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हाईकोर्ट के वकील की बहू फांसी पर लटकी
Updated Thu, 07 Sep 2017 09:48 PM IST
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बरेली। चौपुला चौराहे के पास हाईकोर्ट के अधिवक्ता आरपी जौहरी की पुत्रवधू श्वेता सक्सेना का शव गुरुवार सुबह उसके कमरे में फंदे पर लटका मिला। मायके वालों की ओर से दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस ने श्वेता के पति और सास-ससुर को गिरफ्तार कर लिया। तीनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया। हालांकि ससुराल वालों का कहना था कि श्वेता ने आत्महत्या की है। श्वेता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग से मौत होने की पुष्टि की गई है।
आरपी जौहरी ने सुबह करीब नौ बजे पुलिस को सूचना दी कि उनकी बहू श्वेता का शव उसके कमरे में लटका है। इंस्पेक्टर कोतवाली गीतेश कपिल मौके पर पहुंचे और छत वाले कमरे में पंखे से दुपट्टे के सहारे लटक रहे श्वेता के शव को उतरवाकर सील कराया गया। इस बीच रामपुर के मिस्टनगंज से श्वेता के मायके वाले भी आ गए। उन्होंने कोतवाली में श्वेता के ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। श्वेता की मां अनीता ने पुलिस को तहरीर दे दी जिसके मुताबिक श्वेता की शादी इसी साल 24 अप्रैल को उन्होंने आरपी जौहरी के बेटे गौरव से की थी। आरोप है कि ससुर आरपी जौहरी, सास सुबोध कुमारी, पति गौरव और शादीशुदा ननद पायल दहेज में स्विफ्ट कार और पांच लाख रुपये के लिए शादी के बाद से ही श्वेता को परेशान कर रहे थे। ससुर अश्लील हरकतें भी करते थे। कई बार उन लोगों ने मारपीट कर श्वेता को घर से तक निकाल दिया। हर बार उन्हें समझौता करना पड़ा। अनीता ने तहरीर में कहा है कि छह सितंबर की शाम को ही उनकी बेटी श्वेता ने उन्हें फोन करके शक जताया था कि उनके ससुराल वाले उन्हें मार सकते हैं। वे लोग सुबह बरेली आने को थे लेकिन इससे पहले ही श्वेता की हत्या कर दी गई। अनीता ने रिपोर्ट में श्वेता की ननद पायल को भी नामजद किया है, लेकिन पायल पुलिस को घर में नहीं मिली।
तो क्या सुसाइड नोट छुपा दिया!
मौके पर जांच-पड़ताल के दौरान पुलिस को श्वेता के बेड पर कलम तो खुला पड़ा मिला लेकिन काफी तलाश करने के बाद भी सुसाइड नोट कहीं नहीं मिला। पुलिस को संदेह है कि श्वेता ने सुसाइड नोट लिखा होगा जिसे ससुराल वालों ने छिपा दिया। पुलिस का अनुमान है कि सुसाइड नोट में श्वेता ने शायद ससुराल वालों के खिलाफ कुछ लिखा होगा।
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ससुर बोले : जीवन नर्क कर दिया था बहू ने
आरपी जौहरी ने बताया कि श्वेता की तमाम बीमारियां छिपाकर उनके बेटे से शादी कर दी गई। दहेज का कभी कोई मसला नहीं था। उनका इकलौता बेटा बेरोजगार था, मगर उन्होंने बेटा-बहू को कोई कमी महसूस न होने दी। बहू बेटे पर मकान अपने नाम कराने का दबाव बना रही थी। उन्होंने बहू के झगड़ालू रवैये के बारे में एसएसपी को डाक से शिकायत भेजी थी पर कार्रवाई नहीं हुई। वह मंगली थी और टोना टोटके में विश्वास करती थी। जौहरी ने बताया कि गौरव अपनी मौसी की दवा लेने बुधवार शाम को ही दिल्ली गया था। बहू छत वाले कमरे में रहती थी और अपना खाना अलग बनाती थी। सुबह आठ बजे तक वह दिखाई नहीं दी तो वह छत पर पहुंचे। आवाज दी तो कोई जवाब नहीं मिला। दरवाजे पर हाथ लगाया तो वह खुल गया। सामने उसका शव लटक रहा था।
ननद बताती थी, क्या पहनना है
