लुटेरा सिपाही: खुद को इंस्पेक्टर बताकर राजमिस्त्री और किसान से की लूटपाट, पकड़ा गया तो रोने लगा
पीलीभीत जिले में जनता का रक्षक ही लुटेरा निकला। एक सिपाही ने अपने साथियों के साथ मिलकर दो लोगों से लूटपाट की। पुलिस ने आरोपी सिपाही और उसके साथी गिरफ्तार कर लिया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पीलीभीत के पूरनपुर में इंस्पेक्टर क्राइम बताकर लूटपाट करने वाले सिपाही और उसके साथी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से लूटा गया मोबाइल फोन, पांच हजार रुपये और घटना में प्रयुक्त कार बरामद कर ली गई है। दो आरोपी अभी फरार हैं। इनकी तलाश में पुलिस जुटी है।
पूरनपुर की पुलिस चौकी पर तैनात सिपाही रामू सिंह ने अपने तीन अन्य साथियों की मदद से बृहस्पतिवार शाम करीब चार बजे सीओ कार्यालय से कुछ दूरी पर पूरनपुर के गांव ढका जमीमा गांव निवासी राजमिस्त्री कमर को रोका। खुद को इंस्पेक्टर क्राइम बताकर तलाशी के नाम पर मोबाइल फोन और तीन हजार रुपये लूट लिए।
इसके बाद कार सवार चारों आरोपियों ने सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र के गांव दुर्जनपुर कला निवासी किसान जितेंद्र सिंह को भी रोका। खुद को सीबीआई इंस्पेक्टर बताते हुए तलाशी के नाम पर दो हजार रुपये छीन लिए। साथ ही उसके फोन से मोहल्ला रजागंज निवासी सरफराज के खाते में जबरिया 14 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए।
लोकसभा चुनाव: सहसवान और गुन्नौर में सपा की किलाबंदी तोड़ने में जुटी भाजपा, अखिलेश ने खुद संभाला मोर्चा
कमर और जितेंद्र ने कोतवाली पहुंचकर घटना की तहरीर दी। पुलिस ने लूट और धोखाधड़ी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली। शुक्रवार को पुलिस ने पूरनपुर देहात के राजीव नगर चौराहे के समीप से कांस्टेबल रामू सिंह और उसके साथी मोहल्ला रजागंज निवासी सरफराज को कार, लूटे गए मोबाइल और पांच हजार रुपये सहित गिरफ्तार कर चालान कर दिया। रामू सिंह हरदोई के अरवल थाना क्षेत्र के गांव खजीपुर चैन सिंह का रहने वाला है।
रो पड़ा सिपाही... बोला गलती हो गई
कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार सिपाही का शुक्रवार को जब चालान किया, तब उसकी पत्नी भी कोतवाली पहुंच गई थी। पत्नी की आंखों में आंसू देखकर सिपाही भी रो पड़ा। सिपाही कोतवाल से बोला, साहब छोड़ दो गलती हो गई। पत्नी गर्भवती है।
लूटपाट के बाद नशे में दिया दूसरी घटना को अंजाम
सिपाही ने लूटपाट की घटना के बाद असम हाईवे के एक ढाबे पर पहुंचकर शराब पी। इसके बाद लूटी गई धनराशि का बंटवारा किया और शराब के नशे में दूसरी घटना को अंजाम दिया। जनसेवा केंद्र पर पहुंचकर खाते में ट्रांसफर हुए रुपये निकलवाकर उनका भी बंटवारा कर लिया।
जिस ब्रैजा कार से लूटपाट और ठगी की घटना को अंजाम दिया गया। वह गांव ढक्का चांट के एक किसान के पुत्र की है। कार को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।
सीओ पूरनपुर आलोक सिंह ने बताया कि दोनों घटनाओं की सूचना बृहस्पतिवार को कोतवाली पुलिस को मिली थी, जांच में दोनों मामले सही पाए गए। घटना में कोतवाली में तैनात सिपाही रामू सिंह सहित चार लोग शामिल पाए गए। रिपोर्ट दर्ज कराकर सिपाही सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चालान कराया गया है। फरार दोनों आरोपियों की तलाश कराई जा रही है।
शातिर है आरोपी सिपाही
इंस्पेक्टर क्राइम, सीबीआई इंस्पेक्टर बनकर लूटपाट और धोखाधड़ी कर जबरिया खाते में धनराशि ट्रांसफर कराने की घटना पहली बार नहीं हुई है। जिस सिपाही का चालान किया गया वह काफी शातिर है। हजारा, घुंघचाई थाने में तैनाती के दौरान उसके कई मामले प्रकाश में आए थे।
मूलरूप से हरदोई के थाना अरवल के गांव खजीपुर चैनसिंह निवासी सिपाही राम सिंह ने हजारा थाने में तैनाती के दौरान रिश्वत के नाम पर एक ग्रामीण की बाइक औने-पौने दामों में बिकवा दी थी। मामला संज्ञान में आया तो उसे लाइन हाजिर कर दिया गया था। इसके अलावा घुंघचाई में तैनाती के दौरान भी उसने खूब उत्पात मचाया। एक गंभीर मामले में तो वहां तैनात रहे एसओ ने सिपाही को रात भर हवालात में बंद रखवाया था। माफी मांगने पर उसे छोड़ा गया था।
बताया जाता है कि सिपाही ने कुछ दिन पहले शेरपुरकलां में पहुंचकर गोहत्या के नाम पर भी वसूली की कोशिश की थी। रुपये न मिलने पर उसने इंस्पेक्टर को भ्रमित पर पुलिस टीम से शेरपुरकलां में दबिश भी डलवाई थी। इसके अलावा भी कई ऐसे मामले रहे जिसमें पीडि़त भयवश शिकायत करने अफसरों तक नहीं पहुंचे।