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Bareilly News: किला पुल में जमीं लापरवाही की जड़ें, समय से पहले हुआ बूढ़ा, दीवारों में पड़ गईं गहरी दरारें

Fri, 03 Feb 2023 03:14 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 03 Feb 2023 03:14 PM IST
सार

किला पुल की मरम्मत के नाम पर कई बार धन निकाला गया, लेकिन इस छोटे से काम पर ध्यान नहीं दिया गया। अफसरों की लापरवाही से पौधे दरख्त बन गए। नतीजा किला पुल की दीवारों में गहरी दरारें पड़ गईं। 

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cracks in the walls of the Bareilly Qila Bridge due to trees
किला पुल की दीवारों में पड़ीं दरारें - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बरेली में अफसरों की लापरवाही के चलते किला पुल समय से पहले ही बूढ़ा हो गया। इस पर उगे नन्हें पौधे जो हाथ से उखाड़कर फेंके जा सकते थे, समय के साथ वे दरख्त बन गए। आरी और कुल्हाड़ी से किसी तरह उनको काट तो दिया गया, लेकिन पुल की दीवारों से उनकी जड़ें नहीं निकाली जा सकीं। इनकी जड़े इतनी गहरी हैं कि दीवारों में दरारें आ गई हैं। 

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किला पुल की मरम्मत के नाम पर कई बार धन निकाला गया, लेकिन इस छोटे से काम पर ध्यान नहीं दिया गया। बार-बार डामर की सड़क डाली जाती रही। इस पुल पर भ्रष्टाचार की इतनी परतें चढ़ीं कि वह मजबूत होने के बजाय और कमजोर हो गया। पिलर व दीवारों में दरारें आ गईं। दीवारों में घुसी पेड़ों की जड़ों को निकाला नहीं जा सका तो उनको नष्ट करने के लिए अब केमिकल डालने पर विचार हुआ, लेकिन पीपल की जड़ें होने की वजह से अभियंताओं में सहमति नहीं बनी और उन्हें वैसे ही छोड़ दिया गया।
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पेड़ों की कटान कर रहे मजदूरों का कहना है कि ये 30-35 वर्ष पुराने हैं। इनको ऊपर से काट दिया गया है, लेकिन इनकी जड़ें निकाल पाना संभव नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अभियंताओं की लापरवाही की वजह से ही यह नौबत आई है जो अब मरम्मत के लिए पांच करोड़ रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। यदि समय से पौधों को काट दिया गया होता तो यह स्थिति नहीं आती।

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मरम्मत के दौरान सफाई पर भी ध्यान दिया जाए 

आगरा के जल संस्थान में अधिशासी अभियंता रहे राजेंद्र कुमार आर्य ने बताया कि वहां पाइप लाइन के भीतर ज्वाइंट में बीज अंकुरित होने से पीपल के पौधे निकल आते थे। कई बार तो ऐसा होता था काटने के बाद पीपल के पौधे दोबारा हरे-भरे हो जाते थे। मैं यही कहूंगा पुलों की मरम्मत के दौरान आसपास की सफाई पर भी ध्यान दिया जाए। अगर मरम्मत के वक्त पौधे हटा दिए जाएं तो दरख्त क्यों बनेंगे? मेरा स्पष्ट तौर पर मानना है कि इस मामले में समय-समय पर अनदेखी की गई। यही वजह है कि पुल कमजोर हुआ और उसकी आयु भी कम हो गई।

लोक निर्माण विभाग अधिशासी अभियंता नारायण सिंह ने कहा कि समय-समय पर देखरेख जरूरी है। जहां कहीं भी भवन और पुलों पर पौधे उगें, तत्काल उन्हें हटाना चाहिए। किला पुल पर पहले क्या हुआ, मरम्मत के दौरान इन पौधों को क्यों नहीं हटाया गया, इस पर मैं कुछ नहीं कह सकता। जहां भी पुल पर दरख्त नजर आ रहे हैं, अब उन्हें वहां से हटाया जा रहा है। जड़ों को भी नष्ट कराएंगे ताकि वे फिर से हरे होकर पुल की मजबूती के लिए खतरा न बने।

'इस तरह उगे पौधे'

डीएफओ समीर कुमार का कहना है कि पीपल और बरगद के पौधे आसानी से छत और दीवारों पर उग आते हैं। इनके बीज पक्षियों के मल के साथ पहुंचते हैं और जहां थोड़ी सी नमी मिलती है, पौधे उग जाते हैं। पुल की दीवार पर भी इसी तरह से पौधे उगे होंगे। अगर समय रहते इन्हें नहीं हटाते हैं तो पौधे खतरा बन जाते हैं। जिस दीवार में पौधे बड़े हो जाते हैं, उनका कमजोर होना स्वाभाविक है।

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