७ दिन का झटका, १७३५ करोड़ का कारोबार हजम कर चुका कोरोना
बड़ा झटका दे जाएगा लॉक डाउन: बरेली के हर क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों ने जताई बड़े नुकसान की आशंका
कोरोना ने पूरे देश में ऐसे वक्त में दस्तक दी जब गेहूं की फसल कटने वाली है और इसी के साथ सहालग की भी शुरुआत होनी थी। कारोबारी क्षेत्रों में हर साल फरवरी की शुरुआत से ही पूरे साल के सबसे चमकदार रहने वाले इस सीजन की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। कारोबारियों का कहना है कि सर्दी भर सिर्फ गर्म कपड़ों और कुछ हद तक इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रॉनिक्स के उपकरणों के बाजार में बूम रहने के बाद यह सीजन सभी सेक्टरों के लिए होता है लिहाजा सभी कारोबारी पहले से अपने स्टाक फुल कर लेते हैं। इस लिहाजा से देखा जाए तो यह अंदाजा लगाना भी मुश्किल है कि जिले भर के कारोबारियों ने इस सीजन की मांग पूरी करने के लिए कितने अरब के सामान का स्टाक कर रखा है। कोरोना की दहशत के बीच लॉक डाउन होने के बाद यह सारा स्टाक भी जहां के तहां डंप हो गया है।
हफ्ते भर के लॉक डाउन में सबसे ज्यादा नुकसान रेडिमेड गारमेंट और कपड़ा कारोबार को होने का अंदाजा लगाया जा रहा है। कारोबारियों के मुताबिक चूंकि गर्मियों में सबसे ज्यादा शादी-ब्याह ग्रामीण इलाकों में होते हैं, लिहाजा सिर्फ बड़े और ब्रांडेड शोरूम पर ही छोटे कारोबारी भी इस सीजन के लिए काफी तैयारी करते हैं। ये सारी तैयारी रखी रह गई हैं। कोरोना की वजह से नुकसान झेलने वाले कारोबारों में दूसरा नंबर सराफा कारोबार का है। आम तौर पर शादी-ब्याह के लिए फरवरी से ही सराफा बाजार में खरीददारी शुरू हो जाती है लेकिन चीन में कोरोना फैलते ही यह बाजार ऐसा डाउन हुआ कि फिर रफ्तार पकड़ने की नौबत ही नहीं आई।
कोरोना में निपटा कारोबार
बाजार दुकानें अनुमानित कारोबार
गारमेंट 3000 100
नमकीन 95 1.5
कपड़ा 500 27
कंप्यूटर-मोबाइल 1000 5
होटल-रेस्त्रां 250 2
घरेलू उपकरण 400 3.50
सरायन-खाद 700 10
रस्क-बिस्कुट 50 0.90
हलवाई-कैटर्स 650 2
बारात घर 250 3
सराफा 650 10
अन्य -- 10
करोड़ रुपये/प्रतिदिन
लॉक डाउन ऐसे मौके पर हुआ है जब सहालग के सीजन में बाजार सबसे ज्यादा बूम पर रहता है। सप्ताह भर में काफी बड़ा नुकसान हो चुका है। गारमेंट सेक्टर में करोड़ों का कारोबार प्रभावित हुआ है। - नरेेंद्र गुप्ता पप्पू, गारमेंट व्यापारी
बाजार को कोरोना ने बहुत तगड़ा झटका दिया है। इस नुकसान का आंकलन करना आसान नहीं है। कारोबार भूलकर सारे कारोबारी घर में कैद हैं। करोड़ोें का कारोबार एक सप्ताह में ही ढेर हो चुका है।- विभोर गोयल, कारोबारी
बरेली में नमकीन कारोबार अपनी जगह बना रहा था लेकिन लॉक डाउन में बड़ा झटका लगा है। यहां से उत्पाद पहाड़ों के साथ कई जिलों में सप्लाई होते हैं। फैक्टरियां बंद होने से भारी नुकसान हुआ है। - धर्मेंद्र देवनानी, नमकीन निर्माता
सहालग शुरू होने से पहले ही बाजार में कपड़ों और साड़ियों की सेल शुरू हो जाती है। लॉक डाउन से यह सारा कारोबार ठप हो गया है। अब तक करोड़ों का नुकसान हो चुका है। - अनुपम कपूर, थोक कपड़ा कारोबारी
कंप्यूटर, मोबाइल सेक्टर तो चीन में कोरोना फैलने से ही प्रभावित हो गया था। अब लॉक डाउन होने के बाद पूरा बाजार और चौपट हो गया है। करोड़ों का रोज कारोबार करने वाले बाजार में सन्नाटा है। - विपुल गर्ग, कंप्यूटर कारोबारी
होली के बाद होटल कारोबार में सीजन होता था। सहालग से पहले ही तमाम लोगों ने होटलों में बुकिंग करा दी थी। होटल भी आयोजनों की तैयारी में जुटे हुए थे लेकिन ऐसी आपदा आई कि सब कुछ धरा रह गया। - सतीश अग्रवाल, होटल एसोसिएशन
शादी-ब्याह के लिए घरेलू इलेक्ट्रानिक उपकरणों की सबसे ज्यादा खरीददारी होती है। सामान्य दिनों में भी इसका कारोबार चलता रहता है। बाजार बंद होने से करोड़ों का नुकसान हो चुका है।- हरीश अरोरा, इलेक्ट्रानिक विक्रेता एसोसिएशन
गन्ना जैसी कई फसलों की बुवाई का समय है। खाद और कीटनाशक दवाएं लॉक डाउन होने से किसानों तक नहीं पहुंच पा रही हैं। खेतों में फसलें तबाह हो रही हैं और शहर में कारोबारी। - आयुष अग्रवाल, खाद कारोबारी
शहर में हर दिन रस्क और बिस्कुट का करोड़ों का कारोबार होता है। अब सारी फैक्टरियां बंद पड़ी हैं। उनमें लाखों का कच्चा माल भी बर्बाद हो गया है। समझना मुश्किल है कि इसकी भरपाई कैसे होगी। - केके चंदानी, रस्क निर्माता
हलवाई, रेस्टोरेंट, कैटरिंग कारोबार बड़े पैमाने पर फैला हुआ है। समोसा, नमकीन, जलेबी, चाट का ही शहर में हर दिन लाखों का कारोबार होता है। दुकानों में रखा लाखों का माल खराब हो गया है। - पंकज माहेश्वरी, हलवाई एंड कैटरर
सहालग से पहले ही लोगों ने बरातघर बुक करा दिए थे। लॉक डाउन लागू होने से करोड़ों का कारोबार प्रभावित हुआ है। हम लोगों की बुकिंग की एडवांस रकम अगली तारीखों में एडजस्ट करेंगे। - गोपेश अग्रवाल, बैंक्वेट हाल एसोसिएशन
सहालग से सराफा बाजार सीधे जुड़ा हुआ है। हालांकि पूरे साल सराफा आयटम की खरीददारी होती है। अब एक सप्ताह से सब कुछ ठप पड़ा हुआ है। अब तक करोड़ों का कारोबार चौपट हो चुका है।- संदीप अग्रवाल मिंटू, अध्यक्ष सराफा एसोसिएशन