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300 बेड के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के गेट और सड़क का निर्माण पूरा
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बरेली में नवनिर्मित 300 बेड का सरकारी अस्पताल।
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
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बरेली। 300 बेड के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के गेट और सड़क का निर्माण पूरा कर लिया गया है। मुख्य गेट बनाकर उसके सामने खड़ी दीवार भी तोड़ दी गई है। कार्यदायी संस्था ने फरवरी के अंतिम सप्ताह तक हर हाल में भवन स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर करने की बात कही है। संस्था का कहना है कि एक हफ्ते में भवन की फिनिशिंग का काम भी पूरा कर लिया जाएगा।
पिछली सपा सरकार में मानसिक अस्पताल की जमीन पर सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल बनना शुरू हुआ था। 73 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को 2015 में पूरा किया जाना था, लेकिन बार-बार बिल्डिंग के निर्माण को पूरा करने की तारीखें बढ़ती चली गईं। बजट भी रिवाइज किया गया। दो साल से अस्पताल की बिल्डिंग में ओपीडी शुरू कराने का दावा हो रहा है, लेकिन शुरू अब तक नहीं हो सकी है। देखरेख के अभाव में अस्पताल की बिल्डिंग में रखे उपकरण धूल फ ांक रहे हैं। हालांकि अब भवन का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। मुख्य गेट का निर्माण कर उसके सामने खड़ी दीवार को भी ढहा दिया गया है। सीएमओ डॉ. विनीत कुमार शुक्ल ने कार्यदायी संस्था के हवाले से बताया कि फरवरी के अंत तक भवन स्वास्थ्य विभाग को मिल सकता है। संस्था इन दिनों भवन की फिनिशिंग का कार्य कर रही है, जो हफ्ते भर में पूरा हो जाएगा।
भवन मिल भी गया तो कैसे चलेगी ओपीडी
बरेली। तीन सौ बेड का भवन स्वास्थ्य विभाग को मिलने के बाद इसे चलाना एक बड़ी चुनौती होगी। कारण, विभाग के पास स्टाफ की काफी कमी है। जिला अस्पताल में ही फिजीशियन, सर्जन, आई सर्जन, हड्डी रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, न्यूरोलॉजिस्ट, चेस्ट फिजीशियन समेत तमाम विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी तो जिला अस्पताल में पहले से ही है। ऐसे में तीन सौ बेड को चलाना चुनौती भरा होगा। हालांकि सीएमओ कार्यालय की ओर से शासन से विशेषज्ञ डॉक्टर मांगे गए हैं।
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पिछली सपा सरकार में मानसिक अस्पताल की जमीन पर सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल बनना शुरू हुआ था। 73 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को 2015 में पूरा किया जाना था, लेकिन बार-बार बिल्डिंग के निर्माण को पूरा करने की तारीखें बढ़ती चली गईं। बजट भी रिवाइज किया गया। दो साल से अस्पताल की बिल्डिंग में ओपीडी शुरू कराने का दावा हो रहा है, लेकिन शुरू अब तक नहीं हो सकी है। देखरेख के अभाव में अस्पताल की बिल्डिंग में रखे उपकरण धूल फ ांक रहे हैं। हालांकि अब भवन का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। मुख्य गेट का निर्माण कर उसके सामने खड़ी दीवार को भी ढहा दिया गया है। सीएमओ डॉ. विनीत कुमार शुक्ल ने कार्यदायी संस्था के हवाले से बताया कि फरवरी के अंत तक भवन स्वास्थ्य विभाग को मिल सकता है। संस्था इन दिनों भवन की फिनिशिंग का कार्य कर रही है, जो हफ्ते भर में पूरा हो जाएगा।
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भवन मिल भी गया तो कैसे चलेगी ओपीडी
बरेली। तीन सौ बेड का भवन स्वास्थ्य विभाग को मिलने के बाद इसे चलाना एक बड़ी चुनौती होगी। कारण, विभाग के पास स्टाफ की काफी कमी है। जिला अस्पताल में ही फिजीशियन, सर्जन, आई सर्जन, हड्डी रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, न्यूरोलॉजिस्ट, चेस्ट फिजीशियन समेत तमाम विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी तो जिला अस्पताल में पहले से ही है। ऐसे में तीन सौ बेड को चलाना चुनौती भरा होगा। हालांकि सीएमओ कार्यालय की ओर से शासन से विशेषज्ञ डॉक्टर मांगे गए हैं।
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