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एसपी को भी अनुशासन बनाने के लिए लिखानी
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बरेली। शासन अफसर और कर्मचारियों को जनता के प्रति जवाबदेह बनाने के लिए हर तरह से प्रयास कर रहा है लेकिन सिस्टम है कि काबू में नहीं आ रहा है। ऐसा ही मामला एसपी सिटी कार्यालय में हुआ। दो दिन पहले हुए इस वाकया ने पूरे सिस्टम की पोल खोलकर रख दी। हालांकि स्टाफ को अनुशासन सिखाने के लिए एसपी सिटी ने पूरे कार्यालय स्टाफ के खिलाफ ही रिपोर्ट लिखा दी है।
दो दिन से एसपी सिटी कार्यालय में ही एक ही मामले की चर्चा है। बताया जाता है कि एसपी सिटी रविंद्र कुमार सुबह दस बजे ऑफिस पहुंच गए। देखा तो पूरा कार्यालय खाली पड़ा था। पेशी समेत सभी कमरों का स्टाफ नदारद था। बस फिर क्या था, उनका पारा चढ़ गया। हालांकि दो कर्मचारी ऑफिस पहुंच चुके थे लेकिन वे भी अंदर की ओर थे। इससे गुस्साए एसपी सिटी ने पूरे कार्यालय स्टाफ पर ही रिपोर्ट लिखा दी, जिसमें दरोगा, सिपाही समेत 12 कर्मचारी शामिल हैं। मगर एसपी सिटी की सख्ती का यह मामला पूरे विभाग में चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि लंबे समय से पुलिस विभाग में इस तरह कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कर्मचारी भी साहब के डर से चुप्पी साधे हुए हैं और कोई कुछ बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।
यह हमारा विभागीय मामला है, इसमें खबर जैसी कोई बात नहीं है। कर्मचारियों पर रिपोर्ट दर्ज कराने की बात गलत है, ऐसा कुछ नहीं हुआ है।
- रविंद्र कुमार, एसपी सिटी
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दो दिन से एसपी सिटी कार्यालय में ही एक ही मामले की चर्चा है। बताया जाता है कि एसपी सिटी रविंद्र कुमार सुबह दस बजे ऑफिस पहुंच गए। देखा तो पूरा कार्यालय खाली पड़ा था। पेशी समेत सभी कमरों का स्टाफ नदारद था। बस फिर क्या था, उनका पारा चढ़ गया। हालांकि दो कर्मचारी ऑफिस पहुंच चुके थे लेकिन वे भी अंदर की ओर थे। इससे गुस्साए एसपी सिटी ने पूरे कार्यालय स्टाफ पर ही रिपोर्ट लिखा दी, जिसमें दरोगा, सिपाही समेत 12 कर्मचारी शामिल हैं। मगर एसपी सिटी की सख्ती का यह मामला पूरे विभाग में चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि लंबे समय से पुलिस विभाग में इस तरह कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कर्मचारी भी साहब के डर से चुप्पी साधे हुए हैं और कोई कुछ बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।
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यह हमारा विभागीय मामला है, इसमें खबर जैसी कोई बात नहीं है। कर्मचारियों पर रिपोर्ट दर्ज कराने की बात गलत है, ऐसा कुछ नहीं हुआ है।
- रविंद्र कुमार, एसपी सिटी