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Bareilly News: सुबह से दहशत की दरार...रात में मरम्मत का मरहम

Sat, 20 Apr 2024 06:44 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Sat, 20 Apr 2024 06:44 AM IST
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Crack of terror in the morning...repair balm at night
बरेली। शहर में 37 दिन पहले जनता को समर्पित महादेव पुल के पिलर की प्रोटेक्शन वॉल में दरार पड़ गई। शुक्रवार सुबह इसकी खबर फैलते ही लोग दहशत में आ गए। लोगों ने पुल निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। डीएम, मेयर और नगर आयुक्त से शिकायत की गई है। सोशल मीडिया पर दरार की फोटो वायरल होने लगी। रात होते-होते मामला इतना बढ़ गया कि सेतु निगम ने आनन-फानन में मरम्मत का मरहम लगाया।
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करीब 1307 मीटर लंबे इस सबसे बड़े ओवरब्रिज महादेव पुल का उद्धाटन लगभग एक माह पहले ही हुआ है। इसे बनाने में 111 करोड़ रुपये की लागत आई थी। यह ब्रिज कोतवाली से कोहड़ापीर चौराहे को जोड़ता है। यहां से गुलाब नगर, कुदेशिया फाटक, डेलापीर और डीडीपुरम को जाने वाले वाहनों का सबसे अधिक आवागमन रहता है। शुक्रवार को कुमार टॉकीज और खोया मंडी के सामने वाले पिलर संख्या एक के फाउंडेशन में दरार देख व्यापारियों में हड़कंप मच गया। निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते रहे। देर शाम सूचना मिलने पर अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया और सेतु निगम को जांच के आदेश दिए। सेतु निगम की टीम ने देर रात में ही मौके पर पहुंचकर दरार को भरने का काम शुरू कर दिया। दरार के कारणों पर जब सेतु निगम के अधिकारियों से बात करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कुछ भी बोलने से साफ इन्कार कर दिया।
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- निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल

पिलर में दरार आने के बाद व्यापारियों ने एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल किया। इसके साथ ही पुल बनाने में इस्तेमाल की गई सामग्री की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े कर दिए। वहीं, निगम के अधिकारियों पर यातायात शुरू करने में जल्दबाजी के आरोप लगाए।
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- पहले भी गड़बड़ी सामने आने के आरोप

व्यापारियों और फड़ विक्रेताओं का कहना था कि कई पिलरों में पहले भी दरार आईं हैं, जिनको सेतु निगम ने तत्काल भरवा दिया। दरारों को इस तरह भरवाया गया कि पता ही नहीं चला कि वहां दोबारा काम हुआ है।


- सोशल मीडिया पर भी दो पक्षों में छिड़ी बहस

इस प्रकरण को लेकर दो पक्षों में सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। एक यूजर ने लिखा कि इस पिलर का डाईमीटर इसके लोड के हिसाब से कम है। वह इस मामले को लगातार उठा रहा है। अधिकारी कृपया इसका संज्ञान लें। हमें पता करना है कि कंपनी ने कितने रुपये में इलेक्टोरल बांड खरीदे हैं। इस पर जवाब में एक दूसरे व्यक्ति ने लिखा कि दरार पिलर की नहीं है। पिलर के ऊपर आउटर (एक्स्ट्रा वर्क) है और वो अलग हो गया है। दरार की बात तो अलग, अगर कोई तोड़ेगा भी तो पिलर नहीं टूटेगा। इसी तरह कई लोगों ने सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रिया दी।


प्रकरण संज्ञान में है, सेतु निगम से मामले को दिखवाया जा रहा है। टेक्निकल प्वाइंट से मामले की संपूर्ण जानकारी होने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

निधि गुप्ता वत्स, सीईओ स्मार्ट सिटी, नगर आयुक्त
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