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Bareilly News: मदरसों में पढ़ाया जाए भारत का संविधान
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बरेली। गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में शुक्रवार को ऑल इंडिया मुस्लिम जमात की ओर से दरगाह आला हजरत स्थित ग्रैंड मुफ्ती हाउस में जश्न-ए-जम्हूरियत मनाया गया। इसमें आयोजित गोष्ठी में उलमा ने आपसी भाईचारे और एकता पर जोर दिया गया।
मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि गणतंत्र दिवस हमारे देश के लिए जश्न का दिन है। अल्पसंख्यक और बहुसंख्यक के लिए बड़ी नेमत है। उन्होंने कहा कि तमाम मुस्लिम संस्थाओं की ओर से स्थापित स्कूल, कॉलेज और खास तौर पर मदरसों के जिम्मेदारान से अपील करते हुए कहा कि हर बच्चे को भारतीय संविधान पढ़ाएं, ताकि नई पीढ़ी ये जान सके कि संविधान ने अपने नागरिकों को कौन-कौन से अधिकार दिए हैं और किस तरह से हमें आजादी हासिल है।
मौलाना हाशिम रजा खां ने कहा भारत विकास और विश्व नेतृत्व के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। इसलिए इसकी महत्वाकांक्षाओं और घरेलू असंगतियों के बीच संतुलन बनाने की आवश्यकता है।
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इस्लामिक रिसर्च सेंटर के उप निदेशक आरिफ अंसारी, समाजसेवी हाजी नाजीम बेग, मौलाना सूफी मुजाहिद हुसैन कादरी ने कहा कि भड़काऊ बयानबाजी को खारिज किया जाना चाहिए और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के प्रति प्रतिबद्धता की पुष्टि की जानी चाहिए। गोष्ठी में मौलाना हसनैन रजा, कारी मुस्तकीम अहमद, रोमान अंसारी, हाफिज रजी अहमद, जोहेब अंसारी, मौलाना सैयद शाबान अली उपस्थित रहे। संवाद
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मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि गणतंत्र दिवस हमारे देश के लिए जश्न का दिन है। अल्पसंख्यक और बहुसंख्यक के लिए बड़ी नेमत है। उन्होंने कहा कि तमाम मुस्लिम संस्थाओं की ओर से स्थापित स्कूल, कॉलेज और खास तौर पर मदरसों के जिम्मेदारान से अपील करते हुए कहा कि हर बच्चे को भारतीय संविधान पढ़ाएं, ताकि नई पीढ़ी ये जान सके कि संविधान ने अपने नागरिकों को कौन-कौन से अधिकार दिए हैं और किस तरह से हमें आजादी हासिल है।
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मौलाना हाशिम रजा खां ने कहा भारत विकास और विश्व नेतृत्व के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। इसलिए इसकी महत्वाकांक्षाओं और घरेलू असंगतियों के बीच संतुलन बनाने की आवश्यकता है।
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इस्लामिक रिसर्च सेंटर के उप निदेशक आरिफ अंसारी, समाजसेवी हाजी नाजीम बेग, मौलाना सूफी मुजाहिद हुसैन कादरी ने कहा कि भड़काऊ बयानबाजी को खारिज किया जाना चाहिए और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के प्रति प्रतिबद्धता की पुष्टि की जानी चाहिए। गोष्ठी में मौलाना हसनैन रजा, कारी मुस्तकीम अहमद, रोमान अंसारी, हाफिज रजी अहमद, जोहेब अंसारी, मौलाना सैयद शाबान अली उपस्थित रहे। संवाद