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किराया मांगा तो ड्राइवर को मार डाला, कार कबाड़ी को बेच दी
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नवाबगंज। पांच दिन पहले बुकिंग पर पीलीभीत ले जाई गई कार के लापता ड्राइवर नरेश चंद्र की लाश पुलिस ने पीलीभीत में ही माधोटांडा के जंगल से बरामद कर ली। बुकिंग पर उसकी कार ले जाने वालों ने ही उसकी हत्या कर शव यहां फेंक दिया था और कार को गाजियाबाद ले जाकर किसी कबाड़ी को बेच दी थी। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बाकी की तलाश की जा रही है।
कस्बे के मोहल्ला बिजौरिया में रहने वाले 41 वर्षीय नरेश चंद्र की ईको कार चार सितंबर को कस्बे के ही दूसरे कार ड्राइवर दीपक कुमार ने बुक कराई थी। फोन पर हुई बातचीत में दीपक ने नरेश को बताया था कि कुछ लोग पीलीभीत के गजरौला थाने के गांव जरा कोठी जाना चाहते हैं। बुकिंग पर जाने के बाद नरेश ने उसी शाम दीपक को फोन पर बताया था कि उनकी कार में आए लोग अपने घर में चले गए हैं और उन्हें भाड़ा नहीं दे रहे हैं। दीपक ने उनसे खुद बात कर लेने को कहते हुए नरेश को लौट आने को कहा था, लेकिन इसके बाद भी नरेश नहीं लौटे और उनका मोबाइल फोन भी बंद हो गया।
नरेश दूसरे दिन भी नहीं लौटे तो उनकी पत्नी लक्ष्मी देवी ने थाना नवाबगंज में तहरीर दी। चौकी इंचार्ज दिगंबर सिंह और शिवदत्त जोशी जांच की तो पता चला कि बुकिंग पर कार ले जाने वाले पीलीभीत की राजीव कॉलोनी के दो लोग थे। पुलिस ने दबिश देकर दोनो को उठा लिया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे नरेश की हत्या कर चुके हैं। सोमवार को पुलिस दोनो को लेकर माधोटांडा के जमुनिया पुलिस चौकी क्षेत्र में पहुंची। वहां सिद्ध बाबा के जंगल में नरेश का शव प़ड़ा मिल गया। पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम के लिए पीलीभीत भेज दिया। लक्ष्मी देवी ने बुकिंग कराने वाले कार ड्राइवर दीपक कुमार के साथ कई लोगों के खिलाफ नवाबगंज कोतवाली में पति को अगवा कर हत्या कर देने की रिपोर्ट कराई है।
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गाजियाबाद में कबाड़ी को बेची कार
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पहले उनका इरादा सिर्फ भाड़ा न देना और नरेश से लूटपाट का था लेकिन लूटपाट के दौरान जब नरेश उनसे भिड़ गए तो उन्होंने उनकी जमकर पिटाई की। पिटाई से उनकी हालत बिगड़ी तो उन्होंने भेद खुलने के डर से उसकी हत्या कर दी। उन्होंने बताया कि हत्या के बाद उन्होंने नरेश की कार गाजियाबाद के एक कबाड़ी को बेच दी।
बच्चों के साथ बेसहारा हुई लक्ष्मी
लक्ष्मी नेपाल के महेंद्र नगर की मूल निवासी हैं। 15 साल पहले नरेश से उनकी शादी हुई थी, उनकी 12 साल की बेटी भूमिका और उससे छोटा बेटा आदित्य है। नरेश ही अपने परिवार को पालते थे। उनकी रात दिन की मेहनत से परिवार पल रहा था। अब पत्नी और दोनों बच्चे बेसहारा हो गए।
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कस्बे के मोहल्ला बिजौरिया में रहने वाले 41 वर्षीय नरेश चंद्र की ईको कार चार सितंबर को कस्बे के ही दूसरे कार ड्राइवर दीपक कुमार ने बुक कराई थी। फोन पर हुई बातचीत में दीपक ने नरेश को बताया था कि कुछ लोग पीलीभीत के गजरौला थाने के गांव जरा कोठी जाना चाहते हैं। बुकिंग पर जाने के बाद नरेश ने उसी शाम दीपक को फोन पर बताया था कि उनकी कार में आए लोग अपने घर में चले गए हैं और उन्हें भाड़ा नहीं दे रहे हैं। दीपक ने उनसे खुद बात कर लेने को कहते हुए नरेश को लौट आने को कहा था, लेकिन इसके बाद भी नरेश नहीं लौटे और उनका मोबाइल फोन भी बंद हो गया।
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नरेश दूसरे दिन भी नहीं लौटे तो उनकी पत्नी लक्ष्मी देवी ने थाना नवाबगंज में तहरीर दी। चौकी इंचार्ज दिगंबर सिंह और शिवदत्त जोशी जांच की तो पता चला कि बुकिंग पर कार ले जाने वाले पीलीभीत की राजीव कॉलोनी के दो लोग थे। पुलिस ने दबिश देकर दोनो को उठा लिया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे नरेश की हत्या कर चुके हैं। सोमवार को पुलिस दोनो को लेकर माधोटांडा के जमुनिया पुलिस चौकी क्षेत्र में पहुंची। वहां सिद्ध बाबा के जंगल में नरेश का शव प़ड़ा मिल गया। पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम के लिए पीलीभीत भेज दिया। लक्ष्मी देवी ने बुकिंग कराने वाले कार ड्राइवर दीपक कुमार के साथ कई लोगों के खिलाफ नवाबगंज कोतवाली में पति को अगवा कर हत्या कर देने की रिपोर्ट कराई है।
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गाजियाबाद में कबाड़ी को बेची कार
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पहले उनका इरादा सिर्फ भाड़ा न देना और नरेश से लूटपाट का था लेकिन लूटपाट के दौरान जब नरेश उनसे भिड़ गए तो उन्होंने उनकी जमकर पिटाई की। पिटाई से उनकी हालत बिगड़ी तो उन्होंने भेद खुलने के डर से उसकी हत्या कर दी। उन्होंने बताया कि हत्या के बाद उन्होंने नरेश की कार गाजियाबाद के एक कबाड़ी को बेच दी।
बच्चों के साथ बेसहारा हुई लक्ष्मी
लक्ष्मी नेपाल के महेंद्र नगर की मूल निवासी हैं। 15 साल पहले नरेश से उनकी शादी हुई थी, उनकी 12 साल की बेटी भूमिका और उससे छोटा बेटा आदित्य है। नरेश ही अपने परिवार को पालते थे। उनकी रात दिन की मेहनत से परिवार पल रहा था। अब पत्नी और दोनों बच्चे बेसहारा हो गए।