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यूपी: अस्पताल के आईसीयू में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म, कंपाउंडर समेत 3 पर केस दर्ज
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Sun, 04 Nov 2018 12:58 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : फाइल फोटो
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बदायूं रोड स्थिति मेधांश अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने कंपाउंडर सुनील शर्मा समेत तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस ने किशोरी के कपड़े जांच के लिए कब्जे में ले लिया है। उसका जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण भी कराया है। शनिवार को किशोरी ने मेधांश अस्पताल में इलाज कराने से मना कर दिया। बोली, क्या पता डॉक्टर जहर का इंजेक्शन दे दें। अस्पताल प्रबंधन ने सुबह ही किशोरी को डिस्चार्ज करने की औपचारिकताएं पूरी कर दीं। इसी बीच किशोरी के पिता ने फाइल फाड़कर फेंक दी।
भमोरा क्षेत्र की 17 वर्षीय किशोरी को सोमवार शाम बदायूं रोड स्थित मेधांश अस्पताल के आईसीयू में किसी जहरीले कीड़े के काटने के बाद भर्ती कराया गया था। गंभीर हालत के चलते उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था। शुक्रवार सुबह हालत में सुधार होने पर उसे जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। तब किशोरी ने अपनी दादी को बुधवार रात कंपाउंडर द्वारा स्टाफ के तीन-चार लड़कों की मदद से सामूहिक दुष्कर्म करने की बात बताई। एक विधायक के हस्तक्षेप के बाद सुभाषनगर थाने में देर रात रिपोर्ट दर्ज की गई।
सीसीटीवी कैमरा खराब मिला
अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, हर बेड पर सीसीटीवी कैमरा लगा है, लेकिन जब पुलिस ने आईसीयू के कैमरे की फुटेज लेनी चाही तो पता चला कि कैमरे खराब हैं। पुलिस को सिर्फ अस्पताल के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज ही मिल सकी है।
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अस्पताल का गाउन पुलिस ने कब्जे में लिया
आईसीयू में भर्ती होने के दौरान पीड़िता कपड़े उतरवाकर अस्पताल का गाउन पहनवा दिया था। किशोरी के मुताबिक, वारदात के बाद उसके कपड़े गायब थे। सिर्फ चादर उसके ऊपर पड़ी थी। हालांकि पुलिस ने अस्पताल का वह गाउन कब्जे में ले लिया है, जो किशोरी पहने थी।
21,900 के बिल में से नौ हजार भुगतान कर चुका था पिता
अस्पताल प्रबंधन घटना को बिल कम करने का दबाव बनाने के लिए रचा गया ड्रामा करार दे रहा है। जांच में सामने आया कि पांच दिन का बिल 21,900 रुपये बना। इसमें पीड़िता का पिता नौ हजार का भुगतान कर चुका है।
किशोरी को आईसीयू में भर्ती करने के दौरान उसे कैथेटर लगाया गया था। आईसीयू में उस रात सात मरीज भर्ती थे। किशोरी खुद यह बात कह चुकी है कि वह वारदात के वक्त बेहोशी की हालत में थी तो फिर उसने यह कैसे जाना कि उसके साथ दुष्कर्म किसने किया है। इतना बड़ा स्टाफ है। ऐसे में इस तरह की घटना संभव ही नहीं है। बाकी पुलिस की जांच पर हमें भरोसा है। - डॉ. मुकेश जौहरी, वरिष्ठ डॉक्टर, मेधांश अस्पताल
सुभाषनगर थाने में कंपाउंडर सुनील शर्मा समेत तीन के खिलाफ केस दर्ज किया है। किशोरी को तीन बजे डिस्चार्ज कराया जा सका। प्राथमिक मेडिकल कराया गया है, लेकिन लेट होने की वजह से रिपोर्ट नहीं मिली है। आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य इकट्ठे किए जा रहे हैं। - सीमा यादव, सीओ द्वितीय
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भमोरा क्षेत्र की 17 वर्षीय किशोरी को सोमवार शाम बदायूं रोड स्थित मेधांश अस्पताल के आईसीयू में किसी जहरीले कीड़े के काटने के बाद भर्ती कराया गया था। गंभीर हालत के चलते उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था। शुक्रवार सुबह हालत में सुधार होने पर उसे जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। तब किशोरी ने अपनी दादी को बुधवार रात कंपाउंडर द्वारा स्टाफ के तीन-चार लड़कों की मदद से सामूहिक दुष्कर्म करने की बात बताई। एक विधायक के हस्तक्षेप के बाद सुभाषनगर थाने में देर रात रिपोर्ट दर्ज की गई।
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सीसीटीवी कैमरा खराब मिला
अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, हर बेड पर सीसीटीवी कैमरा लगा है, लेकिन जब पुलिस ने आईसीयू के कैमरे की फुटेज लेनी चाही तो पता चला कि कैमरे खराब हैं। पुलिस को सिर्फ अस्पताल के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज ही मिल सकी है।
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अस्पताल का गाउन पुलिस ने कब्जे में लिया
आईसीयू में भर्ती होने के दौरान पीड़िता कपड़े उतरवाकर अस्पताल का गाउन पहनवा दिया था। किशोरी के मुताबिक, वारदात के बाद उसके कपड़े गायब थे। सिर्फ चादर उसके ऊपर पड़ी थी। हालांकि पुलिस ने अस्पताल का वह गाउन कब्जे में ले लिया है, जो किशोरी पहने थी।
21,900 के बिल में से नौ हजार भुगतान कर चुका था पिता
अस्पताल प्रबंधन घटना को बिल कम करने का दबाव बनाने के लिए रचा गया ड्रामा करार दे रहा है। जांच में सामने आया कि पांच दिन का बिल 21,900 रुपये बना। इसमें पीड़िता का पिता नौ हजार का भुगतान कर चुका है।
किशोरी को आईसीयू में भर्ती करने के दौरान उसे कैथेटर लगाया गया था। आईसीयू में उस रात सात मरीज भर्ती थे। किशोरी खुद यह बात कह चुकी है कि वह वारदात के वक्त बेहोशी की हालत में थी तो फिर उसने यह कैसे जाना कि उसके साथ दुष्कर्म किसने किया है। इतना बड़ा स्टाफ है। ऐसे में इस तरह की घटना संभव ही नहीं है। बाकी पुलिस की जांच पर हमें भरोसा है। - डॉ. मुकेश जौहरी, वरिष्ठ डॉक्टर, मेधांश अस्पताल
सुभाषनगर थाने में कंपाउंडर सुनील शर्मा समेत तीन के खिलाफ केस दर्ज किया है। किशोरी को तीन बजे डिस्चार्ज कराया जा सका। प्राथमिक मेडिकल कराया गया है, लेकिन लेट होने की वजह से रिपोर्ट नहीं मिली है। आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य इकट्ठे किए जा रहे हैं। - सीमा यादव, सीओ द्वितीय