{"_id":"5c27d84dbdec2256cc1be0ac","slug":"121546115149-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्व सांसद के साढ़ू के बेटे की गोली लगने से मौत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पूर्व सांसद के साढ़ू के बेटे की गोली लगने से मौत
Sun, 30 Dec 2018 01:55 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Sun, 30 Dec 2018 01:55 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्व सांसद और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के महासचिव वीरपाल सिंह यादव के साढ़ू रघुराज यादव के 26 वर्षीय बेटे भुवनेश यादव की उन्हीं की लाइसेंसी पिस्टल से चली गोली सीने में लगने से मौत हो गई। दम तोड़ने से पहले भुवनेश किराये के मकान में साथ रह रहे एक युवक के साथ बाइक पर अस्पताल जाने के लिए निकले। तीन अस्पतालों से लौटाए जाने के बाद चौथे अस्पताल में उन्हें भर्ती किया गया, लेकिन वहां कुछ ही देर बाद उनकी सांसें थम गईं। पुलिस इस घटना को फिलहाल हादसा मान रही है। हालांकि घटनास्थल को आगे की जांच के लिए सील कर दिया गया है।
मूल रूप से बिशारतगंज के गांव सिसौना के रहने वाले भुवनेश बिथरी चैनपुर में ग्राम विकास अधिकारी के पद पर तैनात थे, लेकिन एसएससी की तैयारी के लिए यहां पीलीभीत रोड की गणेशपुरम कॉलोनी में किराये के मकान में रह रहे थे। इसी मकान में परौर (शाहजहांपुर) के गांव नवी खुर्दकला के अमित कुमार भी रहकर एसएससी की तैयारी कर रहे हैं।
अमित ने पुलिस को बताया कि शनिवार सुबह 11:30 बजे वह गोली चलने की आवाज सुनकर अपने कमरे से निकलकर आंगन में पहुंचे तो दरवाजे के पास भुवनेश को पड़ा देखा। उनके सीने से खून रिस रहा था। भुवनेश के कहने पर वह उन्हें बाइक पर बैठाकर अस्पताल ले जाने को निकले।
विज्ञापन
पीलीभीत रोड और रामपुर बाग के तीन अस्पतालों में डॉक्टर न होने की बात कहकर भुवनेश को लौटा दिया गया। आखिर में वे मिशन अस्पताल में पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टरों ने भुवनेश को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिली तो वीरपाल सिंह यादव और पूर्व विधायक महीपाल यादव समेत कई नेता अस्पताल पहुंच गए।
एसएसपी मुनिराज जी. और एसपी सिटी अभिनंदन ने गणेशपुरम कॉलोनी स्थित घर में छानबीन के लिए पहुंचे। अमित से पूछताछ के बाद फील्ड यूनिट बुलाकर छानबीन कराई गई। भुवनेश के बिस्तर पर एक जिंदा कारतूस और एक खोखा मिला। फील्ड यूनिट की छानबीन के बाद घर को सील करा दिया गया। पोस्टमार्टम के बाद देर शाम भुवनेश का शव उनके पैतृक गांव सिसौना भेज दिया गया।
मौके पर हालात देखकर लगता है कि पिस्टल से अचानक गोली चलने से भुवनेश की मौत हुई है। फील्ड यूनिट के जरिये मौके पर सबूत जुटाए गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, गोली लगने के एंगल से कई बातें सामने आएंगी। - मुनिराज जी., एसएसपी बरेली
विज्ञापन
मूल रूप से बिशारतगंज के गांव सिसौना के रहने वाले भुवनेश बिथरी चैनपुर में ग्राम विकास अधिकारी के पद पर तैनात थे, लेकिन एसएससी की तैयारी के लिए यहां पीलीभीत रोड की गणेशपुरम कॉलोनी में किराये के मकान में रह रहे थे। इसी मकान में परौर (शाहजहांपुर) के गांव नवी खुर्दकला के अमित कुमार भी रहकर एसएससी की तैयारी कर रहे हैं।
विज्ञापन
अमित ने पुलिस को बताया कि शनिवार सुबह 11:30 बजे वह गोली चलने की आवाज सुनकर अपने कमरे से निकलकर आंगन में पहुंचे तो दरवाजे के पास भुवनेश को पड़ा देखा। उनके सीने से खून रिस रहा था। भुवनेश के कहने पर वह उन्हें बाइक पर बैठाकर अस्पताल ले जाने को निकले।
विज्ञापन
पीलीभीत रोड और रामपुर बाग के तीन अस्पतालों में डॉक्टर न होने की बात कहकर भुवनेश को लौटा दिया गया। आखिर में वे मिशन अस्पताल में पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टरों ने भुवनेश को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिली तो वीरपाल सिंह यादव और पूर्व विधायक महीपाल यादव समेत कई नेता अस्पताल पहुंच गए।
एसएसपी मुनिराज जी. और एसपी सिटी अभिनंदन ने गणेशपुरम कॉलोनी स्थित घर में छानबीन के लिए पहुंचे। अमित से पूछताछ के बाद फील्ड यूनिट बुलाकर छानबीन कराई गई। भुवनेश के बिस्तर पर एक जिंदा कारतूस और एक खोखा मिला। फील्ड यूनिट की छानबीन के बाद घर को सील करा दिया गया। पोस्टमार्टम के बाद देर शाम भुवनेश का शव उनके पैतृक गांव सिसौना भेज दिया गया।
मौके पर हालात देखकर लगता है कि पिस्टल से अचानक गोली चलने से भुवनेश की मौत हुई है। फील्ड यूनिट के जरिये मौके पर सबूत जुटाए गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, गोली लगने के एंगल से कई बातें सामने आएंगी। - मुनिराज जी., एसएसपी बरेली