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नेटवर्किंग कंपनी के दिखाए सपने निगल गए विपिन की जिंदगी
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बरेली। साधारण परिवार से आने वाले 18 वर्षीय एजेंट विपिन नेटवर्किंग कंपनी स्मार्ट वैल्यू के मकड़जाल में उलझकर बड़ा आदमी बनने के सपने देखने लगा। अभी उसकी कमाई महज तीन हजार थी और चेन के जरिये लोगों को जोड़कर वह इसे बढ़ाना चाहता था। इसी चाहत में वह अमित को बार-बार फोन करने लगा तो उसने गला घोंटकर हत्या कर दी।
आंवला के गांव भीमपुर चकरपुर में रहने वाले पप्पू का बेटा विपिन सुभाष इंटर कॉलेज में 11वीं का छात्र था। पढ़ाई के साथ ही वह स्मार्ट वैल्यू नेटवर्क़िंग कंपनी में बतौर एजेंट काम करता था। विपिन रुद्रपुर गौंटिया में रहने वाले अमित को कंपनी से जुड़ने के लिए बार-बार फोन करता था। इससे आजिज आकर मंगलवार को उसने विपिन की गला घोंटकर हत्या कर दी। बुधवार को पुलिस ने अमित को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा कर दिया। देर रात विपिन के शव का पोस्टमार्टम हुआ, जिसमें गला दबाकर हत्या करने की पुष्टि हुई। बृहस्पतिवार को पुलिस ने हत्या के आरोपी अमित को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस की जांच में सामने आया है कि विपिन ने अभी अमित से सिर्फ रजिस्ट्रेशन कराने और अपने अधिकारियों से मिलवाने को कहा था। अभी उन लोगों के बीच रुपये जमा करने की कोई बात भी नहीं हुई थी लेकिन बार-बार फोन करने से परेशान होकर अमित ने उसकी हत्या कर दी।
कंपनी का ऐसा जाल... किसी को नहीं मिला बड़ा फायदा
विपिन के बहनोई मुकेश ने बताया कि उनका साला पढ़ने में होशियार था और महत्वाकांक्षी था। वह दो-तीन महीने पहले ही इस कंपनी से जुड़ा था और करीब तीन हजार रुपये तक महीने में कमा लेता था। मगर नेटवर्किंग कंपनी के लोगों ने उसे अपने मकड़जाल में फंसा लिया था। उनके दिखाए सपनों से विपिन ने बड़ा आदमी होने की उम्मीद बना ली थी। इसी वजह से वह लोगों को इससे जोड़ने में लग गया लेकिन अमित ने उसकी हत्या कर दी। इंस्पेक्टर आंवला राकेश कुमार सिंह ने बताया कि एक टीम बृहस्पतिवार को कंपनी के ऑफिस भेजी गई थी। वहां सिर्फ दो महिला कर्मचारी मिली हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह कंपनी रजिस्ट्रेशन कराने के बाद लोगों से 12 सौ से 12 हजार तक रुपये जमा कराती है। उसके बदले उन्हें कुछ प्रोडक्ट एनर्जी ड्रिंक, किताबें, कंप्यूटर कोर्स आदि कराया जाता है। चेन बनाकर इसके एजेंट लोगों को जोड़ते हैं और उन्हें कमीशन मिलता है।
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इकलौता बेटा है अमित
विपिन की हत्या के आरोपी विपिन के पिता बांकेलाल खेतीबाड़ी करते हैं। उनके पास करीब बीस बीघा जमीन है। पांच बहनों के बीच अमित इकलौता भाई है। इस वजह से परिवार वाले उसे पढ़ा लिखाकर योग्य बनाना चाहते थे। उन लोगों ने बदायूं के वजीरगंज स्थित खुसरो डिग्री कॉलेज में बीएससी में उसका एडमिशन कराया था और इस बार उसे फाइनल ईयर की परीक्षा देनी थी। मगर उसने विपिन की हत्या कर दी और जेल जाना पड़ा।
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आंवला के गांव भीमपुर चकरपुर में रहने वाले पप्पू का बेटा विपिन सुभाष इंटर कॉलेज में 11वीं का छात्र था। पढ़ाई के साथ ही वह स्मार्ट वैल्यू नेटवर्क़िंग कंपनी में बतौर एजेंट काम करता था। विपिन रुद्रपुर गौंटिया में रहने वाले अमित को कंपनी से जुड़ने के लिए बार-बार फोन करता था। इससे आजिज आकर मंगलवार को उसने विपिन की गला घोंटकर हत्या कर दी। बुधवार को पुलिस ने अमित को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा कर दिया। देर रात विपिन के शव का पोस्टमार्टम हुआ, जिसमें गला दबाकर हत्या करने की पुष्टि हुई। बृहस्पतिवार को पुलिस ने हत्या के आरोपी अमित को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस की जांच में सामने आया है कि विपिन ने अभी अमित से सिर्फ रजिस्ट्रेशन कराने और अपने अधिकारियों से मिलवाने को कहा था। अभी उन लोगों के बीच रुपये जमा करने की कोई बात भी नहीं हुई थी लेकिन बार-बार फोन करने से परेशान होकर अमित ने उसकी हत्या कर दी।
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कंपनी का ऐसा जाल... किसी को नहीं मिला बड़ा फायदा
विपिन के बहनोई मुकेश ने बताया कि उनका साला पढ़ने में होशियार था और महत्वाकांक्षी था। वह दो-तीन महीने पहले ही इस कंपनी से जुड़ा था और करीब तीन हजार रुपये तक महीने में कमा लेता था। मगर नेटवर्किंग कंपनी के लोगों ने उसे अपने मकड़जाल में फंसा लिया था। उनके दिखाए सपनों से विपिन ने बड़ा आदमी होने की उम्मीद बना ली थी। इसी वजह से वह लोगों को इससे जोड़ने में लग गया लेकिन अमित ने उसकी हत्या कर दी। इंस्पेक्टर आंवला राकेश कुमार सिंह ने बताया कि एक टीम बृहस्पतिवार को कंपनी के ऑफिस भेजी गई थी। वहां सिर्फ दो महिला कर्मचारी मिली हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह कंपनी रजिस्ट्रेशन कराने के बाद लोगों से 12 सौ से 12 हजार तक रुपये जमा कराती है। उसके बदले उन्हें कुछ प्रोडक्ट एनर्जी ड्रिंक, किताबें, कंप्यूटर कोर्स आदि कराया जाता है। चेन बनाकर इसके एजेंट लोगों को जोड़ते हैं और उन्हें कमीशन मिलता है।
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इकलौता बेटा है अमित
विपिन की हत्या के आरोपी विपिन के पिता बांकेलाल खेतीबाड़ी करते हैं। उनके पास करीब बीस बीघा जमीन है। पांच बहनों के बीच अमित इकलौता भाई है। इस वजह से परिवार वाले उसे पढ़ा लिखाकर योग्य बनाना चाहते थे। उन लोगों ने बदायूं के वजीरगंज स्थित खुसरो डिग्री कॉलेज में बीएससी में उसका एडमिशन कराया था और इस बार उसे फाइनल ईयर की परीक्षा देनी थी। मगर उसने विपिन की हत्या कर दी और जेल जाना पड़ा।