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अलीगंज थाने में बवाल पर उठा सवाल.. पुलिस लुटेरी या ग्राम प्रधान अफीम तस्कर
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आंवला/अलीगंज। तमाम लोगों के साथ सोमवार को थाना अलीगंज घेरने पहुंचे मझगवां ब्लॉक के गांव ढकिया के प्रधान छत्रपाल ने थाने के दो दरोगा और दो सिपाहियों पर अफीम की फर्जी बरामदगी दिखाकर उनसे सात लाख रुपये वसूल लेने का आरोप लगाकर सनसनी फैलाने के साथ कई सवाल भी खड़े कर दिए। थाने पर इस दौरान हंगामा हुआ तो आंवला, सिरौली और बिशारतगंज थानों की पुलिस बुला ली गई। एसपी देहात भी पहुंच गए। सूत्रों के मुताबिक करीब छह घंटे चले आरोप-प्रत्यारोप के दौर ने सबकुछ साफ कर दिया लेकिन मामला कुछ ऐसा फंसा था कि अफसर भी हाथ खींचकर निकल लिए।
ग्राम प्रधान छत्रपाल के मुताबिक रविवार को वह अपनी मिलक के बहादुरगंज में अपनी ननिहाल से लौट रहे थे। उनकी स्कॉर्पियो दोपहर दो बजे बिशारतगंज के गांव भीकमपुर से गुजरी तो गैनी चौकी पर तैनात दो सिपाहियों ने गाड़ी रोक ली। उन्हें बताया कि उनकी गाड़ी में अफीम होने की सूचना मिली है। दोनों सिपाही गाड़ी को गैनी चंदनपुर तिराहे तक ले गए जहां थाने से आए दो सबइंस्पेक्टरों ने जबरन गाड़ी की तलाशी ली। इनमें एक नितिन मिश्रा थे। ग्राम प्रधान ने आरोप लगाया कि गाड़ी में कुछ नहीं मिला तो पुलिस ने अपने साथ लाई अफीम उनके हाथ में रख दी और उसका वीडियो बना लिया। इसके बाद 14 लाख की रकम मांगते हुए उन्हें धमकी दी कि रकम न देने पर वे उन्हें अफीम के केस में बंद कर देंगे। दो घंटे इधर-उधर घुमाने के बाद सात लाख रुपये में सौदा तय हुआ तो दरोगा उन्हें थाने में अपने कमरे में ले गए। इसके बाद उन्होंने घर से सात लाख रुपया मंगाकर पुलिस को दिए, तब कहीं उन्हें जाने दिया गया। दरोगा नितिन शर्मा ने ग्राम प्रधान के आरोपों को गलत बताया। उन्होंने बताया कि सूचना मिली थी कि ग्राम प्रधान अफीम लेकर जा रहे हैं। उनकी गाड़ी चेक जरूर की गई लेकिन कुछ न मिलने पर तत्काल छोड़ भी दिया गया।
सवालों में उलझा सच जानना इतना तो मुश्किल नहीं
ग्राम प्रधान के आरोपों का सच उसके और आरोपी पुलिस कर्मियों की मोबाइल लोकेशन से ही पता लग सकता था लेकिन अफसरों ने मौके पर ऐसा कोई आश्वासन नहीं दिया। लोगों में इस बीच यह भी चर्चा रही कि अफसरों को सबकुछ पता लग गया है। अब वे अपने हिसाब से फैसला करेंगे। तमाम सवाल भी चर्चाओं में रहे। लोग पूछते रहे कि क्या अलीगंज पुलिस इतनी बड़ी लुटेरी हो चुकी है कि किसी बेकसूर ग्राम प्रधान पर भी फर्जी आरोप लगाकर उससे सात लाख जैसी मोटी रकम की वसूली कर सकती है या फिर ग्राम प्रधान खुद भी सिर्फ आधी सच्चाई बता रहे हैं। यह भी पूछा जा रहा है कि किसी दूसरे थाने के सिपाहियों के कहने पर ग्राम प्रधान इतनी आसानी से क्यों उनके साथ चले गए। यह भी कहा जा रहा है कि पुलिस ने अगर वाकई सात लाख की वसूली कर प्रधान को छोड़ दिया तो अब उससे अफीम की बरामदगी की बात तो कबूलने से रही।
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थानाध्यक्ष ने पल्ला झाड़ा
अलीगंज के थानाध्यक्ष मनोज मिश्रा ने ग्राम प्रधान छत्रपाल के आरोपों पर कोई टिप्पणी नहीं की। न उन्हें सच बताया न झूठ बल्कि यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि रविवार को तो वह थाने में ही नहीं थे। सोमवार को थाने लौटे तो इस प्रकरण की जानकारी मिली। रविवार को क्या हुआ था, वह कुछ नहीं जानते।
ग्राम प्रधान ने अलीगंज थाने के दो दरोगा और दो सिपाहियों पर अफीम तस्करी के फर्जी आरोप में वसूली करने का आरोप लगाया है। इसकी जांच की जा रही है, जो भी दोषी निकलेगा, उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। - संसार सिंह, एसपी देहात
आरोपों की जांच की जा रही है। ग्राम प्रधान के बयानों की रिकॉर्डिंग की गई है। दरोगा के कमरों को भी चेक किया लेकिन कमरे में कोई आपत्तिजनक चीज नहीं मिली। - रामप्रकाश, सीओ
धर्मपाल ने फोन करके कहा- धन
उगाही करने में जुटी है पुलिस
