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सराहनीय : टीबी चैंपियन जगा रहे क्षय रोग से मुक्ति की अलख
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बरेली। क्षय रोग की पुष्टि होने पर हिम्मत जबाव देने लगती है, लेकिन कुछ लोग इसकी चपेट में आने पर हिम्मत नहीं हारते। इसके चंगुल से मुक्त होकर दूसरों को भी जागरूक कर उन्हें रोग से सुरक्षित करते हैं। स्वास्थ्य विभाग ऐसे लोगों को टीबी चैंपियन का दर्जा दे रहा है। जो निशुल्क सेवा देते हैं।
जिला क्षय रोग केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक क्षय रोग की चपेट में रहा प्रत्येक मरीज जो स्वस्थ हो गया है, वे टीबी चैंपियन बन सकते हैं। हालांकि, किन्हीं वजहों से कुछ लोग ही आगे आने को तैयार होते हैं। जिन्हें टीबी चैंपियन का दर्जा दिया जाता है। जिला पीपीएम कोऑर्डिनेटर विजय के मुताबिक चयनित लोग टीबी रोग के कारण, बचाव और इलाज समेत नियमित दवा सेवन के प्रति मरीजों को जागरूक करते हैं। टीम के साथ क्षेत्र में पहुंचकर अपनी तकलीफ साझा कर लोगों के बलगम सैंपल कलेक्शन कराने में सहयोग करते हैं।
बताया कि क्षय रोगी खोजने के अभियान में भी टीबी चैंपियन की मदद ली जाती है। बताया कि बीते साल मझगवां की नीरज सिंह ने टीबी चैंपियन बनकर 300 से ज्यादा रोगियों को खोजने में मदद की थी।
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क्षय रोग उन्मूलन में जिला 14वें पायदान पर
बीते दिनों शासन की ओर से जारी क्षय रोग उन्मूलन की रैंकिंग में जिला 14वें पायदान पर दर्ज हुआ है। इससे पहले 34 रैंक थी। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. केसी जोशी के मुताबिक शासन से निर्धारित नौ सूचकांक पर रिपोर्ट तैयार होती है। रैंकिंग को पहले पायदान पर पहुंचाने के लिए दिशानिर्देश के अनुसार गतिविधियां चल रही हैं।
ग्राम पंचायतें भी हो रहीं क्षय रोग से मुक्त
बीते माह क्षय रोग मुक्त ग्राम पंचायत अवॉर्ड के लिए सत्यापन हुआ था। 13 पंचायत पास हुईं। इसमें नवाबगंज की काशीपुर धर्मपुर, खाई खेड़ा, प्रेमपुर मुरारपुर, सिथरा, बहेड़ी की हरसूनगला, भैनसिया, आमडंडा, रेतवाड़ा, शेरगढ़ की खाता, नियामतपुर, ढकिया डाम, क्यारा की ठिरिया ठुकरान, कुआंडांडा की कंजा चकरपुर ग्राम पंचायत पास हुई हैं।
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जिला क्षय रोग केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक क्षय रोग की चपेट में रहा प्रत्येक मरीज जो स्वस्थ हो गया है, वे टीबी चैंपियन बन सकते हैं। हालांकि, किन्हीं वजहों से कुछ लोग ही आगे आने को तैयार होते हैं। जिन्हें टीबी चैंपियन का दर्जा दिया जाता है। जिला पीपीएम कोऑर्डिनेटर विजय के मुताबिक चयनित लोग टीबी रोग के कारण, बचाव और इलाज समेत नियमित दवा सेवन के प्रति मरीजों को जागरूक करते हैं। टीम के साथ क्षेत्र में पहुंचकर अपनी तकलीफ साझा कर लोगों के बलगम सैंपल कलेक्शन कराने में सहयोग करते हैं।
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बताया कि क्षय रोगी खोजने के अभियान में भी टीबी चैंपियन की मदद ली जाती है। बताया कि बीते साल मझगवां की नीरज सिंह ने टीबी चैंपियन बनकर 300 से ज्यादा रोगियों को खोजने में मदद की थी।
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क्षय रोग उन्मूलन में जिला 14वें पायदान पर
बीते दिनों शासन की ओर से जारी क्षय रोग उन्मूलन की रैंकिंग में जिला 14वें पायदान पर दर्ज हुआ है। इससे पहले 34 रैंक थी। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. केसी जोशी के मुताबिक शासन से निर्धारित नौ सूचकांक पर रिपोर्ट तैयार होती है। रैंकिंग को पहले पायदान पर पहुंचाने के लिए दिशानिर्देश के अनुसार गतिविधियां चल रही हैं।
ग्राम पंचायतें भी हो रहीं क्षय रोग से मुक्त
बीते माह क्षय रोग मुक्त ग्राम पंचायत अवॉर्ड के लिए सत्यापन हुआ था। 13 पंचायत पास हुईं। इसमें नवाबगंज की काशीपुर धर्मपुर, खाई खेड़ा, प्रेमपुर मुरारपुर, सिथरा, बहेड़ी की हरसूनगला, भैनसिया, आमडंडा, रेतवाड़ा, शेरगढ़ की खाता, नियामतपुर, ढकिया डाम, क्यारा की ठिरिया ठुकरान, कुआंडांडा की कंजा चकरपुर ग्राम पंचायत पास हुई हैं।