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जालसाजी: महिला की मौत के बाद बैंक में लगाया 20 लाख का चेक
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
मामला खुलने के बाद एसएसपी के आदेश पर 12 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट
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बरेली। जालसाजों ने महिला की मौत के साल भर बाद उसके खाते से 20 लाख रुपये निकालने के लिए चेक बैंक में लगा दिया। साथ ही यह दिखाया कि चेक लगाने के दौरान महिला खुद भी बैंक पहुंची थी लेकिन मामला खुल गया। इस मामले में एसएसपी के आदेश पर थाना सुभाषनगरे में 12 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
सिविल लाइंस निवासी रामनरेश यादव ने एसएसपी को बताया कि उनकी पत्नी मनोरमा ने मीनाक्षी अस्थाना के साथ वर्ष 2014 में एक जमीन का बैनामा कराया था। कोआपरेटिव बैंक की सिविल लाइंस शाखा में संयुक्त खाते द्वारा विक्रेता को बीस लाख रुपये का भुगतान किया गया। इसके बाद यह खाता निष्क्रिय हो गया लेकिन इससे पहले एहतियात के तौर पर उन्होंने इस खाते से संबंधित बीस लाख रुपये के चेक पर हस्ताक्षर करवा कर रख लिए थे। पिछले साल उनकी पत्नी की मृत्यु हो गई। रामनरेश के मुताबिक उनके पार्टनर के साढू का जमीन को लेकर कुछ लोगों से विवाद चल रहा था। इन लोगों ने उनके घर में घुसकर संयुक्त हस्ताक्षर वाले चेक को चुरा लिया और बैंक कर्मचारी की साठगांठ से 20 अगस्त को उसे बैंक में लगा दिया। खाता लंबे समय से बंद था इसलिए चेक बाउंस हो गया। तब आरोपियों ने वकील के जरिये चेक बाउंस होने का नोटिस भेज दिया। इसमें यह भी दर्शाया उनकी पत्नी 20 अगस्त को उन लोगों के साथ बैंक गई थीं जबकि पत्नी की मृत्यु साल भर पहले हो चुकी थी। इस पर रामनरेश ने एसएसपी से बैंक कर्मचारियों और धोखा देने वालों के खिलाफ मामला दर्ज कराने की मांग की। एसएसपी के आदेश पर नितिन मिश्रा, शालिनी, बाबू खां, मुकेश, सोमनाथ खुराना, पंकज सक्सेना, विधि सक्सेना, अमित सक्सेना, आरती सक्सेना, पूनम सक्सेना, विजय शर्मा, जेके सक्सेना के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।
सिविल लाइंस निवासी रामनरेश यादव ने एसएसपी को बताया कि उनकी पत्नी मनोरमा ने मीनाक्षी अस्थाना के साथ वर्ष 2014 में एक जमीन का बैनामा कराया था। कोआपरेटिव बैंक की सिविल लाइंस शाखा में संयुक्त खाते द्वारा विक्रेता को बीस लाख रुपये का भुगतान किया गया। इसके बाद यह खाता निष्क्रिय हो गया लेकिन इससे पहले एहतियात के तौर पर उन्होंने इस खाते से संबंधित बीस लाख रुपये के चेक पर हस्ताक्षर करवा कर रख लिए थे। पिछले साल उनकी पत्नी की मृत्यु हो गई। रामनरेश के मुताबिक उनके पार्टनर के साढू का जमीन को लेकर कुछ लोगों से विवाद चल रहा था। इन लोगों ने उनके घर में घुसकर संयुक्त हस्ताक्षर वाले चेक को चुरा लिया और बैंक कर्मचारी की साठगांठ से 20 अगस्त को उसे बैंक में लगा दिया। खाता लंबे समय से बंद था इसलिए चेक बाउंस हो गया। तब आरोपियों ने वकील के जरिये चेक बाउंस होने का नोटिस भेज दिया। इसमें यह भी दर्शाया उनकी पत्नी 20 अगस्त को उन लोगों के साथ बैंक गई थीं जबकि पत्नी की मृत्यु साल भर पहले हो चुकी थी। इस पर रामनरेश ने एसएसपी से बैंक कर्मचारियों और धोखा देने वालों के खिलाफ मामला दर्ज कराने की मांग की। एसएसपी के आदेश पर नितिन मिश्रा, शालिनी, बाबू खां, मुकेश, सोमनाथ खुराना, पंकज सक्सेना, विधि सक्सेना, अमित सक्सेना, आरती सक्सेना, पूनम सक्सेना, विजय शर्मा, जेके सक्सेना के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।
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