फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   ट्रैफिक सीधा चले तब तक व्यवस्था साहब की, जाम फंसे तो गार्ड की

ट्रैफिक सीधा चले तब तक व्यवस्था साहब की, जाम फंसे तो गार्ड की

Sun, 18 Nov 2018 01:08 AM IST
Updated Sun, 18 Nov 2018 01:08 AM IST
विज्ञापन
ट्रैफिक सीधा चले तब तक व्यवस्था साहब की, जाम फंसे तो गार्ड की
बरेली। कुतुबखाना चौराहे पर ट्रैफिक व्यवस्था का नया प्रयोग अधिकारियों और गार्डों के बीच फुटबाल बन गया है। एसपी ट्रैफिक सुभाष चंद गंगवार के आदेश पर लागू नई व्यवस्था से ट्रैफिक गुजारने के दौरान ज्याें ही दबाव बढ़ने लगता है, चौराहे पर तैनात कांस्टेबल और होमगार्ड अपने विवेक से घंटाघर जाने वाली सड़क पर बैरियर लगाकर पुरानी व्यवस्था लागू कर देते हैं। व्यापारियों के मुताबिक, दिन में ऐसा कई बार होता है। कांस्टेबल और होमगार्ड के साथ ही चौराहे से गुजरने वाले भी असमंजस में रहते हैं कि आखिर यहां कौन सा ट्रैफिक सिस्टम लागू है।
विज्ञापन

शनिवार शाम करीब सात बजे कुतुबखाना चौराहे से घंटाघर तक सड़क वाहनों से पटी हुई थी। कुछ ऐसा ही हाल बड़ा बाजार और कोहाड़ापीर जाने वाली सड़कों पर था। वाहन आड़े-तिरछे फंसे हुए थे। उन्हें निकालने के लिए चौराहा पर तैनात गार्डों ने तत्काल घंटाघर जाने वाली आधी सड़क पर बैरियर लगाकर कोहाड़ापीर की तरफ से आने वाले वाहनों को गिरजा चौराहा होते हुए बाटा शोरूम के बगल से कोतवाली की तरफ भेजना शुरू कर दिया। नियमानुसार ऐसा नहीं होना चाहिए था।
विज्ञापन


बैरियर को किनारे खड़ा रखते हैं, ताकि ट्रैफिक डायवर्ट कर सकें
यहां तैनात सिपाही के मुताबिक, पुरानी व्यवस्था ही ठीक थी। ट्रैफिक जाम होने पर पुरानी व्यवस्था से ही लोगों को गुजारा जाता है। कुछ देर में ट्रैफिक हल्का होने के बाद घंटाघर जाने वाली सड़क से बैरियर हटाकर वाहनों को सीधे गुजारा जाने लगता है। यह बैरियर दुकान के सहारे ही खड़ा रखा जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


आज हमारे पास स्टाफ की कमी थी। कुतुबखाना चौराहे पर कम स्टाफ था। रैली, जुलूस के चलते दबाव भी अधिक था। यही वजह रही होगी कि वाहनों को पुरानी व्यवस्था से निकाला गया होगा। - सुभाष चंद गंगवार, एसपी ट्रैफिक
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed