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Budaun News: सिस्टम लोड झेलने को तैयार नहीं...गर्मी में बढ़ गई 10 लाख यूनिट की खपत
Tue, 21 May 2024 05:25 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 21 May 2024 05:25 AM IST
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बदायूं। गर्मी में 10 लाख यूनिट बिजली का खर्चा और बढ़ गया है। पिछले साल जहां मई में गर्मी में 90 लाख यूनिट की खपत हो रही थी। अब यह खपत बढ़कर एक करोड़ यूनिट हो गई।
जिस हिसाब से खपत और लोड बढ़ा। उसके अनुसार सिस्टम में सुधार नहीं आया है। हालांकि पहले भी कई बार दावा किया गया कि लगातार लाइन मरम्मत का काम चल रहा है, लेकिन अभी भी कई जगह जर्जर लाइनें हैं। ट्रांसफार्मरों की क्षमता भी लोड के हिसाब से कम है। लोड अधिक होने से लगातार बिजली कटौती भी बढ़ रही है। ट्रिपिंग भी हो रही है। उपभोक्ता पसीना बहा रहे हैं।
विद्युत निगम की ओर से फरवरी में अनुरक्षण माह शुरू हुआ था। इसके तहत जिले की सभी जर्जर लाइनों को बदला जाना था। इसके अलावा और भी मरम्मत कार्य कराए जाने थे, जिससे उपभोक्ताओं को गर्मी में पसीना बहाना न पड़े। अनुरक्षण माह शुरू हुआ और कागजों में खत्म भी हो गया, लेकिन जिले की जर्जर लाइनों को बदलने का काम पूरा नहीं हो पाया।
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पिछले दो माह पहले शहर में ही करीब एक दर्जन ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि होनी थी। कुछ नए ट्रांसफॉर्मर भी रखवाए जाने थे। इस पर लगातार काम करने का दावा भी किया जा रहा है, लेकिन अभी यह कार्य पूरा भी नहीं हो पाया है।
कछला में शेड्यूल के हिसाब से नहीं आती बिजली
नगर पंचायत कछला में वैसे तो 18 घंटे का शेड्यूल है लेकिन यहां कभी शेड्यूल के हिसाब से बिजली नहीं आती। पिछले दिनों स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत दर्ज कराई। तब कहीं कुछ सुधार हुआ, लेकिन गर्मी बढ़ने के बाद फिर भी दिक्कत आना शुरू हो गई है। यहां लो वोल्टेज की समस्या भी काफी ज्यादा है। पूरे कस्बे में 140 वोल्टेज ही आते हैं। इस वजह से लोगों के इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण भी नहीं चल पाते। अब ताे पंखे भी गरम हवा फेंक रहे हैं। कस्बे में 700 उपभोक्ता हैं।
अलग होंगे ग्रामीण क्षेत्र के फीडर, तब सुधरेगी बिजली व्यवस्था
सैदपुर कस्बे के गिरधरपुर मोहल्ले में 250 केवीए का ट्रांसफार्मर लगा था। उसके स्थान पर अब 400 केवीए का ट्रांसफॉर्मर लगा दिया गया है, जिससे ट्रिपिंग और लो वोल्टेज की समस्या में कुछ सुधार आया है, लेकिन आरडीएसएस योजना के तहत अमरोली फीडर और हतरा फीडर के ट्यूबवेल व ग्रामीण क्षेत्र के फीडर अलग होंगे तो कहीं बिजली व्यवस्था में सुधार आएगा। इस समय कस्बे में 20 घंटे बिजली आने का दावा किया जा रहा है।
वजीरगंज कस्बे में 20 घंटे का दावा, मिल रही 16 घंटे बिजली
वजीरगंज कस्बे में 20 घंटे आपूर्ति देने का दावा है, लेकिन उसके हिसाब से बिजली नहीं मिल रही है। कस्बे में केवल 16 से 17 घंटे ही बिजली आपूर्ति मिल रही है। अधिकारियों का दावा है कि पहले कस्बे में लोड 120 एंपियर था, जो अब बढ़कर 135 एंपियर पहुंच गया है। गर्मी बढ़ने पर लोड भी बढ़ सकता है। जेई धर्मात्मा कुमार गौड़ का कहना है कि कस्बे में अधिक लोड बढ़ने पर ट्रांसफार्मर पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। क्योंकि ट्रांसफाॅर्मर की क्षमता 165 एंपियर है।
