Bareilly : क्राइम ब्रांच के विवेचक ने ठगी के सरगना के भाई को छोड़ा, बोले- कोर्ट को बताने लायक सबूत नहीं
मीरगंज पुलिस ने महीपाल यादव के भाई राजवीर को पकड़ा तो क्राइम ब्रांच के विवेचक ने सबूत न होने की बात कहकर उसे छोड़ दिया। राजवीर के खिलाफ सात मुकदमे दर्ज हैं, जिनके वादी मौके पर मौजूद थे।
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बरेली में जमीन खरीद-फरोख्त के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले नन्हे यादव और महीपाल के गिरोह पर पुलिस मेहरबान है। मीरगंज पुलिस ने महीपाल यादव के भाई राजवीर को पकड़ा तो क्राइम ब्रांच के विवेचक ने सबूत न होने की बात कहकर उसे छोड़ दिया।
राजवीर के खिलाफ सात मुकदमे दर्ज हैं, जिनके वादी मौके पर मौजूद थे। इसके बाद भी आरोपी को छोड़ दिया गया। पीड़ितों ने अब अफसरों से शिकायत की बात कही है। मीरगंज इलाके का यह गिरोह पहले जमीन पर कब्जे करने के लिए चर्चित था।
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सूबे में सत्ता बदली तो ये कंपनियों और होटल के लिए जमीन की खरीद-फरोख्त के नाम पर ठगी करने लगे। आईजी के आदेश पर 21 मुकदमे दर्ज करने के बाद क्राइम ब्रांच को विवेचना दी गई है। काश्तकारों की सूचना पर अभी तक मसीहाबाद गांव का प्रधान महीपाल यादव और गजेंद्र सिंह ही पकड़े गए हैं।
एसएसपी ने हेड कांस्टेबल को किया था निलंबित
शुक्रवार को गजेंद्र को जेल भेजने के दौरान उसे घुमाने-फिराने व गोलगप्पे खिलाने पर एसएसपी ने मीरगंज के हेड कांस्टेबल को निलंबित कर होमगार्ड की रिपोर्ट कमांडेंट को भेज दी थी।
सरगना से दोस्ती के आरोप में घिरी मीरगंज पुलिस ने दामन बचाने के लिए शनिवार सुबह एक ईंट भट्ठे पर कार से पहुंचे महीपाल यादव के भाई राजवीर यादव को पकड़ लिया। राजवीर का नाम भोजीपुरा और अन्य थानों में दर्ज सात मुकदमों में है।
मीरगंज पुलिस ने उसे भोजीपुरा थाने लाकर सूचना क्राइम ब्रांच के विवेचक अखिलेश प्रधान को दी। अखिलेश प्रधान ने थाने आकर जांच की तो राजवीर के खिलाफ दर्ज मामलों के वादी और अन्य पीड़ित पहुंच गए। आरोप है कि विवेचक ने राजवीर यादव को छोड़ दिया।
अदालत की डांट का बनाया बहाना
वादी अनिल सिंह, राजपाल, हरीश कुमार, सुरेश चंद्र गुप्ता आदि ने बताया कि विवेचक ने तर्क दिया कि राजपाल के खिलाफ कोई सबूत नहीं है। जब सबूत मिलेगा तो पकड़कर जेल भेज देंगे। पत्रकारों ने सवाल किया तो विवेचक अखिलेश प्रधान ने कहा कि आप लोग कोर्ट में नहीं जाते हैं। हमें कोर्ट के सवालों का सामना करना पड़ता है। बिना सबूत किसी को जेल भेजने की पैरवी पर न्यायालय की ओर से फटकार लगा दी जाती है।
आरोप : ठगों के गैंग में वकील का रोल करता है राजवीर
पकड़ा गया राजवीर ठगों के गैंग में वकील का रोल निभाता था। ठगी के शिकार लोगों ने बताया कि राजवीर बेहद शातिर है। वह लोगों को महंगे दामों में जमीन खरीद-फरोख्त करने के नाम पर गैंग के सदस्यों से मिलवाता था। अपने गैंग के सदस्यों को बड़ी कम्पनी का मालिक बताता था और खुद को वकील बताकर डील कराता था। ठगी करने के बाद अपने गैंग के साथ फरार हो जाता था।
जानकारी न होने पर लाइन हाजिर हुए थे अखिलेश
राजवीर को छोड़ने वाले क्राइम ब्रांच के विवेचक अखिलेश प्रधान कुछ महीने पहले तक सुभाषनगर के इंस्पेक्टर थे। अक्तूबर में एसएसपी शिकायतों के संबंध में गूगल मीट के जरिये थानेदारों से सवाल-जवाब कर रहे थे। इसी दौरान एसएसपी ने महिला संबंधी अभियान के बारे में अखिलेश प्रधान से पूछा तो वह बगले झांकने लगे। एसएसपी ने अखिलेश प्रधान को लाइन हाजिर कर दिया था।
एसपी सिटी राहुल भाटी ने बताया कि अगर ऐसा हुआ है तो यह गंभीर मामला है। किन परिस्थितियों में विवेचक ने राजवीर को छोड़ा है, इसकी जांच कराई जाएगी। दोषी मिलने पर कार्रवाई भी की जाएगी।