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हत्या का एक और मामला दबाए रहे थे कुर्रिया कला के पूर्व चौकी इंचार्ज
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शाहजहांपुर। कांट थाने की कुर्रिया कला चौकी इंचार्ज रहे मेहर सिंह पर एक और हत्या का केस दबाने का मामला सामने आया। इसमें भी हत्यारोपियों से साठगांठ करने की चर्चा है। हालांकि सीओ की जांच में दरोगा के लापरवाही करने की बात सामने आई। नकी रिपोर्ट पर ही मेहर चंद्र को कुर्रिया कला चौकी से हटाकर खुदागंज थाने भेजा गया था।
रोजा की आदर्श नगर कॉलोनी निवासी शारदा ने अपनी मर्जी से कांट इलाके के विलसरा के रहने वाले हरिओम से शादी की थी। कुछ दिन बाद ही शारदा को हरिओम और उसके परिवार वाले परेशान करने लगे। घर में ज्यादा विवाद होने पर शारदा की गोली मारकर हत्या कर दी गई और लाश को गड्ढे में दबा दिया था। इसका पता लगने पर पिता बीरवल ने दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए कांट थाने में तहरीर दी थी। मामले की जांच चौकी इंचार्ज रहे दरोगा मेहर चंद्र को दी गई थी। चौकी इंचार्ज इस मामले को भी दबाए रहे और आरोपियों के खिलाफ कुछ नहीं किया। चर्चा है कि उसी दौरान आरोपियों ने अपनी जमीन बेची थी, जिससे मिली रकम खुद को बचाने में खर्च की थी।
उधर, बीरवल बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए इधर-उधर भटक रहे थे। उनकी शिकायत पर एसपी एस आनंद ने इस मामले की जांच सीओ सदर महेंद्र पाल सिंह से कराई। सीओ की जांच में सारा मामला खुलकर सामने आ गया। तब हत्यारोपी अनंगपाल, हरिओम और श्रीपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। सीओ ने हत्यारोपियों की निशानदेही पर शारदा का मिट्टी के अंदर से कंकाल बरामद किया था। कपड़ों के आधार पर मायके वालों ने शारदा के कंकाल की शिनाख्त की थी। इसके बाद हत्यारोपियों को जेल भेजा गया था। सीओ सदर ने अपनी पूरी जांच रिपोर्ट एसपी को दी थी।
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मालूम हो कि बुधवार को एसपी एस आनंद ने खुदागंज थाने में तैनात दरोगा मेहरचंद्र को सस्पेंड कर दिया था। उन पर 2019 में हुई एक युवती की हत्या का मामला दबाने और हत्यारोपियों से रकम लेेने का आरोप है।
मायके वालों की शिकायत पर शारदा के हत्या की जांच चौकी कुर्रिया कला चौकी इंचार्ज रहे मेहर सिंह को दी गई थी। मगर उन्होंने छह-सात महीने तक इस मामले को आरोपियों के खिलाफ कुछ नहीं किया। जांच में उनकी लापरवाही पाई गई थी।
- महेंद्र पाल सिंह, सीओ सदर
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रोजा की आदर्श नगर कॉलोनी निवासी शारदा ने अपनी मर्जी से कांट इलाके के विलसरा के रहने वाले हरिओम से शादी की थी। कुछ दिन बाद ही शारदा को हरिओम और उसके परिवार वाले परेशान करने लगे। घर में ज्यादा विवाद होने पर शारदा की गोली मारकर हत्या कर दी गई और लाश को गड्ढे में दबा दिया था। इसका पता लगने पर पिता बीरवल ने दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए कांट थाने में तहरीर दी थी। मामले की जांच चौकी इंचार्ज रहे दरोगा मेहर चंद्र को दी गई थी। चौकी इंचार्ज इस मामले को भी दबाए रहे और आरोपियों के खिलाफ कुछ नहीं किया। चर्चा है कि उसी दौरान आरोपियों ने अपनी जमीन बेची थी, जिससे मिली रकम खुद को बचाने में खर्च की थी।
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उधर, बीरवल बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए इधर-उधर भटक रहे थे। उनकी शिकायत पर एसपी एस आनंद ने इस मामले की जांच सीओ सदर महेंद्र पाल सिंह से कराई। सीओ की जांच में सारा मामला खुलकर सामने आ गया। तब हत्यारोपी अनंगपाल, हरिओम और श्रीपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। सीओ ने हत्यारोपियों की निशानदेही पर शारदा का मिट्टी के अंदर से कंकाल बरामद किया था। कपड़ों के आधार पर मायके वालों ने शारदा के कंकाल की शिनाख्त की थी। इसके बाद हत्यारोपियों को जेल भेजा गया था। सीओ सदर ने अपनी पूरी जांच रिपोर्ट एसपी को दी थी।
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मालूम हो कि बुधवार को एसपी एस आनंद ने खुदागंज थाने में तैनात दरोगा मेहरचंद्र को सस्पेंड कर दिया था। उन पर 2019 में हुई एक युवती की हत्या का मामला दबाने और हत्यारोपियों से रकम लेेने का आरोप है।
मायके वालों की शिकायत पर शारदा के हत्या की जांच चौकी कुर्रिया कला चौकी इंचार्ज रहे मेहर सिंह को दी गई थी। मगर उन्होंने छह-सात महीने तक इस मामले को आरोपियों के खिलाफ कुछ नहीं किया। जांच में उनकी लापरवाही पाई गई थी।
- महेंद्र पाल सिंह, सीओ सदर