{"_id":"698796d4e13b1a254b07c46b","slug":"cpiml-will-protest-against-changes-in-labor-code-seed-act-and-mnrega-bareilly-news-c-121-1-pbt1011-153360-2026-02-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: लेबर कोड, बीज कानून और मनरेगा में बदलाव के विरोध में आंदोलन करेगी भाकपा माले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: लेबर कोड, बीज कानून और मनरेगा में बदलाव के विरोध में आंदोलन करेगी भाकपा माले
विज्ञापन
भाकपा माले के शेरपुर में हुए सम्मेलन में मौजूद लोग- स्वयं
- शेरपुर कलां में हुए सम्मेलन में 12 फरवरी को विरोध-प्रदर्शन का लिया गया निर्णय
पूरनपुर। भाकपा (माले) 12 फरवरी को नए चार लेबर कोड, बीज कानून, मनरेगा मेें बदलाव और बिजली के निजीकरण के विरोध में तहसील और जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करेगी। यह निर्णय शनिवार को शेरपुरकलां में हुए भाकपा माले के सम्मेलन में लिया गया।
शेरपुरकलां में हुए सम्मेलन में भाकपा के जिला सचिव देवाशीष राय ने कहा कि केंद्र सरकार ने अमेरिका व यूरोपीय यूनियन से हाल में किए गए समझौते के जरिए मजदूरों और किसानों की किस्मत को बड़ी कंपनियों के हाथ बेच दिया हैं, जो चार लेबर कोड बनाए गए हैं। यह पुराने श्रम कानूनों में, जो मजदूरों के पक्ष में थे, उनको समाप्त कर मजदूरों को मालिकों का गुलाम बना दिया है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सम्मेलन में सईद खां, दिलशाद, मुन्नी बेगम, मोहम्मद फारूक, आफाक खां, शकरूद्दीन, गुफरान, फिरोज अंसारी, हाजरा बेगम ने विचार रखे। इस दौरान 11 सदस्यीय कमेटी बनाई गई। इसमें इलियास को पुन: सचिव मनोनीत किया गया। जिला प्रभारी अफरोज आलम ने 12 फरवरी को तहसील मुख्यालय पर होने वाले विरोध प्रदर्शन में भारी संख्या में लोगों ने पहुंचने की अपील की।
-- -- -- -- --
विज्ञापन
पूरनपुर। भाकपा (माले) 12 फरवरी को नए चार लेबर कोड, बीज कानून, मनरेगा मेें बदलाव और बिजली के निजीकरण के विरोध में तहसील और जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करेगी। यह निर्णय शनिवार को शेरपुरकलां में हुए भाकपा माले के सम्मेलन में लिया गया।
शेरपुरकलां में हुए सम्मेलन में भाकपा के जिला सचिव देवाशीष राय ने कहा कि केंद्र सरकार ने अमेरिका व यूरोपीय यूनियन से हाल में किए गए समझौते के जरिए मजदूरों और किसानों की किस्मत को बड़ी कंपनियों के हाथ बेच दिया हैं, जो चार लेबर कोड बनाए गए हैं। यह पुराने श्रम कानूनों में, जो मजदूरों के पक्ष में थे, उनको समाप्त कर मजदूरों को मालिकों का गुलाम बना दिया है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सम्मेलन में सईद खां, दिलशाद, मुन्नी बेगम, मोहम्मद फारूक, आफाक खां, शकरूद्दीन, गुफरान, फिरोज अंसारी, हाजरा बेगम ने विचार रखे। इस दौरान 11 सदस्यीय कमेटी बनाई गई। इसमें इलियास को पुन: सचिव मनोनीत किया गया। जिला प्रभारी अफरोज आलम ने 12 फरवरी को तहसील मुख्यालय पर होने वाले विरोध प्रदर्शन में भारी संख्या में लोगों ने पहुंचने की अपील की।
विज्ञापन