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बरेली कॉलेज के लैब असिस्टेंट के घर डकैती
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बिथरी चैनपुर। गांव उमरिया सैदपुर में बरेली कॉलेज के लैब असिस्टेंट मेंहदी हसन के घर सोमवार रात डकैती पड़ गई। रात करीब एक बजे घर की दीवार फलांगकर घर में घुसे बदमाशों ने मेंहदी और उनके परिवार वालों को उन्हीं के कपड़ों से हाथ बांधकर एक तरफ बैठाने के बाद लूटपाट की और करीब ढाई लाख के जेवरों के अलावा साठ हजार कैश और कीमती सामान लूट ले गए। घटना की सूचना पर एसएसपी ने कई अफसरों के साथ मौका मुआयना किया। फोरेंसिक टीम और डॉग स्कवॉड की मदद से छानबीन की, हालांकि कोई ठोस सुराग नहीं हासिल हो पाया।
मेहंदी हसन उमरिया गांव में अपने भाई रहीस के साथ एक ही घर में रहते हैं। रहीस की रेडिमेड कपड़ों की दुकान है। इसके अलावा घर में आटा चक्की, आइसक्रीम फैक्ट्री और आरओ प्लांट भी लगा हुआ है। सोमवार को बकरीद मनाने के बाद परिवार के लोग बरामदे में सो रहे थे। करीब एक बजे हथियारों से लैस नकाबपोश छह बदमाश गेट कूदकर घर में घुस आए। उन्होंने पहले मेंहदी हसन को उठाया और तमंचा दिखाते हुए उनके हाथ उन्हीं के तहमद से बांधकर अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद परिवार के बाकी लोगों को भी कपड़ों से बांधकर एक कमरे में बैठा दिया। इसके बाद बदमाशों ने करीब एक घंटे तक घर में लूटपाट की। अलमारी में रखे ढाई लाख के जेवर और साठ हजार कैश निकाल लिया। बच्चों के स्कूल बैग तक खंगाले और रेजगारी भी नहीं छोड़ी। डकैती की सूचना पर एसपी सिटी अभिनंदन सिंह, एसपी क्राइम रमेश भारतीय, सीओ कुलदीप कुमार, इंस्पेक्टर ललित मोहन मौके पर पहुंचे। एसएसपी मुनिराज जी ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। हालांकि काफी छानबीन के बाद भी बदमाशों का कुछ पता नहीं चला।
पूरब की भाषा बोल रहे थे बदमाश
मेहंदी हसन ने अफसरों को बताया कि बदमाश 30 से 35 साल की उम्र के थे। उनकी बोली शाहजहांपुर-फर्रुखाबाद जिलों जैसी थी। लूटपाट के दौरान उन्होंने यह भी पूछा कि तुम लोगों में सरकारी नौकर कौन है। यानी उन्हें परिवार के बारे में पूरी जानकारी थी। सभी ने अपना मुंह ढका हुआ था। अज्ञात बदमाशों के खिलाफ दी गई तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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मेहंदी हसन उमरिया गांव में अपने भाई रहीस के साथ एक ही घर में रहते हैं। रहीस की रेडिमेड कपड़ों की दुकान है। इसके अलावा घर में आटा चक्की, आइसक्रीम फैक्ट्री और आरओ प्लांट भी लगा हुआ है। सोमवार को बकरीद मनाने के बाद परिवार के लोग बरामदे में सो रहे थे। करीब एक बजे हथियारों से लैस नकाबपोश छह बदमाश गेट कूदकर घर में घुस आए। उन्होंने पहले मेंहदी हसन को उठाया और तमंचा दिखाते हुए उनके हाथ उन्हीं के तहमद से बांधकर अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद परिवार के बाकी लोगों को भी कपड़ों से बांधकर एक कमरे में बैठा दिया। इसके बाद बदमाशों ने करीब एक घंटे तक घर में लूटपाट की। अलमारी में रखे ढाई लाख के जेवर और साठ हजार कैश निकाल लिया। बच्चों के स्कूल बैग तक खंगाले और रेजगारी भी नहीं छोड़ी। डकैती की सूचना पर एसपी सिटी अभिनंदन सिंह, एसपी क्राइम रमेश भारतीय, सीओ कुलदीप कुमार, इंस्पेक्टर ललित मोहन मौके पर पहुंचे। एसएसपी मुनिराज जी ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। हालांकि काफी छानबीन के बाद भी बदमाशों का कुछ पता नहीं चला।
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पूरब की भाषा बोल रहे थे बदमाश
मेहंदी हसन ने अफसरों को बताया कि बदमाश 30 से 35 साल की उम्र के थे। उनकी बोली शाहजहांपुर-फर्रुखाबाद जिलों जैसी थी। लूटपाट के दौरान उन्होंने यह भी पूछा कि तुम लोगों में सरकारी नौकर कौन है। यानी उन्हें परिवार के बारे में पूरी जानकारी थी। सभी ने अपना मुंह ढका हुआ था। अज्ञात बदमाशों के खिलाफ दी गई तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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