स्टाफ की भूमिका पर सवाल उठाए। इसके बाद रिपोर्ट दर्ज की गई। गाय का पोस्टमार्टम कराया गया। पकड़े गए तस्कर भुता के मल्लपुर गांव निवासी सरताज अली और शहीद अहमद हैं। इनके फरार तीन साथी भी उसी क्षेत्र के हैं।
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कई थानों की पुलिस पहुंची
- एसएसआई की भूमिका को लेकर आसपास के ग्रामीणों में पहले से नाराजगी है। घटना के बाद शाम ढले काफी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल और फिर थाने के गेट एकत्र हो गए। देर रात संभावना थी कि विधायक भी थाने आ सकते हैं, हालांकि वह नहीं आए। इसके बाद माहौल बिगड़ने के डर से कई थानों इज्जतनगर, कैंट, फरीदपुर और भुता की पुलिस को बुला लिया गया। बाद में पुलिस बाकी तस्करों की तलाश में निकल गई।
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विधायक बोले- गो तस्करी न रुकी तो तस्करों को सुधार दूंगा
- गो हत्या से तमतमाए विधायक पप्पू भरतौल का कहना था कि वे लोग चुनाव में व्यस्त क्या हुए, पुलिस ने तस्करों को छूट सी दे दी। तस्कर भी होशियारी से पशु हत्या कर रहे हैं। पहले जंगल में घूमते गोवंशीय पशुओं के पैर काट देते हैं। बाद में उसकी निगरानी की जाती है। उसके मरते ही रात के वक्त मौके पर ही गोश्त निकालकर वाहनों में भर ले जाते हैं। इस गाय के साथ भी ऐसा भी हुआ। अंगभंग की स्थिति में जीवित पशु को भी ले जाने में ज्यादा खतरा नहीं होता। विधायक का कहना था कि पुलिस भी तस्करों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं करती है। ऐसा हो तो तस्करी पूरी तरह बंद हो जाए। भाजपा सरकार को बदनाम कराने की साजिश वो कामयाब नहीं होने देंगे। तस्कर खुद सुधर जाएं, वर्ना वे सुधार देेंगे।


- दो आरोपी ग्रामीणों ने ही पकड़कर सौंपे और तीन फरार हो गए। इन्हें भी पकड़ने को पुलिस दबिश दे रही है। ग्रामीणों की तहरीर पर ही रिपोर्ट लिखी गई है। किसी तरह का गतिरोध या पुलिस स्टाफ की गलती नहीं है। विधायक जी को भी बता दिया गया है कि प्राथमिकता से दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। - पीतमपाल सिंह, सीओ थर्ड
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