पूर्व सिंचाई मंत्री और विधायक धर्मपाल सिंह ने भी इस मामले में इस संवाददाता को फोन करके बताया कि पूरा अलीगंज थाना कानून-व्यवस्था पर ध्यान देने के बजाय धन उगाही करने में जुटा रहता है। ग्राम प्रधान ने जो आरोप लगाए हैं, पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। पुलिस की हालत यह है कि वह पैसे लेकर तस्करों के हाथ ही बरामद अफीम को बेच देती है।
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ग्राम प्रधान छत्रपाल के मुताबिक रविवार को वह अपनी मिलक के बहादुरगंज में अपनी ननिहाल से लौट रहे थे। उनकी स्कॉर्पियो दोपहर दो बजे बिशारतगंज के गांव भीकमपुर से गुजरी तो गैनी चौकी पर तैनात दो सिपाहियों ने गाड़ी रोक ली। उन्हें बताया कि उनकी गाड़ी में अफीम होने की सूचना मिली है। दोनों सिपाही गाड़ी को गैनी चंदनपुर तिराहे तक ले गए जहां थाने से आए दो सबइंस्पेक्टरों ने जबरन गाड़ी की तलाशी ली। इनमें एक नितिन मिश्रा थे। ग्राम प्रधान ने आरोप लगाया कि गाड़ी में कुछ नहीं मिला तो पुलिस ने अपने साथ लाई अफीम उनके हाथ में रख दी और उसका वीडियो बना लिया। इसके बाद 14 लाख की रकम मांगते हुए उन्हें धमकी दी कि रकम न देने पर वे उन्हें अफीम के केस में बंद कर देंगे। दो घंटे इधर-उधर घुमाने के बाद सात लाख रुपये में सौदा तय हुआ तो दरोगा उन्हें थाने में अपने कमरे में ले गए। इसके बाद उन्होंने घर से सात लाख रुपया मंगाकर पुलिस को दिए, तब कहीं उन्हें जाने दिया गया। दरोगा नितिन शर्मा ने ग्राम प्रधान के आरोपों को गलत बताया। उन्होंने बताया कि सूचना मिली थी कि ग्राम प्रधान अफीम लेकर जा रहे हैं। उनकी गाड़ी चेक जरूर की गई लेकिन कुछ न मिलने पर तत्काल छोड़ भी दिया गया।
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सवालों में उलझा सच जानना इतना तो मुश्किल नहीं
ग्राम प्रधान के आरोपों का सच उसके और आरोपी पुलिस कर्मियों की मोबाइल लोकेशन से ही पता लग सकता था लेकिन अफसरों ने मौके पर ऐसा कोई आश्वासन नहीं दिया। लोगों में इस बीच यह भी चर्चा रही कि अफसरों को सबकुछ पता लग गया है। अब वे अपने हिसाब से फैसला करेंगे। तमाम सवाल भी चर्चाओं में रहे। लोग पूछते रहे कि क्या अलीगंज पुलिस इतनी बड़ी लुटेरी हो चुकी है कि किसी बेकसूर ग्राम प्रधान पर भी फर्जी आरोप लगाकर उससे सात लाख जैसी मोटी रकम की वसूली कर सकती है या फिर ग्राम प्रधान खुद भी सिर्फ आधी सच्चाई बता रहे हैं। यह भी पूछा जा रहा है कि किसी दूसरे थाने के सिपाहियों के कहने पर ग्राम प्रधान इतनी आसानी से क्यों उनके साथ चले गए। यह भी कहा जा रहा है कि पुलिस ने अगर वाकई सात लाख की वसूली कर प्रधान को छोड़ दिया तो अब उससे अफीम की बरामदगी की बात तो कबूलने से रही।
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थानाध्यक्ष ने पल्ला झाड़ा
अलीगंज के थानाध्यक्ष मनोज मिश्रा ने ग्राम प्रधान छत्रपाल के आरोपों पर कोई टिप्पणी नहीं की। न उन्हें सच बताया न झूठ बल्कि यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि रविवार को तो वह थाने में ही नहीं थे। सोमवार को थाने लौटे तो इस प्रकरण की जानकारी मिली। रविवार को क्या हुआ था, वह कुछ नहीं जानते।
ग्राम प्रधान ने अलीगंज थाने के दो दरोगा और दो सिपाहियों पर अफीम तस्करी के फर्जी आरोप में वसूली करने का आरोप लगाया है। इसकी जांच की जा रही है, जो भी दोषी निकलेगा, उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। - संसार सिंह, एसपी देहात
आरोपों की जांच की जा रही है। ग्राम प्रधान के बयानों की रिकॉर्डिंग की गई है। दरोगा के कमरों को भी चेक किया लेकिन कमरे में कोई आपत्तिजनक चीज नहीं मिली। - रामप्रकाश, सीओ
धर्मपाल ने फोन करके कहा- धन
उगाही करने में जुटी है पुलिस
पूर्व सिंचाई मंत्री और विधायक धर्मपाल सिंह ने भी इस मामले में इस संवाददाता को फोन करके बताया कि पूरा अलीगंज थाना कानून-व्यवस्था पर ध्यान देने के बजाय धन उगाही करने में जुटा रहता है। ग्राम प्रधान ने जो आरोप लगाए हैं, पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। पुलिस की हालत यह है कि वह पैसे लेकर तस्करों के हाथ ही बरामद अफीम को बेच देती है।