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कंप्यूटर ऑपरेटर युवती ने सल्फास खाकर जान दी
Updated Mon, 25 Sep 2017 12:12 AM IST
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बरेली।
शहर में किराये के कमरे में रह रही शाहजहांपुर जिले की युवती ने एक साथ सल्फास की कई गोलियां खाकर जान दे दी। गंभीर हालत में मकान मालिक उसे जिला अस्पताल लेकर आए थे। अस्पताल प्रशासन की ओर से कोतवाली में सूचना दी गई है।
तिलहर के गांव सनौरा अजमतपुर गांव निवासी महेश चंद्र की पुत्री सुधा देवी यहां किला छावनी में प्यारेलाल शर्मा के घर में आठ महीने से किराये पर रह रही थी। सुधा ने बरेली कॉलेज से लॉ फाइनल किया था और इन दिनों एक टू व्हीलर एजेंसी पर कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर काम कर रही थी। रविवार को प्यारेलाल को किसी ने सूचना दी कि उनकी किरायेदार ने सल्फास की गोलियां खा ली हैं। प्यारेलाल दौड़कर छत पर गए तो सुधा को गंभीर हालत में पड़ा देखा। उसके मुंह से झाग निकल रहे थे और सल्फास की तीखी गंध कमरे में फैली थी। वे तुरंत पड़ोसियों की मदद से शाम साढ़े चार बजे सुधा को लेकर जिला अस्पताल आए और भर्ती कराया। उसके परिवार को भी सूचना दी गई। इस बीच छह बजे सुधा ने दम तोड़ दिया। प्यारेलाल का कहना था कि सुधा मेहनती लड़की थी, खुद जॉब करके आगे की पढ़ाई कर रही थी। उसने जान देने की कोशिश क्यों की? वह नहीं समझ पा रहे हैं। किला चौकी प्रभारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि युवती की आत्महत्या का कोई मामला संज्ञान में नहीं है। वहीं, देर रात अस्पताल की ओर से कोतवाली को मेमो भेजकर मृतका का पोस्टमार्टम कराने का अनुरोध किया गया।
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शहर में किराये के कमरे में रह रही शाहजहांपुर जिले की युवती ने एक साथ सल्फास की कई गोलियां खाकर जान दे दी। गंभीर हालत में मकान मालिक उसे जिला अस्पताल लेकर आए थे। अस्पताल प्रशासन की ओर से कोतवाली में सूचना दी गई है।
तिलहर के गांव सनौरा अजमतपुर गांव निवासी महेश चंद्र की पुत्री सुधा देवी यहां किला छावनी में प्यारेलाल शर्मा के घर में आठ महीने से किराये पर रह रही थी। सुधा ने बरेली कॉलेज से लॉ फाइनल किया था और इन दिनों एक टू व्हीलर एजेंसी पर कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर काम कर रही थी। रविवार को प्यारेलाल को किसी ने सूचना दी कि उनकी किरायेदार ने सल्फास की गोलियां खा ली हैं। प्यारेलाल दौड़कर छत पर गए तो सुधा को गंभीर हालत में पड़ा देखा। उसके मुंह से झाग निकल रहे थे और सल्फास की तीखी गंध कमरे में फैली थी। वे तुरंत पड़ोसियों की मदद से शाम साढ़े चार बजे सुधा को लेकर जिला अस्पताल आए और भर्ती कराया। उसके परिवार को भी सूचना दी गई। इस बीच छह बजे सुधा ने दम तोड़ दिया। प्यारेलाल का कहना था कि सुधा मेहनती लड़की थी, खुद जॉब करके आगे की पढ़ाई कर रही थी। उसने जान देने की कोशिश क्यों की? वह नहीं समझ पा रहे हैं। किला चौकी प्रभारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि युवती की आत्महत्या का कोई मामला संज्ञान में नहीं है। वहीं, देर रात अस्पताल की ओर से कोतवाली को मेमो भेजकर मृतका का पोस्टमार्टम कराने का अनुरोध किया गया।
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