अधीक्षण अभियंता अखिलेश कुमार ने बताया कि सिस्टम को लोड के अनुरूप चलाए जाने के लिए नए ट्रांसफार्मर और क्षमता वृद्धि बढ़ाने के काम चल रहे हैं, जो काम रह गए हैं, उन्हें जल्द से जल्द पूरा कराएंगे। सब स्टेशनों का निरीक्षण करके अनुरक्षण कार्य भी कराए जा रहे हैं। पीक आवर्स में लोड मैनेजमेंट के लिए अभियंताओं को जिम्मेदारी दी गई है।
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जिस हिसाब से खपत और लोड बढ़ा। उसके अनुसार सिस्टम में सुधार नहीं आया है। हालांकि पहले भी कई बार दावा किया गया कि लगातार लाइन मरम्मत का काम चल रहा है, लेकिन अभी भी कई जगह जर्जर लाइनें हैं। ट्रांसफार्मरों की क्षमता भी लोड के हिसाब से कम है। लोड अधिक होने से लगातार बिजली कटौती भी बढ़ रही है। ट्रिपिंग भी हो रही है। उपभोक्ता पसीना बहा रहे हैं।
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विद्युत निगम की ओर से फरवरी में अनुरक्षण माह शुरू हुआ था। इसके तहत जिले की सभी जर्जर लाइनों को बदला जाना था। इसके अलावा और भी मरम्मत कार्य कराए जाने थे, जिससे उपभोक्ताओं को गर्मी में पसीना बहाना न पड़े। अनुरक्षण माह शुरू हुआ और कागजों में खत्म भी हो गया, लेकिन जिले की जर्जर लाइनों को बदलने का काम पूरा नहीं हो पाया।
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पिछले दो माह पहले शहर में ही करीब एक दर्जन ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि होनी थी। कुछ नए ट्रांसफॉर्मर भी रखवाए जाने थे। इस पर लगातार काम करने का दावा भी किया जा रहा है, लेकिन अभी यह कार्य पूरा भी नहीं हो पाया है।
कछला में शेड्यूल के हिसाब से नहीं आती बिजली
नगर पंचायत कछला में वैसे तो 18 घंटे का शेड्यूल है लेकिन यहां कभी शेड्यूल के हिसाब से बिजली नहीं आती। पिछले दिनों स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत दर्ज कराई। तब कहीं कुछ सुधार हुआ, लेकिन गर्मी बढ़ने के बाद फिर भी दिक्कत आना शुरू हो गई है। यहां लो वोल्टेज की समस्या भी काफी ज्यादा है। पूरे कस्बे में 140 वोल्टेज ही आते हैं। इस वजह से लोगों के इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण भी नहीं चल पाते। अब ताे पंखे भी गरम हवा फेंक रहे हैं। कस्बे में 700 उपभोक्ता हैं।
अलग होंगे ग्रामीण क्षेत्र के फीडर, तब सुधरेगी बिजली व्यवस्था
सैदपुर कस्बे के गिरधरपुर मोहल्ले में 250 केवीए का ट्रांसफार्मर लगा था। उसके स्थान पर अब 400 केवीए का ट्रांसफॉर्मर लगा दिया गया है, जिससे ट्रिपिंग और लो वोल्टेज की समस्या में कुछ सुधार आया है, लेकिन आरडीएसएस योजना के तहत अमरोली फीडर और हतरा फीडर के ट्यूबवेल व ग्रामीण क्षेत्र के फीडर अलग होंगे तो कहीं बिजली व्यवस्था में सुधार आएगा। इस समय कस्बे में 20 घंटे बिजली आने का दावा किया जा रहा है।
वजीरगंज कस्बे में 20 घंटे का दावा, मिल रही 16 घंटे बिजली
वजीरगंज कस्बे में 20 घंटे आपूर्ति देने का दावा है, लेकिन उसके हिसाब से बिजली नहीं मिल रही है। कस्बे में केवल 16 से 17 घंटे ही बिजली आपूर्ति मिल रही है। अधिकारियों का दावा है कि पहले कस्बे में लोड 120 एंपियर था, जो अब बढ़कर 135 एंपियर पहुंच गया है। गर्मी बढ़ने पर लोड भी बढ़ सकता है। जेई धर्मात्मा कुमार गौड़ का कहना है कि कस्बे में अधिक लोड बढ़ने पर ट्रांसफार्मर पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। क्योंकि ट्रांसफाॅर्मर की क्षमता 165 एंपियर है।
अधीक्षण अभियंता अखिलेश कुमार ने बताया कि सिस्टम को लोड के अनुरूप चलाए जाने के लिए नए ट्रांसफार्मर और क्षमता वृद्धि बढ़ाने के काम चल रहे हैं, जो काम रह गए हैं, उन्हें जल्द से जल्द पूरा कराएंगे। सब स्टेशनों का निरीक्षण करके अनुरक्षण कार्य भी कराए जा रहे हैं। पीक आवर्स में लोड मैनेजमेंट के लिए अभियंताओं को जिम्मेदारी दी गई है।