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अक्तूबर में शुरू होगा बरेली-सितारगंज फोरलेन हाईवे का निर्माण
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पीलीभीत हाईवे।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
निर्माण में आडे़ आने वाले पेड़ों को डीएम ने ट्रांसलोकेट करने के दिए निर्देश
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70.87 किमी होगी लंबाई, आठ बाईपास, दो फ्लाईओवर का निर्माण प्रस्तावित
बरेली। भारतमाला परियोजना के तहत बरेली से पीलीभीत होते हुए सितारगंज तक फोरलेन हाईवे का निर्माण अक्तूबर से शुरू हो जाएगा। कमिश्नर आर. रमेश कुमार ने एडीएम (वित्त एवं राजस्व) को नोडल अधिकारी नामित करते हुए प्रशासनिक स्तर पर सभी औपचारिकताएं तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। डीएम नितीश कुमार ने पेड़ों को काटने के बजाय ट्रांसलोकेट करने को कहा है।
कमिश्नरी सभागार में सोमवार को कमिश्नर ने बरेली-सितारंज हाईवे के निर्माण के संबंध में बैठक की। इसमें बरेली और पीलीभीत के डीएम, एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर, वन संरक्षक, प्रभागीय वनाधिकारी, अपर आयुक्त, सिटी मजिस्ट्रेट आदि अफसर मौजूद रहे। कमिश्नर ने अफसरों को परिसंपत्तियों के आकलन और संयुक्त सर्वे का कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करने को कहा। डीएम नितीश कुमार ने निर्माण कार्य में आड़े आने वाले पेड़ों को ट्रांसलोकेट करने को कहा। वन संरक्षक जावेद अख्तर ने सड़क के दोनों ओर के बजाय ओर एक ही ओर चौड़ीकरण करने का सुझाव दिया, ताकि एक ओर के पेड़ सुरक्षित रहें।
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एनएचएआई के परियोजना निदेशक अमित रंजन चित्रांशी ने बताया कि बरेली से पीलीभीत होते हुए सितारगंज तक हाईवे की लंबाई 70.87 किमी है। हाईवे बरेली से नवाबगंज, पीलीभीत और अमरिया होते हुए सितारगंज तक जाएगा। फोरलेन करने के लिए कुल 45.670 किमी ग्रीनफील्ड सड़क का निर्माण प्रस्तावित है। इस दौरान आठ बाईपास और दो फ्लाईओवर भी बनेंगे।
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70.87 किमी होगी लंबाई, आठ बाईपास, दो फ्लाईओवर का निर्माण प्रस्तावित बरेली। भारतमाला परियोजना के तहत बरेली से पीलीभीत होते हुए सितारगंज तक फोरलेन हाईवे का निर्माण अक्तूबर से शुरू हो जाएगा। कमिश्नर आर. रमेश कुमार ने एडीएम (वित्त एवं राजस्व) को नोडल अधिकारी नामित करते हुए प्रशासनिक स्तर पर सभी औपचारिकताएं तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। डीएम नितीश कुमार ने पेड़ों को काटने के बजाय ट्रांसलोकेट करने को कहा है।
कमिश्नरी सभागार में सोमवार को कमिश्नर ने बरेली-सितारंज हाईवे के निर्माण के संबंध में बैठक की। इसमें बरेली और पीलीभीत के डीएम, एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर, वन संरक्षक, प्रभागीय वनाधिकारी, अपर आयुक्त, सिटी मजिस्ट्रेट आदि अफसर मौजूद रहे। कमिश्नर ने अफसरों को परिसंपत्तियों के आकलन और संयुक्त सर्वे का कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करने को कहा। डीएम नितीश कुमार ने निर्माण कार्य में आड़े आने वाले पेड़ों को ट्रांसलोकेट करने को कहा। वन संरक्षक जावेद अख्तर ने सड़क के दोनों ओर के बजाय ओर एक ही ओर चौड़ीकरण करने का सुझाव दिया, ताकि एक ओर के पेड़ सुरक्षित रहें।
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एनएचएआई के परियोजना निदेशक अमित रंजन चित्रांशी ने बताया कि बरेली से पीलीभीत होते हुए सितारगंज तक हाईवे की लंबाई 70.87 किमी है। हाईवे बरेली से नवाबगंज, पीलीभीत और अमरिया होते हुए सितारगंज तक जाएगा। फोरलेन करने के लिए कुल 45.670 किमी ग्रीनफील्ड सड़क का निर्माण प्रस्तावित है। इस दौरान आठ बाईपास और दो फ्लाईओवर भी बनेंगे।