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कमलेश तिवारी हत्याकांड: कामरान अंडरग्राउंड, गिरफ्तारी की कोशिश भी नहीं
Tue, 29 Oct 2019 02:21 AM IST
बरेली ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 29 Oct 2019 02:21 AM IST
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कमलेश तिवारी फाइल फोटो
- फोटो : Social Media
कमलेश तिवारी हत्याकांड में हत्यारों के मददगार नावेद के दोस्त कामरान को गिरफ्तार करने के लिए लखनऊ की टीम ने शनिवार रात दबिश दी थी। कामरान नहीं मिल सका था। तब से कामरान अंडरग्राउंड हो गया है। स्थानीय पुलिस और एजेंसियां लखनऊ से कोई आदेश होने के बाद ही दबिश देने की बात कह रही हैं।
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लखनऊ के हाईप्रोफाइल कमलेश तिवारी हत्याकांड के तार बरेली से जुड़े मिले हैं। दरगाह के नातख्वाह सैयद कैफी अली और खिदमतगार हाईकोर्ट के वकील नावेद को पिछले दिनों लखनऊ से मिले निर्देश के बाद गिरफ्तार किया जा चुका है।
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बाकी जगहों से पकड़े आरोपियों के साथ 26 अक्तूबर को ये दोनों भी जेल भेज दिए गए थे। अब मददगारों के तौर पर नावेद के बिजनेस पार्टनर कामरान का नाम सामने आया है।
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पिछले दिनों लखनऊ से मिले निर्देश पर कामरान की बरेली में मौजूदगी की रिपोर्ट एजेंसियों ने हाईकमान भेज दी थी। हालांकि शनिवार रात लखनऊ की टीम ने दबिश दी तो कामरान नहीं मिल सका। टीम ने परिवार के ही एक युवक से पूछताछ की और उसे बरेली में ही छोड़कर लखनऊ लौट गई।
इसके बाद से कामरान की तलाश नहीं की गई है। वह घर पर नहीं है और पुलिस त्योहार के मूड में है। लखनऊ से नया निर्देश मिलने के बाद ही कार्रवाई की बात कही जा रही है। पुलिस और एजेंसियां इसके लिए एकदूसरे पर भी जवाबदेही डाल रही हैं।
वहीं, आरोपियों का इलाज करने वाले नावेद के करीबी व एक होटल मालिक का नाम भी चर्चा में है। सूत्र बताते हैं कि इनसे भी पूछताछ की जा सकती है पर अभी तक इनके बारे में लखनऊ से इनपुट नहीं मिला है।