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मंदिर पर कब्जे को लेकर दो गुट आमने-सामने, शिवसेना नेता पर आरोप
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बरेली। थाना इज्जतनगर के मठलक्ष्मीपुर स्थित मठाधीश महादेव मंदिर पर कब्जे को लेकर तीन दिन पहले दो गुटों में मारपीट के बाद हुई पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। एक पक्ष का आरोप है कि इज्जतनगर पुलिस शिवसेना नेता के दबाव में काम कर रही है। मारपीट के इस मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों के 21 लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की थी। मोहल्ले में अब भी दोनों गुटों में टकराव के हालात हैं।
मठाधीश महादेव मंदिर में सोनू कुमार और उसकी भाभी सीता सेवादार हैं। बुधवार को उसने एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय से मिलकर इज्जतनगर पुलिस और शिवसेना नेता पर आरोप लगाए। बताया कि शिवसेना नेता अपने साथियों के साथ मंदिर पर कब्जा करना चाहते हैं। इसको लेकर 14 सितंबर को हमला कर दिया। इसमें वह उसका भाई रामगोपाल घायल हो गए। रिपोर्ट दर्ज कराने को थाने में तहरीर दी तो पुलिस ने पांच लोगों को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज तो की, लेकिन शिवसेना नेता का नाम हटा दिया। आरोप है कि बाद में शिवसेना नेता के इशारे पर पुलिस ने पुलिस ने हरीशंकर की ओर से उसके पक्ष के 21 लोगों को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कर ली। अब समझौता करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। सेवादार पक्ष का कहना है कि उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई पूरी तरह से गलत है। एसएसपी ने जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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मठाधीश महादेव मंदिर में सोनू कुमार और उसकी भाभी सीता सेवादार हैं। बुधवार को उसने एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय से मिलकर इज्जतनगर पुलिस और शिवसेना नेता पर आरोप लगाए। बताया कि शिवसेना नेता अपने साथियों के साथ मंदिर पर कब्जा करना चाहते हैं। इसको लेकर 14 सितंबर को हमला कर दिया। इसमें वह उसका भाई रामगोपाल घायल हो गए। रिपोर्ट दर्ज कराने को थाने में तहरीर दी तो पुलिस ने पांच लोगों को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज तो की, लेकिन शिवसेना नेता का नाम हटा दिया। आरोप है कि बाद में शिवसेना नेता के इशारे पर पुलिस ने पुलिस ने हरीशंकर की ओर से उसके पक्ष के 21 लोगों को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कर ली। अब समझौता करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। सेवादार पक्ष का कहना है कि उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई पूरी तरह से गलत है। एसएसपी ने जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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