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Bareilly News: आईजीआरएस पर शिकायत, अयोग्य को बना दिया प्रोफेसर

Mon, 13 May 2024 05:20 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Mon, 13 May 2024 05:20 AM IST
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Complaint on IGRS, ineligible person made professor
बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के पादप विज्ञान विभाग में कार्यरत प्रोफेसर की नियुक्ति पर सवाल उठ रहे हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कुलपति से घनिष्ठ संबंध होने के कारण अयोग्य को आचार्य पद पर नियुक्त किया गया है। इस मामले की जांच कर नियुक्ति निरस्त करने की मांग की गई है।
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हरुनगला निवासी जितेंद्र कुमार ने 22 अप्रैल को आईजीआरएस पर पादप विज्ञान विभाग के प्रोफेसर उपेंद्र कुमार की नियुक्ति को लेकर शिकायत की थी। उन्होंने कहा कि कुलपति प्रो. केपी सिंह ने पादप विज्ञान विभाग में अपने गृह क्षेत्र के उपेंद्र कुमार को जरूरी योग्यता नहीं होने के बाद भी नियुक्ति दे दी। यूजीसी रेगुलेशन 2018 के प्रावधानों का उल्लंघन कर उन्हें सहायक आचार्य से सीधे आचार्य पद पर तैनात किया गया है। इस वर्ष यह दूसरा मामला है जब विवि में शिक्षकों की नियुक्ति पर सवाल उठाए गए हैं। हाल में ही इतिहास विभाग के शिक्षक की नियुक्ति की भी शिकायत हुई थी।
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योग्यता पर उठाए सवाल
शिकायतकर्ता का आरोप है कि उपेंद्र ने नेट वर्ष 2014 में एग्रीकल्चर बायोटेक्नोलॉजी और सेट उत्तराखंड के लिए वर्ष 2012 में उत्तीर्ण किया था। सेट चार वर्ष के लिए ही मान्य होना चाहिए। उनका 10 वर्ष का अनुभव भी सहायक आचार्य के समकक्ष वेतनमान में नहीं है, क्योंकि वह संविदा पर नियुक्त थे। वहीं, उनका उत्तराखंड काउंसिल फॉर बायोटेक्नोलॉजी से हिसार कृषि विश्वविद्यालय के बीच में सर्विस ब्रेक है। वह जीबी पंत एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय पंतनगर में पोस्ट डॉक्टोरल फेलो की तरह थे। उनके 10 से कम शोधपत्र प्रकाशित हुए हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर भी पूर्व का अनुभव साझा नहीं किया है। इसलिए आचार्य पद पर उनकी नियुक्ति विधि सम्मत नहीं है।
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मानकों को किया गया दरकिनार
शिकायतकर्ता का आरोप है कि प्रो. केपी सिंह जब हिसार कृषि विश्वविद्यालय में कुलपति थे तो वहां उपेंद्र को सहायक प्रोफेसर पद पर नियुक्त किया गया। उसके बाद रुविवि का कुलपति बनने पर प्रो. केपी सिंह ने मानकों को दरकिनार कर उपेंद्र को सीधे आचार्य पद पर नियुक्त कर दिया। यह कुलपति और उपेंद्र कुमार के मध्य घनिष्ठ संबंधों को दर्शाता है।


वर्जन
पादप विज्ञान के प्रोफेसर उपेंद्र कुमार की नियुक्ति को लेकर आईजीआरएस पर शिकायत मिली थी। इसका जवाब दे दिया गया है। सभी नियुक्तियां उप्र राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम और यूजीसी के प्रावधानों के तहत की गई हैं। - डॉ. अमित सिंह, मीडिया प्रभारी, रुहेलखंड विश्वविद्यालय
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