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Bareilly News: निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने पर ठेकेदार होंगे ब्लैकलिस्ट
Sun, 26 Jul 2026 12:09 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sun, 26 Jul 2026 12:09 AM IST
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बरेली। बरेली विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय ने शनिवार को रामगंगानगर आवासीय योजना समेत प्राधिकरण की ओर से विकसित किए जा रहे अन्य आवासीय और वाणिज्यिक परिसरों का निरीक्षण किया। इस दौरान कई जगह सड़कें क्षतिग्रस्त मिलीं। नालों में सिल्ट भरी पाई गई। इस पर उन्होंने अभियंताओं को सुधार की हिदायत दी। निर्माण की गुणवत्ता और नागरिक सुविधाओं में लापरवाही पाए जाने पर ठेकेदारों को ब्लैक लिस्ट करने की चेतावनी दी।
बीडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि प्राधिकरण के हर निर्माण कार्य पर दो वर्ष की डिफेक्ट लाइबिलिटी लागू होती है। यदि इस दौरान किसी कार्य में टूट-फूट, दरार या गुणवत्ता संबंधी दोष पाया जाता है तो संबंधित ठेकेदार को उसे ठीक करना होगा। लापरवाही पर उनकी सुरक्षा निधि जब्त करने, उन्हें ब्लैकलिस्ट करने, अनुबंध समाप्त करने और आर्थिक दंड लगाने जैसी कार्रवाई की जाएगी। अभियंताओं को कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने के लिए कहा।
उपाध्यक्ष ने डोहरा रोड, पीलीभीत बाइपास सहित विभिन्न क्षेत्रों में निर्माणाधीन भवनों का निरीक्षण किया। कहा कि प्रत्येक भवन स्वामी को भवन निर्माण प्रारंभ करने से पूर्व मानचित्र स्वीकृत कराना होगा। निर्माण स्थल पर बैनर या डिस्प्ले बोर्ड लगाना होगा, जिस पर जरूरी जानकारियां अंकित करनी होंगी। स्वीकृत मानचित्र से विचलन पाए जाने पर नियमानुसार कंपाउंडिंग, सीलिंग व ध्वस्तीकरण किया जाएगा।
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कांवड़ यात्रा को देखते हुए उन्होंने बैरियर दो से बड़ा बाइपास तक चल रहे सड़क चौड़ीकरण, प्रकाश व्यवस्था और अन्य विकास का जायजा लिया। कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले सभी निर्माण कार्यों को पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने मार्गों की सफाई, रास्ते के अवरोधों को हटाने और यातायात को सुगम बनाने पर जोर दिया। लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
समय पर करें मानचित्रों का सत्यापन
बीडीए उपाध्यक्ष ने स्वीकृति के लिए आए मानचित्रों का औचक निरीक्षण किया। भौतिक सत्यापन करते हुए अधिकारियों को नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण का उद्देश्य मानचित्रों की वास्तविकता, भूमि के स्वामित्व, मार्ग की उपलब्धता, भू-उपयोग और भवन उपविधियों की जांच करना रहा। उन्होंने कहा कि स्थलीय सत्यापन और अभिलेखीय परीक्षण के बिना किसी भी मानचित्र को स्वीकृति न दी जाए। कहीं कोई विसंगति या नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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बीडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि प्राधिकरण के हर निर्माण कार्य पर दो वर्ष की डिफेक्ट लाइबिलिटी लागू होती है। यदि इस दौरान किसी कार्य में टूट-फूट, दरार या गुणवत्ता संबंधी दोष पाया जाता है तो संबंधित ठेकेदार को उसे ठीक करना होगा। लापरवाही पर उनकी सुरक्षा निधि जब्त करने, उन्हें ब्लैकलिस्ट करने, अनुबंध समाप्त करने और आर्थिक दंड लगाने जैसी कार्रवाई की जाएगी। अभियंताओं को कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने के लिए कहा।
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उपाध्यक्ष ने डोहरा रोड, पीलीभीत बाइपास सहित विभिन्न क्षेत्रों में निर्माणाधीन भवनों का निरीक्षण किया। कहा कि प्रत्येक भवन स्वामी को भवन निर्माण प्रारंभ करने से पूर्व मानचित्र स्वीकृत कराना होगा। निर्माण स्थल पर बैनर या डिस्प्ले बोर्ड लगाना होगा, जिस पर जरूरी जानकारियां अंकित करनी होंगी। स्वीकृत मानचित्र से विचलन पाए जाने पर नियमानुसार कंपाउंडिंग, सीलिंग व ध्वस्तीकरण किया जाएगा।
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कांवड़ यात्रा को देखते हुए उन्होंने बैरियर दो से बड़ा बाइपास तक चल रहे सड़क चौड़ीकरण, प्रकाश व्यवस्था और अन्य विकास का जायजा लिया। कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले सभी निर्माण कार्यों को पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने मार्गों की सफाई, रास्ते के अवरोधों को हटाने और यातायात को सुगम बनाने पर जोर दिया। लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
समय पर करें मानचित्रों का सत्यापन
बीडीए उपाध्यक्ष ने स्वीकृति के लिए आए मानचित्रों का औचक निरीक्षण किया। भौतिक सत्यापन करते हुए अधिकारियों को नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण का उद्देश्य मानचित्रों की वास्तविकता, भूमि के स्वामित्व, मार्ग की उपलब्धता, भू-उपयोग और भवन उपविधियों की जांच करना रहा। उन्होंने कहा कि स्थलीय सत्यापन और अभिलेखीय परीक्षण के बिना किसी भी मानचित्र को स्वीकृति न दी जाए। कहीं कोई विसंगति या नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।