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पीड़ित के आरोपों का मुख्य आधार सीसीटीवी फुटेज ही गायब

Sun, 31 Mar 2019 01:39 AM IST
pawan chandra पवन चंद्रा
Updated Sun, 31 Mar 2019 01:39 AM IST
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पीड़ित के आरोपों का मुख्य आधार सीसीटीवी फुटेज ही गायब
बरेली। किशोरी को तीन दिनों तक बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म करने के मामले में पीड़ित परिवार के आरोपों का मुख्य आधार दरगाह के बाहर लगे सीसीटीवी का फुटेज ही गायब हो गया। पुलिस के मुताबिक जांच करने पहुंचे तो घटना के दिन का फुटेज ही नहीं था। वहीं दरगाह के मुतवल्ली ने बताया कि घटनास्थल कोई कैमरा ही नहीं लगा है, बाकी की फुटेज सिस्टम के फाल्ट से नहीं मिल रही। फुटेज न मिलने पर नाराज एसपी सिटी ने जांच कर तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
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किला क्षेत्र निवासी किशोरी को शाहदाना वली दरगाह से अगवा कर तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखने और सामूहिक दुष्कर्म मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी आजमनगर निवासी हासिम को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पीड़ित के परिजनों ने दरगाह में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर आरोपी को पहचानने का दावा किया था। उन्हीं ने पुलिस को आरोपी की लोकेशन बताई थी। पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी गई। पूछताछ में हासिम ने मामला प्रेमप्रसंग का बताया था लेकिन अब संदेह बढ़ता जा रहा है। पीड़ित ने बताया था की बाकी के चार आरोपियों को सामने आने पर पहचान लेगी, लेकिन यह भी गलत साबित हुआ। पूछताछ में सामने आये दो संदिग्धों को पुलिस ने सटोरिया बनाकर पीड़ित के सामने खड़ा किया, लेकिन उन्हें पहचान नहीं पाई। अब पुलिस आरोपों के मुख्य आधार, दरगाह की सीसीटीवी फुटेज चैक करने पहुंची तो वह गायब मिली। अगवा करने की घटना 24 मार्च को दरगाह के बाहर टॉयलेट के सामने की बताई जा रही है। लेकिन, जब पुलिस जांच करने दरगाह पहुंची तो सामने आया कि घटनास्थल पर कोई सीसीटीवी ही नहीं है। मुतवल्ली वाजिद ने अनभिज्ञता जताते हुए बताया कि पुलिस की जांच में सच सामने आ जाएगा। उन्होंने बताया कि घटनास्थल पर कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा। कुल आठ सीसीटीवी दरगाह में लगे हैं, जिसमें एक मेन गेट पर है। बाकी की फुटेज सिस्टम में कमी की वजह से नहीं मिल रही होगी। पुलिस के मुताबिक कई लोग शक के घेरे में आ रहे हैं।
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पहले होती जांच तो शायद मिल जाता फुटेज
पीड़ित पक्ष के मुताबिक घटना 24 मार्च को हुई थी और पुलिस को भी उसी दिन सूचना दे दी गई थी। लेकिन बारादरी पुलिस ने वहां जाकर जांच करने की जहमत नहीं उठाई। पुलिस वहां फुटेज चेक करने नहीं पहुंची थी। अगर पुलिस जाती तो शायद सच्चाई सामने आ सकती थी।
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