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Bareilly News: सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता पर भ्रष्टाचार का आरोप
Mon, 28 Sep 2026 02:07 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Mon, 28 Sep 2026 02:07 AM IST
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बरेली। सिंचाई विभाग के नलकूप खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता विनोद कुमार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए शिकायत उप लोकायुक्त से की गई है। बदायूं निवासी फरजान अली खां ने टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता, सरकारी धन के दुरुपयोग और फर्जी बिल-वाउचर के जरिए भुगतान कराने समेत कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
लोकायुक्त की सचिव डॉ. रीमा बंसल की ओर से नौ सितंबर 2026 को अधिशासी अभियंता को पत्र भेजकर शिकायत की छायाप्रति और दस्तावेज उपलब्ध कराए गए हैं। आख्या को चार नवंबर तक उप लोक आयुक्त को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, ये आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं, इनकी पुष्टि अभी जांच में होनी है।
शिकायत में आरोप है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग की विभिन्न निविदाओं में अनियमितता की गई। एक निविदा में करीब 25.73 लाख रुपये और जीएसटी जारी करते हुए कमीशन प्राप्त करने की कोशिश और दूसरी निविदा में 15.11 लाख रुपये और जीएसटी की अनुमानित लागत का उल्लेख किया है। आरोप है कि इसमें से 11 लाख रुपये के भ्रष्टाचार की कोशिश की गई।
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शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आउटसोर्सिंग में मिले 10 लाख रुपये में फर्जी कुशल-अकुशल कर्मचारियों के नाम और मानव दिवस दर्शाकर भुगतान कराया गया। साथ ही स्टेशनरी और अन्य मदों में भी फर्जी बिल-वाउचर के माध्यम से भुगतान किए जाने की बात कही गई है। शिकायत पर पक्ष जानने के लिए अधिशासी अभियंता को कॉल करने के साथ ही मेसेज भी किया गया, मगर उन्होंने जवाब नहीं दिया।
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लोकायुक्त की सचिव डॉ. रीमा बंसल की ओर से नौ सितंबर 2026 को अधिशासी अभियंता को पत्र भेजकर शिकायत की छायाप्रति और दस्तावेज उपलब्ध कराए गए हैं। आख्या को चार नवंबर तक उप लोक आयुक्त को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, ये आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं, इनकी पुष्टि अभी जांच में होनी है।
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शिकायत में आरोप है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग की विभिन्न निविदाओं में अनियमितता की गई। एक निविदा में करीब 25.73 लाख रुपये और जीएसटी जारी करते हुए कमीशन प्राप्त करने की कोशिश और दूसरी निविदा में 15.11 लाख रुपये और जीएसटी की अनुमानित लागत का उल्लेख किया है। आरोप है कि इसमें से 11 लाख रुपये के भ्रष्टाचार की कोशिश की गई।
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शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आउटसोर्सिंग में मिले 10 लाख रुपये में फर्जी कुशल-अकुशल कर्मचारियों के नाम और मानव दिवस दर्शाकर भुगतान कराया गया। साथ ही स्टेशनरी और अन्य मदों में भी फर्जी बिल-वाउचर के माध्यम से भुगतान किए जाने की बात कही गई है। शिकायत पर पक्ष जानने के लिए अधिशासी अभियंता को कॉल करने के साथ ही मेसेज भी किया गया, मगर उन्होंने जवाब नहीं दिया।