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चार दिन पहले से बना लिया था हत्या का प्लान
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भमोरा। डेयरी कर्मी अवधेश की हत्या का प्लान उसके रिश्ते के चाचा ने चार दिन पहले से बनाना शुरू कर दिया था। अपना काम छोड़कर वो अवधेश की मौजूदगी और उसके आसपास के लोगों की टोह लेने में जुटा था। अवधेश की हत्या के बाद ये बातें सामने आईं तो परिवार से लेकर पुलिस तक चौंक गई।
अवधेश के पिता राकेश ने पुलिस को बताया कि हत्यारोपी और अवधेश एक साल पहले तक इसी डेयरी में मजदूरी करते थे। कुछ महीनों पहले दोनों काम छोड़कर चले गए थे। आरोपी को शक था कि अवधेश के संबंध उसकी पत्नी से हैं। गांव में कई बार कहासुनी हो चुकी थी। उनका बेटा बाहर नौकरी करने गया था। वहां से कुछ दिन पहले लौटा और चार दिन पहले इसी डेयरी पर नौकरी करने आया था।
पुलिस ने जांच की तो पता लगा कि हत्यारोपी भी महेशपुरा की एक डेयरी पर नौकरी कर रहा था। वहां वह चार दिन पहले से काम पर नहीं जा रहा था। उसने अवधेश की डेयरी पर ही काम करने वाले मुनीश को फोन करके पूछा था कि तुम डेयरी पर हो या नहीं। अगर हो तो मुझ पर गांव के एक व्यक्ति के एक हजार रुपये आ रहे हैं, वह भेज दूं। मुनीश ने बताया कि मैं चार दिन पहले नौकरी छोड़ चुका हूं। तब आरोपी ने पूछा अब वहां कौन-कौन है। मुनीश ने बताया कि वहां सत्यवीर और अवधेश ही हैं। इसके बाद आरोपी ने हत्या को अंजाम दिया।
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मौके से जुटाए साक्ष्य
घटना के बाद एसपी देहात, सीओ आंवला रामप्रकाश, एसओ भमोरा जावेद खान ने फोरेंसिक टीम के साथ मौका मुआयना कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस को जरूरी निर्देश दिए। पुलिस ने आरोपी की पत्नी को पूछताछ के लिए बुलाया। पत्नी ने बताया कि पति उस पर बेवजह शक और अक्सर मारपीट करता था।
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अवधेश के पिता राकेश ने पुलिस को बताया कि हत्यारोपी और अवधेश एक साल पहले तक इसी डेयरी में मजदूरी करते थे। कुछ महीनों पहले दोनों काम छोड़कर चले गए थे। आरोपी को शक था कि अवधेश के संबंध उसकी पत्नी से हैं। गांव में कई बार कहासुनी हो चुकी थी। उनका बेटा बाहर नौकरी करने गया था। वहां से कुछ दिन पहले लौटा और चार दिन पहले इसी डेयरी पर नौकरी करने आया था।
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पुलिस ने जांच की तो पता लगा कि हत्यारोपी भी महेशपुरा की एक डेयरी पर नौकरी कर रहा था। वहां वह चार दिन पहले से काम पर नहीं जा रहा था। उसने अवधेश की डेयरी पर ही काम करने वाले मुनीश को फोन करके पूछा था कि तुम डेयरी पर हो या नहीं। अगर हो तो मुझ पर गांव के एक व्यक्ति के एक हजार रुपये आ रहे हैं, वह भेज दूं। मुनीश ने बताया कि मैं चार दिन पहले नौकरी छोड़ चुका हूं। तब आरोपी ने पूछा अब वहां कौन-कौन है। मुनीश ने बताया कि वहां सत्यवीर और अवधेश ही हैं। इसके बाद आरोपी ने हत्या को अंजाम दिया।
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मौके से जुटाए साक्ष्य
घटना के बाद एसपी देहात, सीओ आंवला रामप्रकाश, एसओ भमोरा जावेद खान ने फोरेंसिक टीम के साथ मौका मुआयना कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस को जरूरी निर्देश दिए। पुलिस ने आरोपी की पत्नी को पूछताछ के लिए बुलाया। पत्नी ने बताया कि पति उस पर बेवजह शक और अक्सर मारपीट करता था।