श्वेता की मां ने आरोप लगाया कि गौरव का ऑनलाइन बिजनेस का जॉब बताकर उसकी शादी की गई थी जबकि वह बेरोजगार निकला। शिक्षिका सास का घर में इस कदर दबाव था कि श्वेता अपनी मर्जी से चाय तक नहीं बना सकती थी। घर में क्या कपड़े पहने, इसकी अनुमति ननद से फोन पर लेनी होती थी। एक दिन श्वेता घर के स्टोर में चली गई तो सास-ननद ने कोहराम मचा दिया। गौरव ने उसकी पिटाई की।
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आरपी जौहरी ने सुबह करीब नौ बजे पुलिस को सूचना दी कि उनकी बहू श्वेता का शव उसके कमरे में लटका है। इंस्पेक्टर कोतवाली गीतेश कपिल मौके पर पहुंचे और छत वाले कमरे में पंखे से दुपट्टे के सहारे लटक रहे श्वेता के शव को उतरवाकर सील कराया गया। इस बीच रामपुर के मिस्टनगंज से श्वेता के मायके वाले भी आ गए। उन्होंने कोतवाली में श्वेता के ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। श्वेता की मां अनीता ने पुलिस को तहरीर दे दी जिसके मुताबिक श्वेता की शादी इसी साल 24 अप्रैल को उन्होंने आरपी जौहरी के बेटे गौरव से की थी। आरोप है कि ससुर आरपी जौहरी, सास सुबोध कुमारी, पति गौरव और शादीशुदा ननद पायल दहेज में स्विफ्ट कार और पांच लाख रुपये के लिए शादी के बाद से ही श्वेता को परेशान कर रहे थे। ससुर अश्लील हरकतें भी करते थे। कई बार उन लोगों ने मारपीट कर श्वेता को घर से तक निकाल दिया। हर बार उन्हें समझौता करना पड़ा। अनीता ने तहरीर में कहा है कि छह सितंबर की शाम को ही उनकी बेटी श्वेता ने उन्हें फोन करके शक जताया था कि उनके ससुराल वाले उन्हें मार सकते हैं। वे लोग सुबह बरेली आने को थे लेकिन इससे पहले ही श्वेता की हत्या कर दी गई। अनीता ने रिपोर्ट में श्वेता की ननद पायल को भी नामजद किया है, लेकिन पायल पुलिस को घर में नहीं मिली।
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तो क्या सुसाइड नोट छुपा दिया!
मौके पर जांच-पड़ताल के दौरान पुलिस को श्वेता के बेड पर कलम तो खुला पड़ा मिला लेकिन काफी तलाश करने के बाद भी सुसाइड नोट कहीं नहीं मिला। पुलिस को संदेह है कि श्वेता ने सुसाइड नोट लिखा होगा जिसे ससुराल वालों ने छिपा दिया। पुलिस का अनुमान है कि सुसाइड नोट में श्वेता ने शायद ससुराल वालों के खिलाफ कुछ लिखा होगा।
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ससुर बोले : जीवन नर्क कर दिया था बहू ने
आरपी जौहरी ने बताया कि श्वेता की तमाम बीमारियां छिपाकर उनके बेटे से शादी कर दी गई। दहेज का कभी कोई मसला नहीं था। उनका इकलौता बेटा बेरोजगार था, मगर उन्होंने बेटा-बहू को कोई कमी महसूस न होने दी। बहू बेटे पर मकान अपने नाम कराने का दबाव बना रही थी। उन्होंने बहू के झगड़ालू रवैये के बारे में एसएसपी को डाक से शिकायत भेजी थी पर कार्रवाई नहीं हुई। वह मंगली थी और टोना टोटके में विश्वास करती थी। जौहरी ने बताया कि गौरव अपनी मौसी की दवा लेने बुधवार शाम को ही दिल्ली गया था। बहू छत वाले कमरे में रहती थी और अपना खाना अलग बनाती थी। सुबह आठ बजे तक वह दिखाई नहीं दी तो वह छत पर पहुंचे। आवाज दी तो कोई जवाब नहीं मिला। दरवाजे पर हाथ लगाया तो वह खुल गया। सामने उसका शव लटक रहा था।
ननद बताती थी, क्या पहनना है
श्वेता की मां ने आरोप लगाया कि गौरव का ऑनलाइन बिजनेस का जॉब बताकर उसकी शादी की गई थी जबकि वह बेरोजगार निकला। शिक्षिका सास का घर में इस कदर दबाव था कि श्वेता अपनी मर्जी से चाय तक नहीं बना सकती थी। घर में क्या कपड़े पहने, इसकी अनुमति ननद से फोन पर लेनी होती थी। एक दिन श्वेता घर के स्टोर में चली गई तो सास-ननद ने कोहराम मचा दिया। गौरव ने उसकी पिटाई की।