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Bareilly News: निगम की गलती... 50 हजार खाली प्लाटों और धार्मिक स्थलों से मांग लिया गृहकर, अब हटाया

Sat, 01 Mar 2025 02:37 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 01 Mar 2025 02:37 AM IST
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Corporation's mistake... House tax demanded from 50 thousand vacant plots and religious places, now removed
बरेली। नगर निगम ने करीब 50 हजार खाली भूखंड और धार्मिक स्थलों से गृहकर का आकलन कर दिया गया था। इससे गृहकर का आकड़ा बढ़ गया था। कर विभाग ने जल्दबाजी में शासन को जीआईएस सर्वे के आधार पर भेजी रिपोर्ट में गलती मानी है। निगम की गलती से शासन ने 129 करोड़ रुपये गृहकर वसूलने का लक्ष्य दे दिया था। अब वह लक्ष्य कम होकर 68 करोड़ रुपये हो गया है।
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2023-24 में नगर निगम ने जीआईएस सर्वे करवाया था। सर्वे में करदाताओं की संख्या 1.45 लाख से बढ़कर 2.28 लाख हो गई थी। नगर निगम ने जीआईएस सर्वे के बाद भौतिक सत्यापन कराना जरूरी नहीं समझा। जल्दबाजी में ही शासन को रिपोर्ट भेज दी। शासन ने बरेली नगर निगम के कार्य को सराहते हुए 129 करोड़ रुपये का लक्ष्य दे दिया। नगर निगम में जीआईएस सर्वे के लागू होने के बाद बिल में गड़बड़ी की शिकायतें आने लगीं। शिकायतों में निर्माणाधीन मकान से लेकर खाली भूखंड तक के नोटिस थे। कई मामलों में एक ही संपत्ति के दो बिल तक बना दिए गए।
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वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले शासन की फटकार के बाद अफसरों ने भौतिक सत्यापन कराया। इसके बाद हकीकत सामने आई है। नई रिपोर्ट में बताया गया कि जीआईएस सर्वे में खाली भूखंड के अलावा धार्मिक स्थल तक को बिल भेज दिया गया। शासनादेश के मुताबिक धार्मिक स्थलों को गृहकर से छूट है। इसलिए इन संपत्तियों को गृहकर वसूली से बाहर कर दिया गया है। उसमें 19 हजार भूखंड, 31 हजार धार्मिक स्थल हैं। इनको घटाने के बाद टैक्स के दायरे में 1.78 लाख आवास रह गए हैं। अब टैक्स का लक्ष्य 129 करोड़ से घटकर 68 करोड़ हो गया है।
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- पार्षद विरोध करते रहे, विभाग हठधर्मिता पर ठहरा रहा
जीआईएस सर्वे के बाद अधिक व डबल डिमांड को लेकर पार्षद विरोध करते रहे। इसके बाद भी विभाग खुद को सही साबित करता रहा। अपनी हठधर्मिता के चलते गलती तक नहीं मानी। संपत्ति विभाग के अधिकारियों का कहना था कि कोई भी सर्वे शत-प्रतिशत सही नहीं हो सकता, कमियां सामने आ रही हैं तो दूर की जाएंगी। वहीं भौतिक सत्यापन कराने की जहमत तक विभाग ने नहीं उठाई।


यह चुनौतियां अभी भी विभाग के सामने...
0. खाली प्लॉटों में जिनके मकान का फोटो है, उनके एरियर के हिसाब से बिल को सुधार करना।
0. अधिक एरियर पर कर वसूली हुई है तो उस बिल का जाेड़ अगले वित्तीय वर्ष में समायोजित करना।
0. धार्मिक स्थलों की जगह पड़ोसी के लगे टैक्स को लागू करना और डबल डिमांड होने पर निरस्त करना
संवाद


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- जीआईएस सर्वे में धार्मिक स्थल व प्लॉटों को जोड़ लिया गया था। इसको भी संपत्ति बनाया गया था। सत्यापन के दौरान ऐसे 50 हजार संपत्तियां हैं, जहां कर लागू नहीं होती। इनको आंकड़ों से घटाया गया है और अब उपभोक्ताओं की संख्या 2.28 लाख से घटकर 1.78 लाख रह गई है। - प्रदीप कुमार मिश्र, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी
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