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मकान पर कब्जा, तीन पर रिपोर्ट
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बदायूं। कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नाहर खां सराय निवासी राशिद नौकरी करने बाहर क्या गए कि लोगों ने उनके मकान पर कब्जा कर लिया। इतना ही नहीं दो बार मकान का बैनामा कर दिया गया। राशिद लौटकर आए तो चौथा व्यक्ति उनके मकान में रहता मिला। राशिद ने तीनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
मोहल्ला नाहर खां सराय निवासी राशिद के मुताबिक उन्होंने साल 2002 में सद्दन शाह से प्लॉट खरीदा था। फिर बैंक से ऋण लेकर मकान का निर्माण कराया। वह बैंक की लगातार किस्तें जमा कर रहे थे लेकिन कुछ समय बाद उन पर आर्थिक संकट आ गया और वह किस्तें जमा नहीं कर सके। वह नौकरी करने दूसरी जगह चले गए। कुछ समय पहले वह बदायूं लौटे। जब अपने मकान पहुंचे तो वहां शकील अहमद नाम का व्यक्ति रहता मिला। उससे पूछा कि इस घर में कैसे आए तो उसने बताया कि उसने इस मकान को जुबैर नाम के व्यक्ति से खरीदा है। जबकि जुबैर ने सोथा निवासी यामीन से इसका बैनामा कराया था। यामीन खुद को मकान का मालिक बताता था। राशिद के न होने का फायदा उठाकर पहले यामीन ने जुबैर को और जुबैर ने शकील को मकान बेच दिया। इससे शकील ने मकान पर कब्जा कर लिया। आरोपियों ने मकान का क्षेत्रफल तक बदल दिया। राशिद कोतवाली पुलिस को तहरीर दी लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। आखिर में राशिद ने न्यायालय की शरण ली। अब पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर यामीन, जुबैर और शकील अहमद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
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मोहल्ला नाहर खां सराय निवासी राशिद के मुताबिक उन्होंने साल 2002 में सद्दन शाह से प्लॉट खरीदा था। फिर बैंक से ऋण लेकर मकान का निर्माण कराया। वह बैंक की लगातार किस्तें जमा कर रहे थे लेकिन कुछ समय बाद उन पर आर्थिक संकट आ गया और वह किस्तें जमा नहीं कर सके। वह नौकरी करने दूसरी जगह चले गए। कुछ समय पहले वह बदायूं लौटे। जब अपने मकान पहुंचे तो वहां शकील अहमद नाम का व्यक्ति रहता मिला। उससे पूछा कि इस घर में कैसे आए तो उसने बताया कि उसने इस मकान को जुबैर नाम के व्यक्ति से खरीदा है। जबकि जुबैर ने सोथा निवासी यामीन से इसका बैनामा कराया था। यामीन खुद को मकान का मालिक बताता था। राशिद के न होने का फायदा उठाकर पहले यामीन ने जुबैर को और जुबैर ने शकील को मकान बेच दिया। इससे शकील ने मकान पर कब्जा कर लिया। आरोपियों ने मकान का क्षेत्रफल तक बदल दिया। राशिद कोतवाली पुलिस को तहरीर दी लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। आखिर में राशिद ने न्यायालय की शरण ली। अब पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर यामीन, जुबैर और शकील अहमद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
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